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Etah News: अतरंजी खेड़ा में बनेगा थीम पार्क, पर्यटकोें के ठहरने का होगा इंतजाम
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मिरहची क्षेत्र के गांव अचलपुर स्थित बौद्ध तीर्थ स्थल अतरंजीखेड़ा। संवाद
एटा। बौद्ध इतिहास का अनूठा केंद्र अतरंजी खेड़ा पर पर्यटकों को लुभाने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने पहल शुरू की है। यहां थीम पार्क बनाने की तैयारी है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए कमरे भी बनाए जाएंगे। इससे पर्यटन को बढ़ाव मिल सकेगा।
मिरहची क्षेत्र के गांव अचलपुर स्थित अतरंजी खेड़ा बौद्ध अनुयायियों के लिए धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है। भगवान बुद्ध ने यहां पूर्व में बसे वेरंजानगर के एक टीले पर वर्षावास किया था। राजा बेन अतरंजी खेड़ा के शासक थे। बौद्ध धर्म के अनुयायी थे। उन्होंने ही अतरंजी खेड़ा में वेरंजा नामक नगर बसाया था। इतिहासकार महावीर प्रसाद द्विवेदी ने अपनी पुस्तक ''''मंगलम'''' में वेरंजा के अवशेषों के बारे में काफी लिखा है। अतरंजी खेड़ा का कई बार उत्खनन हुआ और यहां बौद्धकालीन मूर्तियां, स्तूप, बर्तन, और प्राचीन सभ्यता से जुड़ी अन्य कई चीजें प्राप्त हुईं।
अतरंजीखेड़ा के उस टीले की लंबाई 411.50 मीटर और ऊंचाई 20 मीटर के करीब है। यहां सिर्फ खेड़ा की चहारदीवारी बनवा दी गई। न वहां पार्क बना और न ही संग्रहालय। इस लिए पर्यटक यहां नहीं ठहर पाते। अब यहां थीम पार्क बनाने की तैयारी पर्यटन विभाग ने शुरू की है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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अतरंजी खेड़ा के विकास के लिए प्रयास जारी हैं। यहां बहुउद्देश्यीय हॉल बनवाया जा रहा है। अब थीम पार्क बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। पार्क में यहां की ऐतिहासिक चीजों की जानकारी होगी। इससे यहां पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था हो सकेगी। - अनुपम श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अलीगढ़ मंडल
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मिरहची क्षेत्र के गांव अचलपुर स्थित अतरंजी खेड़ा बौद्ध अनुयायियों के लिए धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है। भगवान बुद्ध ने यहां पूर्व में बसे वेरंजानगर के एक टीले पर वर्षावास किया था। राजा बेन अतरंजी खेड़ा के शासक थे। बौद्ध धर्म के अनुयायी थे। उन्होंने ही अतरंजी खेड़ा में वेरंजा नामक नगर बसाया था। इतिहासकार महावीर प्रसाद द्विवेदी ने अपनी पुस्तक ''''मंगलम'''' में वेरंजा के अवशेषों के बारे में काफी लिखा है। अतरंजी खेड़ा का कई बार उत्खनन हुआ और यहां बौद्धकालीन मूर्तियां, स्तूप, बर्तन, और प्राचीन सभ्यता से जुड़ी अन्य कई चीजें प्राप्त हुईं।
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अतरंजीखेड़ा के उस टीले की लंबाई 411.50 मीटर और ऊंचाई 20 मीटर के करीब है। यहां सिर्फ खेड़ा की चहारदीवारी बनवा दी गई। न वहां पार्क बना और न ही संग्रहालय। इस लिए पर्यटक यहां नहीं ठहर पाते। अब यहां थीम पार्क बनाने की तैयारी पर्यटन विभाग ने शुरू की है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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अतरंजी खेड़ा के विकास के लिए प्रयास जारी हैं। यहां बहुउद्देश्यीय हॉल बनवाया जा रहा है। अब थीम पार्क बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। पार्क में यहां की ऐतिहासिक चीजों की जानकारी होगी। इससे यहां पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था हो सकेगी। - अनुपम श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अलीगढ़ मंडल