{"_id":"63b708033334e85253090e1a","slug":"blanket-quilt-in-the-night-shelter-and-less-wood-in-the-bonfire-etah-news-agr5592638188","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: रैन बसेरा में कंबल-रजाई और अलाव में लकड़ी कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: रैन बसेरा में कंबल-रजाई और अलाव में लकड़ी कम
विज्ञापन
स्थायी रैन बसेरा के निरिक्षण के दौरान कर्मचारियों से पूछताछ करते डीएम अंकित अग्रवाल। संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। शीतलहर चल रही है, पारा लुढ़क पर तीन डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा है। इस कंपकंपाने वाली सर्दी में बस स्टैंड के पास बनाए गए रैन बसेरे में इंतजाम नाकाफी हैं। रजाई-कंबलों की कमी है तो अलाव में लकड़ी कम रखी जा रही है। रात में डीएम पहुंचे तो उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और पालिका के ईओ जवाब तलब कर लिया।
बुधवार की रात डीएम अंकित अग्रवाल, एडीएम प्रशासन अलोक कुमार रोडवेज बस स्टैंड पर बने अस्थायी रैन बसेरे पर पहुंचे। यहां काफी यात्री रुके हुए थे। पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि रात 12 बजे के बाद ठहरने वालों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में कंबल कम पड़ जाते हैं। इस पर सदर एसडीएम शिवकुमार को निर्देश दिए कि यहां रजाई-कंबल अतिरिक्त रखवाए जाएं। अलाव की लकड़ी देख कहा कि यह तो आधी रात को ही समाप्त हो जाएगी। इस पर सभी चुप्पी साध गए। कहा कि इतनी लकड़ी रखी जाए जिससे पूरी रात अलाव जल सके। साथ ही सफाई बेहतर कराने, डस्टबिन और पेयजल रखवाने के निर्देश दिए। इसके बाद रोडवेज प्लेटफॉर्म पर लेटे व्यक्तियों में से जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। लोगों से रैन बसेरे में लेटने की बात कही।
मेडिकल कॉलेज के प्रांगण में बने स्थायी आश्रय स्थल का भी जायजा लेने पहुंचे। वन स्टॉप सेंटर पर पीड़िताओं से जानकारी की। वहीं आश्रय स्थल में रूम हीटर लगाने के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी गेट पर भी अलाव में कम लकड़ी मिली। इमरजेंसी में पहुंच चिकित्सकों से भर्ती मरीजों की जानकारी की। बाद में मंडी समिति में पहुंच व्यवस्थाओं को देखा। सदर तहसीलदार सीपी सिंह, नायब तहसीलदार शास्वत अग्रवाल, कोतवाली नगर प्रभारी डॉ. सुधीर राघव मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार की रात डीएम अंकित अग्रवाल, एडीएम प्रशासन अलोक कुमार रोडवेज बस स्टैंड पर बने अस्थायी रैन बसेरे पर पहुंचे। यहां काफी यात्री रुके हुए थे। पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि रात 12 बजे के बाद ठहरने वालों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में कंबल कम पड़ जाते हैं। इस पर सदर एसडीएम शिवकुमार को निर्देश दिए कि यहां रजाई-कंबल अतिरिक्त रखवाए जाएं। अलाव की लकड़ी देख कहा कि यह तो आधी रात को ही समाप्त हो जाएगी। इस पर सभी चुप्पी साध गए। कहा कि इतनी लकड़ी रखी जाए जिससे पूरी रात अलाव जल सके। साथ ही सफाई बेहतर कराने, डस्टबिन और पेयजल रखवाने के निर्देश दिए। इसके बाद रोडवेज प्लेटफॉर्म पर लेटे व्यक्तियों में से जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। लोगों से रैन बसेरे में लेटने की बात कही।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के प्रांगण में बने स्थायी आश्रय स्थल का भी जायजा लेने पहुंचे। वन स्टॉप सेंटर पर पीड़िताओं से जानकारी की। वहीं आश्रय स्थल में रूम हीटर लगाने के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी गेट पर भी अलाव में कम लकड़ी मिली। इमरजेंसी में पहुंच चिकित्सकों से भर्ती मरीजों की जानकारी की। बाद में मंडी समिति में पहुंच व्यवस्थाओं को देखा। सदर तहसीलदार सीपी सिंह, नायब तहसीलदार शास्वत अग्रवाल, कोतवाली नगर प्रभारी डॉ. सुधीर राघव मौजूद रहे।
विज्ञापन