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दो अस्पतालों में 24 डॉक्टर-कर्मी गैरहाजिर
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जैथरा पीएचसी में निरीक्षण के दौरान उपस्थित रजिस्टर चेक करते डीएम अंकित अग्रवाल।
- फोटो : ETAH
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एटा। बुखार से हालात बिगड़ रहे हैं। इसके बावजूद सरकारी तंत्र बेपरवाह है। बुखार से निपटने के दावों के बीच डीएम ने शनिवार सुबह जब बागवाला और जैथरा पीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां 24 डॉक्टर और कर्मचारी गैरहाजिर थे। डीएम ने इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। तमाम चिकित्सक और कर्मचारी अस्पताल पहुंचना ही नहीं चाहते। हाजिरी लगाकर घरों पर बैठते हैं या दूसरे कार्यों में व्यस्त रहते हैं। शनिवार सुबह डीएम अंकित अग्रवाल जब पीएचसी बागवाला पहुंचे तो वहां डॉ. इफराक हुसैन, सुभाष चंद्र, रोहित कुमार, मनोज कुमार, विष्णु कुमार, स्टाफ नर्स सुभाष सोलंकी, आकांक्षा राजपूत, मिथिलेश राजपूत, निधि चौहान, पूजा, आशीष, दुर्गेश, फार्मासिस्ट पुष्पेंद्र, भूपेंद्र अनुपस्थित मिले। जैथरा पीएचसी के निरीक्षण के दौरान डॉ. मेघेश यादव, डॉ. दुर्गेश नंदिनी, डॉ. उजमा खान, डॉ. सुलेमान खान, दिनेश चौहान, जितेंद्र सिंह, बीपीएम श्वेता सिंह, बीसीपीएम नरेंद्र शर्मा, शक्ति कुमार, अनीता यादव अनुपस्थित मिले।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि अस्पतालों में तैनात सभी चिकित्सक व अन्य स्टाफ की उपस्थिति समय के अनुरूप शत-प्रतिशत होनी चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए डेंगू और बुखार से पीड़ित बच्चों सहित अन्य मरीजों की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। चिकित्सक समय से ओपीडी में बैठकर मरीजों की देखभाल करें। साथ ही संस्थागत प्रसव पर प्रमुखता से जोर दिया जाए। अस्पताल परिसर में उचित साफ-सफाई होनी चाहिए।
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डीएम ने उच्च प्राथमिक विद्यालय कंसुरी का भी निरीक्षण किया। अभी तक पुस्तकों का वितरण नहीं हुआ है। जल्द वितरण कराने के निर्देश दिए। कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए शिक्षण व्यवस्था पर जोर दिया जाए। विद्यालय परिसर में अच्छी साफ-सफाई रहनी चाहिए।
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देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। तमाम चिकित्सक और कर्मचारी अस्पताल पहुंचना ही नहीं चाहते। हाजिरी लगाकर घरों पर बैठते हैं या दूसरे कार्यों में व्यस्त रहते हैं। शनिवार सुबह डीएम अंकित अग्रवाल जब पीएचसी बागवाला पहुंचे तो वहां डॉ. इफराक हुसैन, सुभाष चंद्र, रोहित कुमार, मनोज कुमार, विष्णु कुमार, स्टाफ नर्स सुभाष सोलंकी, आकांक्षा राजपूत, मिथिलेश राजपूत, निधि चौहान, पूजा, आशीष, दुर्गेश, फार्मासिस्ट पुष्पेंद्र, भूपेंद्र अनुपस्थित मिले। जैथरा पीएचसी के निरीक्षण के दौरान डॉ. मेघेश यादव, डॉ. दुर्गेश नंदिनी, डॉ. उजमा खान, डॉ. सुलेमान खान, दिनेश चौहान, जितेंद्र सिंह, बीपीएम श्वेता सिंह, बीसीपीएम नरेंद्र शर्मा, शक्ति कुमार, अनीता यादव अनुपस्थित मिले।
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जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि अस्पतालों में तैनात सभी चिकित्सक व अन्य स्टाफ की उपस्थिति समय के अनुरूप शत-प्रतिशत होनी चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए डेंगू और बुखार से पीड़ित बच्चों सहित अन्य मरीजों की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। चिकित्सक समय से ओपीडी में बैठकर मरीजों की देखभाल करें। साथ ही संस्थागत प्रसव पर प्रमुखता से जोर दिया जाए। अस्पताल परिसर में उचित साफ-सफाई होनी चाहिए।
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डीएम ने उच्च प्राथमिक विद्यालय कंसुरी का भी निरीक्षण किया। अभी तक पुस्तकों का वितरण नहीं हुआ है। जल्द वितरण कराने के निर्देश दिए। कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए शिक्षण व्यवस्था पर जोर दिया जाए। विद्यालय परिसर में अच्छी साफ-सफाई रहनी चाहिए।