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स्वस्थ्य विभाग ने संबधित फर्म का भुगतान रोका
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एटा। कोरोना वायरस के सैंपल के लिए जैम पोर्टल से खरीदी गई वायल का भुगतान स्वास्थ्य विभाग ने रोक दिया है। वहीं संबंधित वायल की जांच कराने की बात कही है। जिले से कोरोना की जांच के लिए वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम) वायल के माध्यम से सैंपल भेजा जाता है।
जहां बीते दिनों सैंपल लेने के लिए वायल दिल्ली की एक फर्म से जैम पोर्टल द्वारा खरीदे गए। जहां फर्म की वायल में अब तक 141 सैंपल जांच के लिए भेजे गए, इसमें से 41 सैंपल की वायल लीक निकली। इस पर अलीगढ़ में सैंपल को रिजेक्ट कर दिया गया। सैंपल रिजेक्ट होने से हड़कंप मच गया।
जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन सिंह ने बताया कि जिस फर्म से वायल खरीदी गई थी। वहीं से कुछ गड़बड़ी थी, इसी के चलते संबंधित फर्म का भुगतान रोक दिया गया है। चीफ फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली की एक फर्म से वायल को खरीदा गया है। जहां 180 रुपये की एक वायल खरीदी गई है।
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प्रत्येक वायल को हिलाकर करें चेक
सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल ने चीफ फार्मासिस्ट को निर्देश दिए हैं कि जो वायल बची हैं। उनको हिलाकर चेक किया जाए। इसके बाद ही सैंपल के लिए दी जाएं।
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जहां बीते दिनों सैंपल लेने के लिए वायल दिल्ली की एक फर्म से जैम पोर्टल द्वारा खरीदे गए। जहां फर्म की वायल में अब तक 141 सैंपल जांच के लिए भेजे गए, इसमें से 41 सैंपल की वायल लीक निकली। इस पर अलीगढ़ में सैंपल को रिजेक्ट कर दिया गया। सैंपल रिजेक्ट होने से हड़कंप मच गया।
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जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन सिंह ने बताया कि जिस फर्म से वायल खरीदी गई थी। वहीं से कुछ गड़बड़ी थी, इसी के चलते संबंधित फर्म का भुगतान रोक दिया गया है। चीफ फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली की एक फर्म से वायल को खरीदा गया है। जहां 180 रुपये की एक वायल खरीदी गई है।
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प्रत्येक वायल को हिलाकर करें चेक
सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल ने चीफ फार्मासिस्ट को निर्देश दिए हैं कि जो वायल बची हैं। उनको हिलाकर चेक किया जाए। इसके बाद ही सैंपल के लिए दी जाएं।