{"_id":"5f3f88918ebc3e3d007f496e","slug":"accident-etah-news-agr4556438165","type":"story","status":"publish","title_hn":"24 घंटे बीतने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
24 घंटे बीतने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे अधिकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। मलावन थाना क्षेत्र में बुधवार को हुए हादसे के बाद भी एआटीओ दफ्तर से कोई भी अधिकारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा। वहीं बृहस्पतिवार की देर शाम पीटीओ (यात्री कर अधिकारी) ने थाने जाने की बात कही। उन्हें ट्रक के पंजीकरण तक के बारे में जानकारी नहीं थी।
कस्बा मलावन में कानपुर की तरफ से मक्का लेकर ट्रक अचानक पलट गया। इसकी चपेट में आने से मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, हादसे के बाद एआरटीओ कार्यालय के किसी भी अधिकारी ने मौके पर जाना उचित नहीं समझा। लापरवाही का आलम यह रहा कि बृहस्पतिवार की शाम तक विभाग का कोई अधिकारी घटना स्थल पर जांच करने नहीं गया कि ट्रक कितने चक्के का है? उसमें कितना वजन था? ओवरलोड था तो कितना?
पीटीओ अभिनव चौधरी ने बताया कि ट्रक कितने चक्का था, कितना वजन है, ओवरलोड था या नहीं। इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। रास्ते में हूं मामले की जानकारी लेने थाने जा रहा हूं। उन्होंने बताया कि 18 व 22 चक्का वाले वाहन पर 18 फीट ऊंचाई तक माल लादकर ले जाने की छूट है।
विज्ञापन
इससे अधिक ऊंचाई होने पर ओवरलोड माना जाता है। उन्होंने बताया कि अगस्त में उन्होंने ओवरलोडिंग में 16 वाहनों के चालान काटे हैं। एआरटीओ प्रशासन हेमचंद्र गौतम ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही पीटीओ को मौके पर भेजा गया था। वहीं बृहस्पतिवार को जानकारी जुटाने के लिए थाने भेजा गया है।
हादसे की सूचना एआरटीओ ने भेजी अलीगढ़
यात्रीकर अधिकारी ने बृहस्पतिवार की देरशाम अपनी रिपोर्ट एआरटीओ प्रशासन को दे दी है। उन्होंने रिपोर्ट को संभागीय परिवहन अधिकारी अलीगढ़ को अपनी रिपोर्ट भेजी है। जहां ट्रक सदर तहसील के गांव सोगरा निवासी एक व्यक्ति के नाम पंजीकृत है। ट्रक के सभी कागजात पूर्ण हैं। वहीं उसमें 28,000 किग्रा का वजन बताया गया है। एआरटीओ प्रशासन हेमचंद्र गौतम ने बताया रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
विज्ञापन
कस्बा मलावन में कानपुर की तरफ से मक्का लेकर ट्रक अचानक पलट गया। इसकी चपेट में आने से मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, हादसे के बाद एआरटीओ कार्यालय के किसी भी अधिकारी ने मौके पर जाना उचित नहीं समझा। लापरवाही का आलम यह रहा कि बृहस्पतिवार की शाम तक विभाग का कोई अधिकारी घटना स्थल पर जांच करने नहीं गया कि ट्रक कितने चक्के का है? उसमें कितना वजन था? ओवरलोड था तो कितना?
विज्ञापन
पीटीओ अभिनव चौधरी ने बताया कि ट्रक कितने चक्का था, कितना वजन है, ओवरलोड था या नहीं। इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। रास्ते में हूं मामले की जानकारी लेने थाने जा रहा हूं। उन्होंने बताया कि 18 व 22 चक्का वाले वाहन पर 18 फीट ऊंचाई तक माल लादकर ले जाने की छूट है।
विज्ञापन
इससे अधिक ऊंचाई होने पर ओवरलोड माना जाता है। उन्होंने बताया कि अगस्त में उन्होंने ओवरलोडिंग में 16 वाहनों के चालान काटे हैं। एआरटीओ प्रशासन हेमचंद्र गौतम ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही पीटीओ को मौके पर भेजा गया था। वहीं बृहस्पतिवार को जानकारी जुटाने के लिए थाने भेजा गया है।
हादसे की सूचना एआरटीओ ने भेजी अलीगढ़
यात्रीकर अधिकारी ने बृहस्पतिवार की देरशाम अपनी रिपोर्ट एआरटीओ प्रशासन को दे दी है। उन्होंने रिपोर्ट को संभागीय परिवहन अधिकारी अलीगढ़ को अपनी रिपोर्ट भेजी है। जहां ट्रक सदर तहसील के गांव सोगरा निवासी एक व्यक्ति के नाम पंजीकृत है। ट्रक के सभी कागजात पूर्ण हैं। वहीं उसमें 28,000 किग्रा का वजन बताया गया है। एआरटीओ प्रशासन हेमचंद्र गौतम ने बताया रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।