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कर्मचारियों ने भरी हुंकार, कामकाज ठप
देवरिया
Updated Wed, 10 Aug 2016 10:17 PM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के लोगों ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। राज्य कर्मचारियों का बुधवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गया। पहले दिन कार्यालयों में कामकाज ठप कर कलेक्ट्रेट में धरना दिया। प्रदेश सरकार से मांगों को जल्द पूरा करने की मांग के साथ आवाज बुलंद की।
सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी कर कर्मचारी कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। रोडवेज संयुक्त परिषद के अध्यक्ष प्रेमनारायण तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों के इलाज व्यवस्था में भ्रष्टाचार बंद होना चाहिए। उन्होंने कैशलेस सुविधा देने की मांग की। हड़ताल को सफल बनाने के लिए रोडवेज का चक्का जाम करने की तैयारी की जा रही है। कृृषि अधीनस्थ संघ के अध्यक्ष रमेशपति त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार फील्ड कर्मचारियों को बाइक भत्ता का शासनादेश जारी करे। किसी भी जिले में किराए पर मकान निश्चित धनराशि पर ही मिलती है।
फिर केंद्रीय कर्मचारियों को अधिक भुगतान क्यों किया जा रहा है। नलकूप चालक संघ के जनपदीय अध्यक्ष रणविजय सिंह ने कहा कि पूर्व में की गई सेवाओं जैसे तदर्थ, अंशदायी, सामयिक, वर्कचार्ज, दैनिक वेतन आदि की अवधि को जोड़कर पेंशन लाभ दिया जाना चाहिए। सिंचाई संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर भत्ता दिया जाना चाहिए।
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नई पेंशन व्यवस्था बंदकर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होना चाहिए। इसके अलावा ठेकेदारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने, आंगनबाड़ी, आशा, रसोइया, ग्राम रोजगार सेवक, मनरेगा आदि के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग शामिल है। सभा को अध्यक्ष जयनारायण यादव, अशोक पांडेय, राजीव गुप्ता, मनोज पांडेय, दीपक त्रिपाठी, रामदेव, हरेंद्र यादव, शिव प्रसाद यादव, ग्यासुददीन, ओंकारनाथ दुबे, घनश्याम उपाध्याय, सूबेदार यादव, उपेंद्र पांडेय, बृजेंद्र पांडेय, उमेश राय, ऋषिकेश मिश्र समेत तमाम लोग शामिल हुए।
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सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी कर कर्मचारी कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। रोडवेज संयुक्त परिषद के अध्यक्ष प्रेमनारायण तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों के इलाज व्यवस्था में भ्रष्टाचार बंद होना चाहिए। उन्होंने कैशलेस सुविधा देने की मांग की। हड़ताल को सफल बनाने के लिए रोडवेज का चक्का जाम करने की तैयारी की जा रही है। कृृषि अधीनस्थ संघ के अध्यक्ष रमेशपति त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार फील्ड कर्मचारियों को बाइक भत्ता का शासनादेश जारी करे। किसी भी जिले में किराए पर मकान निश्चित धनराशि पर ही मिलती है।
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फिर केंद्रीय कर्मचारियों को अधिक भुगतान क्यों किया जा रहा है। नलकूप चालक संघ के जनपदीय अध्यक्ष रणविजय सिंह ने कहा कि पूर्व में की गई सेवाओं जैसे तदर्थ, अंशदायी, सामयिक, वर्कचार्ज, दैनिक वेतन आदि की अवधि को जोड़कर पेंशन लाभ दिया जाना चाहिए। सिंचाई संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर भत्ता दिया जाना चाहिए।
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नई पेंशन व्यवस्था बंदकर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होना चाहिए। इसके अलावा ठेकेदारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने, आंगनबाड़ी, आशा, रसोइया, ग्राम रोजगार सेवक, मनरेगा आदि के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग शामिल है। सभा को अध्यक्ष जयनारायण यादव, अशोक पांडेय, राजीव गुप्ता, मनोज पांडेय, दीपक त्रिपाठी, रामदेव, हरेंद्र यादव, शिव प्रसाद यादव, ग्यासुददीन, ओंकारनाथ दुबे, घनश्याम उपाध्याय, सूबेदार यादव, उपेंद्र पांडेय, बृजेंद्र पांडेय, उमेश राय, ऋषिकेश मिश्र समेत तमाम लोग शामिल हुए।