{"_id":"65b570cc0912c9eeaf010704","slug":"woman-died-due-to-operation-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-118228-2024-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: ऑपरेशन से प्रसव के बाद महिला की मौत, घरवालों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: ऑपरेशन से प्रसव के बाद महिला की मौत, घरवालों का हंगामा
Sun, 28 Jan 2024 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 28 Jan 2024 02:38 AM IST
विज्ञापन
सोनिका देवी का फाइल फोटो
फोटो है।
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए अस्पताल संचालक और स्वास्थ्यकर्मी भागे
गौरी बाजार के रामपुर चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गौरी बाजार के रामपुर चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को ऑपरेशन से प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई, जबकि बच्चा स्वस्थ है। महिला की मौत के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गौरी बाजार थानाक्षेत्र के ग्राम सेखुई के टोला उसरहवा निवासी सोनिका देवी (23) पत्नी राहुल निषाद को शनिवार की सुबह प्रसव वेदना हुई। पति के बाहर होने के कारण परिजन पड़ोसियों के सहयोग से उसे लेकर गौरी बाजार पहुंचे। वे लोग उसे रामपुर चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। अस्पताल संचालक ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। संचालक ने परिजनों को बताया कि मामला गंभीर है। ऑपरेशन करना पड़ेगा।
आनन-फानन परिजनों से मोटी रकम लेकर महिला का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान बच्चा तो सुरक्षित बच गया, लेकिन महिला की मौत हो गई। अस्पताल संचालक ने मृतका के परिजनों को उसके गंभीर होने की बात बताकर गोरखपुर ले जाने के लिए कहा। परिजनों को संदेह हुआ और वे प्रसूता से मिलने पहुंच गए। अंदर का दृश्य देखकर रोने-चिल्लाने लगे। भनक लगते ही ग्रामीणों सहित अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे।
विज्ञापन
स्थिति भांपकर अस्पताल संचालक अपने समस्त स्टाफ के साथ मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थानाध्यक्ष दिनेश मिश्र ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। मिलते ही केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकरण तो हुआ चिकित्सक व सुविधा नदारद
शासन की मंशा है कि सभी को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिले, लेकिन यह धरातल पर कितना उतर पा रहा प्रसूता की मौत ने पोल खोल दी। जिस निजी अस्पताल में महिला की मौत हुई है, उसे एक महिला ही संचालित करती है। अस्पताल में किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। न ही प्रामाणिक चिकित्सक, स्टाफ नर्स आदि की व्यवस्था है। बावजूद इसके सीएमओ कार्यालय देवरिया से अस्पताल का पंजीकरण किया गया है।
महिला की मौत से क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता पर भी सवाल उठ रहा है। जब सरकारी अस्पतालों मं सुविधाएं उपलब्ध हैं तो ग्रामीण गर्भवती महिलाएं ऐसे अस्पतालों में कैसे पहुंच रही हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. बीएन गिरी ने बताया कि ऐसे अस्पतालों की समय-समय पर जांचकर व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। आशा कार्यकर्ता की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है।
क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे मानकविहीन निजी अस्पताल
गौरी बाजार क्षेत्र में निजी अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। कुछ अस्पतालों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर अस्पताल मानकविहीन हैं। इनके यहां किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। बावजूद इसके वे धड़ल्ले से मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गंभीर मरीजों को भी अपने यहां भर्ती करने से हिचक नहीं रहे। रामपुर चौराहा स्थित आंख अस्पताल, इंदूपुर, मठिया माफी, बखरा सहित छोटे-छोटे चौराहों पर ऐसे अस्पताल देखे जा सकते हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए अस्पताल संचालक और स्वास्थ्यकर्मी भागे
गौरी बाजार के रामपुर चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गौरी बाजार के रामपुर चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को ऑपरेशन से प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई, जबकि बच्चा स्वस्थ है। महिला की मौत के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गौरी बाजार थानाक्षेत्र के ग्राम सेखुई के टोला उसरहवा निवासी सोनिका देवी (23) पत्नी राहुल निषाद को शनिवार की सुबह प्रसव वेदना हुई। पति के बाहर होने के कारण परिजन पड़ोसियों के सहयोग से उसे लेकर गौरी बाजार पहुंचे। वे लोग उसे रामपुर चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। अस्पताल संचालक ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। संचालक ने परिजनों को बताया कि मामला गंभीर है। ऑपरेशन करना पड़ेगा।
विज्ञापन
आनन-फानन परिजनों से मोटी रकम लेकर महिला का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान बच्चा तो सुरक्षित बच गया, लेकिन महिला की मौत हो गई। अस्पताल संचालक ने मृतका के परिजनों को उसके गंभीर होने की बात बताकर गोरखपुर ले जाने के लिए कहा। परिजनों को संदेह हुआ और वे प्रसूता से मिलने पहुंच गए। अंदर का दृश्य देखकर रोने-चिल्लाने लगे। भनक लगते ही ग्रामीणों सहित अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे।
विज्ञापन
स्थिति भांपकर अस्पताल संचालक अपने समस्त स्टाफ के साथ मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थानाध्यक्ष दिनेश मिश्र ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। मिलते ही केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकरण तो हुआ चिकित्सक व सुविधा नदारद
शासन की मंशा है कि सभी को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिले, लेकिन यह धरातल पर कितना उतर पा रहा प्रसूता की मौत ने पोल खोल दी। जिस निजी अस्पताल में महिला की मौत हुई है, उसे एक महिला ही संचालित करती है। अस्पताल में किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। न ही प्रामाणिक चिकित्सक, स्टाफ नर्स आदि की व्यवस्था है। बावजूद इसके सीएमओ कार्यालय देवरिया से अस्पताल का पंजीकरण किया गया है।
महिला की मौत से क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता पर भी सवाल उठ रहा है। जब सरकारी अस्पतालों मं सुविधाएं उपलब्ध हैं तो ग्रामीण गर्भवती महिलाएं ऐसे अस्पतालों में कैसे पहुंच रही हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. बीएन गिरी ने बताया कि ऐसे अस्पतालों की समय-समय पर जांचकर व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। आशा कार्यकर्ता की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है।
क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे मानकविहीन निजी अस्पताल
गौरी बाजार क्षेत्र में निजी अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। कुछ अस्पतालों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर अस्पताल मानकविहीन हैं। इनके यहां किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। बावजूद इसके वे धड़ल्ले से मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गंभीर मरीजों को भी अपने यहां भर्ती करने से हिचक नहीं रहे। रामपुर चौराहा स्थित आंख अस्पताल, इंदूपुर, मठिया माफी, बखरा सहित छोटे-छोटे चौराहों पर ऐसे अस्पताल देखे जा सकते हैं।