{"_id":"61fc19ba567d3720cb7393e0","slug":"candidates-in-the-vortex-of-voters-displeasure-etah-news-agr523163131","type":"story","status":"publish","title_hn":"मतदाताओं की नाराजगी के भंवर में उम्मीदवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मतदाताओं की नाराजगी के भंवर में उम्मीदवार
विज्ञापन
अलीगंज में प्रदर्शन करतीं कांशीराम कॉलोनी की महिलाएं। संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। अलीगंज, एटा और जलेसर विस क्षेत्र में मतदाताओं की नाराजगी उभरकर सामने आई है। खुले रूप से विरोध जताते हुए तमाम मतदाताओं ने मतदान बहिष्कार का एलान किया था। हालांकि सकीट क्षेत्र के मतदाता मान गए हैं, लेकिन जलेसर और अलीगंज के मतदाता बहिष्कार पर कायम हैं।
अलीगंज कस्बा की कांशीराम आवासीय कॉलानी के लोगों ने चुनाव का एलान होते ही मतदान बहिष्कार की घोषणा कर दी थी। बाकायदा कॉलोनी गेट पर बैनर लगाकर ये लोग प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इनका कहना है कि कॉलोनी में बिजली, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। बिना बिजली मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूषित पेयजल से समय-समय पर बीमारियां फैल जाती हैं। असामाजिक तत्व महिलाओं, किशोरियों को परेशान करते हैं। बाशिंदों को निराशा है कि मतदान बहिष्कार के एलान के बावजूद कोई अधिकारी, नेता उनका दुख-दर्द जानने नहीं पहुंचा। जिसके चलते वह बहिष्कार के निर्णय पर कायम हैं।
जलेसर विधानसभा क्षेत्र के महापुर गांव के मतदाताओं ने भी यही मन बना रखा है। हालांकि यहां मुद्दे अलग हैं। ग्रामीणों के अनुसार वह दो दशक से गंदगी, पेयजल संकट तथा जर्जर प्राथमिक विद्यालय भवन की समस्या से जूझ रहे हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते लोगों ने सामूहिक रूप से मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया है। 21 जनवरी को लोगों ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शित किया था। मतदान बहिष्कार का निर्णय एटा सदर विधानसभा सीट में सकीट ब्लॉक क्षेत्र के गांव कुल्ला हबीबपुर के लोगों ने भी 21 जनवरी को विरोध प्रदर्शन करते हुए लिया था। यहां गांव के मुख्य मार्ग का जर्जर होना समस्या है। हालांकि लोग समझदारी दिखाते हुए अपना निर्णय बदल अब मतदान के लिए राजी हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अलीगंज कस्बा की कांशीराम आवासीय कॉलानी के लोगों ने चुनाव का एलान होते ही मतदान बहिष्कार की घोषणा कर दी थी। बाकायदा कॉलोनी गेट पर बैनर लगाकर ये लोग प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इनका कहना है कि कॉलोनी में बिजली, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। बिना बिजली मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूषित पेयजल से समय-समय पर बीमारियां फैल जाती हैं। असामाजिक तत्व महिलाओं, किशोरियों को परेशान करते हैं। बाशिंदों को निराशा है कि मतदान बहिष्कार के एलान के बावजूद कोई अधिकारी, नेता उनका दुख-दर्द जानने नहीं पहुंचा। जिसके चलते वह बहिष्कार के निर्णय पर कायम हैं।
विज्ञापन
जलेसर विधानसभा क्षेत्र के महापुर गांव के मतदाताओं ने भी यही मन बना रखा है। हालांकि यहां मुद्दे अलग हैं। ग्रामीणों के अनुसार वह दो दशक से गंदगी, पेयजल संकट तथा जर्जर प्राथमिक विद्यालय भवन की समस्या से जूझ रहे हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते लोगों ने सामूहिक रूप से मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया है। 21 जनवरी को लोगों ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शित किया था। मतदान बहिष्कार का निर्णय एटा सदर विधानसभा सीट में सकीट ब्लॉक क्षेत्र के गांव कुल्ला हबीबपुर के लोगों ने भी 21 जनवरी को विरोध प्रदर्शन करते हुए लिया था। यहां गांव के मुख्य मार्ग का जर्जर होना समस्या है। हालांकि लोग समझदारी दिखाते हुए अपना निर्णय बदल अब मतदान के लिए राजी हो गए हैं।
विज्ञापन