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शहरवासियों को जर्जर तारों से मिलेगी निजात, ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ेगी
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शहरवासियों को जर्जर तारों से मिलेगी निजात, ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ेगी
25 किलोमीटर तार बदलने की है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के विभिन्न जगहों पर जर्जर तार के मकड़जाल से प्राइवेट कंपनी निजात दिलाएगी। इसके लिए बिजली निगम खाका तैयार कर लिया है। ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। बांस-बल्ली की जगह पर नए पोल लगाए जाएंगे। निगम के अफसर का दावा है कि नवंबर माह के पहले सप्ताह से कार्य शुरू हो जाएगा।
बिजली सुधार योजना के तहत के जर्जर तारों को बदलने का काम बहुत जल्द शुरू होने वाला है। इसके तहत निगम ने 25 किलोमीटर तार बदलेगा, जो काफी पुुराने होकर जर्जर हो चुके हैं। जबकि 25 ट्रांसफॉर्मर की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। बिजली चोरी रोकने के लिए बाउंडेड कंडक्टर सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही शहर की नई बस्ती सहित अन्य जगहों पर टूटे और बांस बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति व्यवस्था की जगह करीब चार सौ नए पोल लगाए जाएंगे।
इसके लिए निगम ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद एक कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। निगम के सूत्रों के अनुसार कंपनी का नवंबर माह में स्थानीय स्तर पर कार्यालय खुलेगा। इसके बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
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इन मोहल्लों में जर्जर और तारों का मकड़जाल
देवरिया। शहर का शायद ही कोई मोहल्ला हो, जहां पर स्पार्किंग और तार टूटने की घटना हर माह न हो रही हो। यहां तक शहर के भुजौली कॉलोनी, महाराणा प्रताप, आचार्य रामचंद्र शुक्ल कॉलोनी, उमानगर, रामनाथ देवरिया, रामगुलाम टोला, देवरही टोला क्षेत्र के तार काफी पहले जर्जर हो चुके हैं। इसके कारण बिजली आपूर्ति में रोड़ा अटकता है। जबकि सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन रोड, जलकल रोड, मोती लाल, भीखपुर रोड, गरुणपार मोहल्ले में कई पोल ऐसे हैं, जिन पर कनेक्शन की भरमार है। इसके कारण उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शहर के पास के इलाकों में बांस-बल्ली के सहारे होती है आपूर्ति
देवरिया। शहर के पास कई ऐसे स्थान है, जहां पर नई बस्ती में काफी संख्या लोग मकान बनवा चुके हैं। इसमें उमानगर बाहर, मेहड़ा पुरवा, खरजरवा, साकेत, तिलई बेलवा, सोंदा, कतरारी, रामनाथ देवरिया बाहर, नाथनगर, सोमनाथ वार्ड, पिड़रा, पिपरपाती आदि हैं।
दूसरे चरण में ग्रामीण इलाकों में होगा कार्य
देवरिया। कंपनी पहले चरण शहर में जर्जर तार सहित अन्य कार्य करेगी। इसके बाद ग्रामीण इलाकों में कार्य किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों का भी प्रस्ताव बना कर बिजली निगम ने भेजा है।
कोट
कंपनी को जिम्मेदारी मिली है। पहले चरण में शहर में काम पूरा किया जाना है। इसके बाद ग्रामीण इलाकों में कार्य होगा। अगले माह से काम शुरू हो जाएगा।
-जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता
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25 किलोमीटर तार बदलने की है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के विभिन्न जगहों पर जर्जर तार के मकड़जाल से प्राइवेट कंपनी निजात दिलाएगी। इसके लिए बिजली निगम खाका तैयार कर लिया है। ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। बांस-बल्ली की जगह पर नए पोल लगाए जाएंगे। निगम के अफसर का दावा है कि नवंबर माह के पहले सप्ताह से कार्य शुरू हो जाएगा।
बिजली सुधार योजना के तहत के जर्जर तारों को बदलने का काम बहुत जल्द शुरू होने वाला है। इसके तहत निगम ने 25 किलोमीटर तार बदलेगा, जो काफी पुुराने होकर जर्जर हो चुके हैं। जबकि 25 ट्रांसफॉर्मर की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। बिजली चोरी रोकने के लिए बाउंडेड कंडक्टर सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही शहर की नई बस्ती सहित अन्य जगहों पर टूटे और बांस बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति व्यवस्था की जगह करीब चार सौ नए पोल लगाए जाएंगे।
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इसके लिए निगम ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद एक कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। निगम के सूत्रों के अनुसार कंपनी का नवंबर माह में स्थानीय स्तर पर कार्यालय खुलेगा। इसके बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
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इन मोहल्लों में जर्जर और तारों का मकड़जाल
देवरिया। शहर का शायद ही कोई मोहल्ला हो, जहां पर स्पार्किंग और तार टूटने की घटना हर माह न हो रही हो। यहां तक शहर के भुजौली कॉलोनी, महाराणा प्रताप, आचार्य रामचंद्र शुक्ल कॉलोनी, उमानगर, रामनाथ देवरिया, रामगुलाम टोला, देवरही टोला क्षेत्र के तार काफी पहले जर्जर हो चुके हैं। इसके कारण बिजली आपूर्ति में रोड़ा अटकता है। जबकि सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन रोड, जलकल रोड, मोती लाल, भीखपुर रोड, गरुणपार मोहल्ले में कई पोल ऐसे हैं, जिन पर कनेक्शन की भरमार है। इसके कारण उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शहर के पास के इलाकों में बांस-बल्ली के सहारे होती है आपूर्ति
देवरिया। शहर के पास कई ऐसे स्थान है, जहां पर नई बस्ती में काफी संख्या लोग मकान बनवा चुके हैं। इसमें उमानगर बाहर, मेहड़ा पुरवा, खरजरवा, साकेत, तिलई बेलवा, सोंदा, कतरारी, रामनाथ देवरिया बाहर, नाथनगर, सोमनाथ वार्ड, पिड़रा, पिपरपाती आदि हैं।
दूसरे चरण में ग्रामीण इलाकों में होगा कार्य
देवरिया। कंपनी पहले चरण शहर में जर्जर तार सहित अन्य कार्य करेगी। इसके बाद ग्रामीण इलाकों में कार्य किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों का भी प्रस्ताव बना कर बिजली निगम ने भेजा है।
कोट
कंपनी को जिम्मेदारी मिली है। पहले चरण में शहर में काम पूरा किया जाना है। इसके बाद ग्रामीण इलाकों में कार्य होगा। अगले माह से काम शुरू हो जाएगा।
-जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता