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बदायूं में तैनात तत्कालीन सचिव से होगी 84 हजार की रिकवरी
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एटा। जिला बदायूं के तत्कालीन सचिव ने सामुदायिक शौचालय का निर्माण निजी भूमि पर करा दिया। जांच की गई तो गबन का आरोप तय हुआ। इसके आधार पर सीडीओ बदायूं ने एडीपीआरओ एटा के माध्यम से नोटिस जारी किया है। तत्कालीन सचिव से करीब 84 हजार रुपये की रिकवरी की जाएगी। यह कर्मचारी अब यहां एडीओ पंचायत पद पर तैनात हैं।
बदायूं के विकासखंड सालारपुर की ग्राम पंचायत बिछुरइया के गांव शेरगंज में इस मामले की शिकायत आई थी। सीडीओ बदायूं के आदेश पर डीपीआरओ बदायूं और सहायक अभियंता डीआरडीए की जांच कमेटी बनाई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण मेवाकली पत्नी सूरजपाल की निजी जमीन पर कराया गया। निर्माण के लिए करीब 2.31 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
जिसमें 1 लाख 69 हजार रुपये की धनराशि तत्कालीन सचिव प्रवीन सक्सेना (वर्तमान में एडीओ पंचायत मारहरा, एटा) और तत्कालीन प्रधान सूरजपाल से संयुक्त रूप से बराबर-बराबर वसूली किए जाने की संस्तुति की गई। इसके साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के अंदर धनराशि को बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा कराने के आदेश जारी किए गए। चेतावनी भी दी है कि अगर स्पष्टीकरण संतोष जनक नहीं पाया गया तो संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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बदायूं के विकासखंड सालारपुर की ग्राम पंचायत बिछुरइया के गांव शेरगंज में इस मामले की शिकायत आई थी। सीडीओ बदायूं के आदेश पर डीपीआरओ बदायूं और सहायक अभियंता डीआरडीए की जांच कमेटी बनाई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण मेवाकली पत्नी सूरजपाल की निजी जमीन पर कराया गया। निर्माण के लिए करीब 2.31 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
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जिसमें 1 लाख 69 हजार रुपये की धनराशि तत्कालीन सचिव प्रवीन सक्सेना (वर्तमान में एडीओ पंचायत मारहरा, एटा) और तत्कालीन प्रधान सूरजपाल से संयुक्त रूप से बराबर-बराबर वसूली किए जाने की संस्तुति की गई। इसके साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के अंदर धनराशि को बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा कराने के आदेश जारी किए गए। चेतावनी भी दी है कि अगर स्पष्टीकरण संतोष जनक नहीं पाया गया तो संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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