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भव्य कलश शोभायात्रा के साथ भागवत कथा शुरू
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Tue, 29 Sep 2015 05:51 PM IST
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नगर में मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। काफी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने शोभायात्रा एवं कलश यात्रा में हिस्सा लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
नगर के प्रभुपार्क से सुबह शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा में भगवान राधाकृष्ण की मनोहारी झांकी निकाली गई। मुख्य यजमान श्याम अग्रवाल भागवत कथा सिर पर धारण कर शोभायात्रा में आगे चल रहे थे। वहीं कलश धारण करके महिलाएं मंगलगान गाते हुए चल रहीं थीं। शोभायात्रा में राधाकृष्ण के स्वरुपों का नृत्य भी मन मोहक बना हुआ था। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कलश शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की। बैंडबाजों की धुन पर नदरई गेट बाजार, गांधी मूर्ति, बाहरद्वारी होते हुए टीकाराम धर्मशाला पहुंची। शोभायात्रा के समापन के पश्चात भागवत कथा का पूजन करके शुभारंभ किया।
भागवत कथा के महत्व पर कथा वाचक आचार्य मृदुलकांत ने विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से जीव के मन का शुद्धिकरण होता है। मन के शुद्धिकरण के साथ ही वह भव बाधाओं के बंधनों से मुक्त हो जाता है। जो जीव ठाकुर जी का सुमिरन करते हैं उन्हें ठाकुर की कृपा मिलती है। उनका भजन भाव के साथ होना चाहिए। इससे मन शांत रहेगा और चित्त आनंद में होगा।
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कार्यक्रम के दौरान संजय अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, विनय कुमार, दिलीप कुमार, चंद्रशेखर अग्रवाल, विश्वास अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, विनोद गुप्ता, गौरव जाजू, रिभु अग्रवाल, राजीव वार्ष्णेय, नवल कुलश्रेष्ठ, गौरी शंकर शर्मा, कृष्ण गोपाल अग्रवाल सहित काफी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया।
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नगर के प्रभुपार्क से सुबह शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा में भगवान राधाकृष्ण की मनोहारी झांकी निकाली गई। मुख्य यजमान श्याम अग्रवाल भागवत कथा सिर पर धारण कर शोभायात्रा में आगे चल रहे थे। वहीं कलश धारण करके महिलाएं मंगलगान गाते हुए चल रहीं थीं। शोभायात्रा में राधाकृष्ण के स्वरुपों का नृत्य भी मन मोहक बना हुआ था। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कलश शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की। बैंडबाजों की धुन पर नदरई गेट बाजार, गांधी मूर्ति, बाहरद्वारी होते हुए टीकाराम धर्मशाला पहुंची। शोभायात्रा के समापन के पश्चात भागवत कथा का पूजन करके शुभारंभ किया।
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भागवत कथा के महत्व पर कथा वाचक आचार्य मृदुलकांत ने विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से जीव के मन का शुद्धिकरण होता है। मन के शुद्धिकरण के साथ ही वह भव बाधाओं के बंधनों से मुक्त हो जाता है। जो जीव ठाकुर जी का सुमिरन करते हैं उन्हें ठाकुर की कृपा मिलती है। उनका भजन भाव के साथ होना चाहिए। इससे मन शांत रहेगा और चित्त आनंद में होगा।
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कार्यक्रम के दौरान संजय अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, विनय कुमार, दिलीप कुमार, चंद्रशेखर अग्रवाल, विश्वास अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, विनोद गुप्ता, गौरव जाजू, रिभु अग्रवाल, राजीव वार्ष्णेय, नवल कुलश्रेष्ठ, गौरी शंकर शर्मा, कृष्ण गोपाल अग्रवाल सहित काफी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया।