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Etah News: बच्चे नींद में भी कर रहे धायं...धायं
Tue, 23 May 2023 11:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 23 May 2023 11:59 PM IST
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बच्चे नींद में भी कर रहे धाएं...धाएं
ऑनलाइन खेलों का बच्चों की सेहत पर पड़ रहा बुरा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
मिरहची। मुहम्मदपुर के आठ साल के बच्चे को कमांडो सीक्रेट गेम खेलने की लत ऐसी लगी कि अब वह नींद में ऐसे शब्द बोलता है कि घर परिवार के लोग उसकी इस प्रतिक्रिया से घबराए हुए हैं। नींद में वह धायं...धायं या आई विल किल यू, मार डालो... जैसे शब्द बोलता है। रात में ऐसी आवाजें सुनते ही माता-पिता उसे नींद से जगा देते हैं तब जाकर कहीं वह सामान्य होता है।
यह समस्या एक दिन कि नहीं बल्कि एक सप्ताह में चार से पांच दिन इसी तरह नींद में घबराना जैसी प्रक्रिया सामान्य हो गई है। मनोचिकित्सक का कहना है कि किसी भी चीज की लत दिमाग पर हावी हो जाए तो उसे मनोचिकित्सक की भाषा में ड्रीम वर्क कहते हैं। यह ड्रीम वर्क दिमाग में इस तरह बैठ जाता हैं कि बच्चा हर वक्त उन्हीं बातों को सोचता है। कस्बा निवासी चिकित्सक अवनीश राजपूत ने बताया कि मोबाइल खेल की लत बच्चों के दिमाग पर हावी होती जा रही है जो उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
बच्चों का अकेलापन भी इसका बड़ा कारण
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल यादव ने बताया कि इस तरह के मामलों का दूसरा सबसे बड़ा कारण बच्चों का अकेलापन है। परिवार के सदस्यों को अपने काम के साथ-साथ बच्चों के साथ भी समय बिताना चाहिए।
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कोरोना काल में भी बढ़ी खेलों की लत
देखने को मिला है कि बच्चों में मोबाइल से गेम की लत कोरोना काल के बाद तेजी से बढ़ी है। माहमारी के दौरान बच्चों के हाथों में मोबाइल पकड़ा दिया। उन पर नजर भी नहीं रखी गई, ऐसे में ज्यादातर बच्चों में गेम खेलने की लत लग गई। यह गेम ज्यादातर हिंसक है और यह बच्चों के दिमाग पर अलग-अलग प्रकार के बार कर रहे हैं।
इन खेलों का असर दिमाग पर ज्यादा पड़ता
चाइनीस गेम पवजी प्रतिबंधित होने के बाद भी कई ऐसे गेम है जो बच्चों के दिमाग पर सीधा असर करती हैं। इनमें निंजा आरसी , केट मॉस, निंजा रायडेन रिवेंज, स्टार्ट अप सर्वाइकल ,रेड वाईफाई। मारधाड़ वाले खेल ज्यादातर बच्चे खेलते हैं। जिसकी तल बच्चों में लग चुकी है।
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ऑनलाइन खेलों का बच्चों की सेहत पर पड़ रहा बुरा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
मिरहची। मुहम्मदपुर के आठ साल के बच्चे को कमांडो सीक्रेट गेम खेलने की लत ऐसी लगी कि अब वह नींद में ऐसे शब्द बोलता है कि घर परिवार के लोग उसकी इस प्रतिक्रिया से घबराए हुए हैं। नींद में वह धायं...धायं या आई विल किल यू, मार डालो... जैसे शब्द बोलता है। रात में ऐसी आवाजें सुनते ही माता-पिता उसे नींद से जगा देते हैं तब जाकर कहीं वह सामान्य होता है।
यह समस्या एक दिन कि नहीं बल्कि एक सप्ताह में चार से पांच दिन इसी तरह नींद में घबराना जैसी प्रक्रिया सामान्य हो गई है। मनोचिकित्सक का कहना है कि किसी भी चीज की लत दिमाग पर हावी हो जाए तो उसे मनोचिकित्सक की भाषा में ड्रीम वर्क कहते हैं। यह ड्रीम वर्क दिमाग में इस तरह बैठ जाता हैं कि बच्चा हर वक्त उन्हीं बातों को सोचता है। कस्बा निवासी चिकित्सक अवनीश राजपूत ने बताया कि मोबाइल खेल की लत बच्चों के दिमाग पर हावी होती जा रही है जो उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
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बच्चों का अकेलापन भी इसका बड़ा कारण
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल यादव ने बताया कि इस तरह के मामलों का दूसरा सबसे बड़ा कारण बच्चों का अकेलापन है। परिवार के सदस्यों को अपने काम के साथ-साथ बच्चों के साथ भी समय बिताना चाहिए।
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कोरोना काल में भी बढ़ी खेलों की लत
देखने को मिला है कि बच्चों में मोबाइल से गेम की लत कोरोना काल के बाद तेजी से बढ़ी है। माहमारी के दौरान बच्चों के हाथों में मोबाइल पकड़ा दिया। उन पर नजर भी नहीं रखी गई, ऐसे में ज्यादातर बच्चों में गेम खेलने की लत लग गई। यह गेम ज्यादातर हिंसक है और यह बच्चों के दिमाग पर अलग-अलग प्रकार के बार कर रहे हैं।
इन खेलों का असर दिमाग पर ज्यादा पड़ता
चाइनीस गेम पवजी प्रतिबंधित होने के बाद भी कई ऐसे गेम है जो बच्चों के दिमाग पर सीधा असर करती हैं। इनमें निंजा आरसी , केट मॉस, निंजा रायडेन रिवेंज, स्टार्ट अप सर्वाइकल ,रेड वाईफाई। मारधाड़ वाले खेल ज्यादातर बच्चे खेलते हैं। जिसकी तल बच्चों में लग चुकी है।