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इंतजार के बाद मिलते चिकित्सक, दवा फिर भी नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Tue, 09 Jun 2015 10:58 PM IST
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पहुंची। अस्पताल परिसर में प्रवेश करते ही एक महिला हैंडपंप चलाकर पानी
पीती मिली। महिला रामकली से पूछा तो बताया अस्पताल में लगा वाटर कूलर
सिस्टम खराब है। आगे बढ़ने पर मरीजों की पर्ची कक्ष पर लाइन दिखाई देती है।
जहां मरीजों की पर्चियां बन रही हैं। दूसरी ओर दवा लेने के लिए मरीजों की
लाइन लगी हुई है।
ओपीडी में प्रवेश करने पर पंखे बंद मिले। जानकारी करने पर पता चलता है कि बिजली नहीं है। जेनरेटर न चलने से पंखे नहीं चल पा रहे। मरीजों का गर्मी से बुरा हाल हो रहा था। इसी कक्ष में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक का कार्यालय है लेकिन वो अपने कार्यालय में नहीं थे। अन्य पांच चिकित्सकों के कमरों में से दंत और बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अपने कक्ष में हैं। जिन पर मरीजों की भीड़ है। अन्य तीन कमरों में चिकित्सक नहीं थे, जबकि कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। जो गर्मी में बेहाल हो रहे थे। जानकारी करने पर पता चलता है कि एक सड़क हादसे का मामला आया हुआ है। आपातकालीन कक्ष में तीन चिकित्सक वहां मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं।
पुराने सीएमओ कार्यालय की तरफ आगे बढ़ने पर वाटर कूलिंग सिस्टम लगा था, लेकिन जब इसकी टोंटी खोलकर देखी गई तो उसमें से पानी नहीं आ रहा था। वाशवेशिन भी इतना गंदा मिला। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे वार्ड की तरफ टीम पहुंची तो मरीजों की भीड़ दूर से ही दिखाई दे रही थी। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज कई घंटो से परेशान खड़े थे। मरीजों से बातचीत के बाद जब चिकित्सक के कक्ष में झांका गया तो वो अपने कमरे में नही थे। बताया वो सुबह 11 बजे से पहले नहीं बैठते। एक्सरे रूम में कार्य होता मिला।
सुबह आठ बजे से अल्ट्रासाउंड के लिए आई हई हूं। ढाई घंटे से अधिक समय हो चुका है लेकिन अभी चिकित्सक नही बैठे।
- बबली, निवासी फिरोजपुर
सुबह 15 किमी दूर चलकर खाली पेट अल्ट्रासांउड के लिए आया हूं। लेकिन इतना समय हो जाने के बाद चिकित्सक के न बैठने सेे परेशानी हो रही है।
प्रेमपाल, निवासी नगरिया
अस्पताल में है दवाओं का अभाव
अस्पताल में दवाओं का अभाव है। गर्मी का मौसम चल रहा है लेकिन उल्टी की दवा ही नहीं है। इसके अलावा केल्शियम सीरप, बीटाडीन ट्यब और बच्चों की दवाओं की कमी है। जिससे मरीजों को पूरी दवाएं नही मिल पाती हैं।
अस्पताल पर दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है। अल्ट्रासाउंड चिकित्सक के समय से न बैठने की जांच कराई जाएगी। शीघ्र ही सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
- डा. सत्य सिंह, सीएमओ
ओपीडी में प्रवेश करने पर पंखे बंद मिले। जानकारी करने पर पता चलता है कि बिजली नहीं है। जेनरेटर न चलने से पंखे नहीं चल पा रहे। मरीजों का गर्मी से बुरा हाल हो रहा था। इसी कक्ष में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक का कार्यालय है लेकिन वो अपने कार्यालय में नहीं थे। अन्य पांच चिकित्सकों के कमरों में से दंत और बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अपने कक्ष में हैं। जिन पर मरीजों की भीड़ है। अन्य तीन कमरों में चिकित्सक नहीं थे, जबकि कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। जो गर्मी में बेहाल हो रहे थे। जानकारी करने पर पता चलता है कि एक सड़क हादसे का मामला आया हुआ है। आपातकालीन कक्ष में तीन चिकित्सक वहां मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं।
पुराने सीएमओ कार्यालय की तरफ आगे बढ़ने पर वाटर कूलिंग सिस्टम लगा था, लेकिन जब इसकी टोंटी खोलकर देखी गई तो उसमें से पानी नहीं आ रहा था। वाशवेशिन भी इतना गंदा मिला। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे वार्ड की तरफ टीम पहुंची तो मरीजों की भीड़ दूर से ही दिखाई दे रही थी। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज कई घंटो से परेशान खड़े थे। मरीजों से बातचीत के बाद जब चिकित्सक के कक्ष में झांका गया तो वो अपने कमरे में नही थे। बताया वो सुबह 11 बजे से पहले नहीं बैठते। एक्सरे रूम में कार्य होता मिला।
सुबह आठ बजे से अल्ट्रासाउंड के लिए आई हई हूं। ढाई घंटे से अधिक समय हो चुका है लेकिन अभी चिकित्सक नही बैठे।
- बबली, निवासी फिरोजपुर
सुबह 15 किमी दूर चलकर खाली पेट अल्ट्रासांउड के लिए आया हूं। लेकिन इतना समय हो जाने के बाद चिकित्सक के न बैठने सेे परेशानी हो रही है।
प्रेमपाल, निवासी नगरिया
अस्पताल में है दवाओं का अभाव
अस्पताल में दवाओं का अभाव है। गर्मी का मौसम चल रहा है लेकिन उल्टी की दवा ही नहीं है। इसके अलावा केल्शियम सीरप, बीटाडीन ट्यब और बच्चों की दवाओं की कमी है। जिससे मरीजों को पूरी दवाएं नही मिल पाती हैं।
अस्पताल पर दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है। अल्ट्रासाउंड चिकित्सक के समय से न बैठने की जांच कराई जाएगी। शीघ्र ही सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
- डा. सत्य सिंह, सीएमओ