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Etah News: सफाई कर्मियों पर बढ़ा बैंकों का दबाव, किस्त नहीं चुकाने से बढ़ी चिंता
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एटा। जिले की विभिन्न बैंकों ने प्रशासन को अवगत कराया है कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की ओर से लगातार कई प्रकार के ऋण लिए गए हैं जिनकी किस्तें समय पर जमा नहीं की जा रही हैं। बैंकों का कहना है कि भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण उनके उच्च अधिकारियों की ओर से दबाव बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि अधिक किश्तें बाकी होने पर कई कर्मचारी अपने खाते बदल लेते हैं, जिससे वसूली और अधिक प्रभावित होती है।
बैंकों ने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर किस्तों के भुगतान में सहयोग की मांग की है। साथ ही यह भी बताया है कि कई सफाई कर्मचारियों ने ऋण की धनराशि का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि शराब का सेवन, शराब पीकर बीमार होना, इलाज पर खर्च, यहां तक कि कई मामलों में मृत्यु के बाद परिवार पर संकट जैसे मामलों ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है। डीपीआरओ मोहम्मद राशिद ने कहा कि मौजूदा समय में लगभग 60 ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है जिनमें कई मामलों की पृष्ठभूमि ऋण राशि के गलत उपयोग से जुड़ी बताई जा रही है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने बैंकों से अनुरोध किया है कि भविष्य में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के अलावा किसी भी अन्य कर्मचारी या अधिकारी को ऋण स्वीकृत करने से पहले विभागीय सक्षम अधिकारी से सत्यापन अवश्य किया जाए। साथ ही बैंक अपने स्तर से भी गहन जांच–पड़ताल कर वास्तविक जरूरतमंद और आर्थिक रूप से सक्षम कर्मचारियों को ही ऋण प्रदान करें। कहा कि बैंक आपसी समन्वय बढ़ाते हुए ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए सख्त ऋण सत्यापन प्रक्रिया अपनाएं ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं न उत्पन्न हों।
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बैंकों ने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर किस्तों के भुगतान में सहयोग की मांग की है। साथ ही यह भी बताया है कि कई सफाई कर्मचारियों ने ऋण की धनराशि का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि शराब का सेवन, शराब पीकर बीमार होना, इलाज पर खर्च, यहां तक कि कई मामलों में मृत्यु के बाद परिवार पर संकट जैसे मामलों ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है। डीपीआरओ मोहम्मद राशिद ने कहा कि मौजूदा समय में लगभग 60 ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है जिनमें कई मामलों की पृष्ठभूमि ऋण राशि के गलत उपयोग से जुड़ी बताई जा रही है।
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इन परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने बैंकों से अनुरोध किया है कि भविष्य में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के अलावा किसी भी अन्य कर्मचारी या अधिकारी को ऋण स्वीकृत करने से पहले विभागीय सक्षम अधिकारी से सत्यापन अवश्य किया जाए। साथ ही बैंक अपने स्तर से भी गहन जांच–पड़ताल कर वास्तविक जरूरतमंद और आर्थिक रूप से सक्षम कर्मचारियों को ही ऋण प्रदान करें। कहा कि बैंक आपसी समन्वय बढ़ाते हुए ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए सख्त ऋण सत्यापन प्रक्रिया अपनाएं ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं न उत्पन्न हों।
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