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घरों में सिसकियां, अंत्येष्टि स्थल पर कोरोना का खौफ
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कासगंज। कोरोना काल में होने वाली मौत के बाद मृतकों की अंतिम यात्रा में नजदीकियों के कदम ठहर गए हैं। बिजली और दीवार गिरने से हुई चार मौतों के बाद अंत्येष्टि के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ। पुलिस की सतर्कता के बीच मृतकों का अंतिम संस्कार कराया गया। कुछ ही लोग शामिल हो सके।
बिजली गिरने से सोरों के गांव तारापुर कनक में गोवर्धन और मथुरा प्रसाद की मौत हो गई। गंजडुंडवारा के जैधर में बिजली गिरने से प्रदीप और सुन्नगढ़ी के किसौल में दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव उनके गांव भेजे गए।
संवेदना जताने के लिए गांव के लोग घरों तक पहुंचे। उसके बाद जब अंत्येष्टि की प्रक्रिया पूरी हुई तो अंतिम यात्रा में पुलिस ने भीड़ नहीं जुटने दी। मृतकों के घर सिसकियां थीं, गांवों में सन्नाटा था, लोग शोकाकुल थे, लेकिन एक जगह इकट्ठे होकर दर्द नहीं बांट पाए। क्योंकि कोरोना संक्रमण को लेकर पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती।
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प्रशासन ने दिखाई मानवीयता
तारापुर कनक के मृतक गोवर्धन की पत्नी अपने मायके में थीं। जब पति की मौत की खबर उन्हें मिलीं तो वह बेसुध हो गईं। गोवर्धन के पुत्र ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया कि मां को आने की अनुमति दी जाए। सहमति मिलने पर गोवर्धन की पत्नी अपने गांव पहुंचीं।
आश्रितों के खातों में भेजे 4-4 लाख
दैवीय आपदा से चार लोगों की मौत के बाद डीएम सीपी सिंह ने राहत कोष से 4-4 लाख रुपये देने की घोषणा की। सोमवार को सभी मृतक आश्रितों के खातों में 4-4 लाख रुपये की धनराशि प्रशासन ने भेज दी है। साथ ही दुख की घड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
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बिजली गिरने से सोरों के गांव तारापुर कनक में गोवर्धन और मथुरा प्रसाद की मौत हो गई। गंजडुंडवारा के जैधर में बिजली गिरने से प्रदीप और सुन्नगढ़ी के किसौल में दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव उनके गांव भेजे गए।
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संवेदना जताने के लिए गांव के लोग घरों तक पहुंचे। उसके बाद जब अंत्येष्टि की प्रक्रिया पूरी हुई तो अंतिम यात्रा में पुलिस ने भीड़ नहीं जुटने दी। मृतकों के घर सिसकियां थीं, गांवों में सन्नाटा था, लोग शोकाकुल थे, लेकिन एक जगह इकट्ठे होकर दर्द नहीं बांट पाए। क्योंकि कोरोना संक्रमण को लेकर पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती।
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प्रशासन ने दिखाई मानवीयता
तारापुर कनक के मृतक गोवर्धन की पत्नी अपने मायके में थीं। जब पति की मौत की खबर उन्हें मिलीं तो वह बेसुध हो गईं। गोवर्धन के पुत्र ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया कि मां को आने की अनुमति दी जाए। सहमति मिलने पर गोवर्धन की पत्नी अपने गांव पहुंचीं।
आश्रितों के खातों में भेजे 4-4 लाख
दैवीय आपदा से चार लोगों की मौत के बाद डीएम सीपी सिंह ने राहत कोष से 4-4 लाख रुपये देने की घोषणा की। सोमवार को सभी मृतक आश्रितों के खातों में 4-4 लाख रुपये की धनराशि प्रशासन ने भेज दी है। साथ ही दुख की घड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिया है।