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बरहज में खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंची सरयू
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बरहज में खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंची सरयू
बरहज। सरयू नदी खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर बहने लगी है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों में हड़कंप मच गया है। नदी में आए उफान से बाढ़ का पानी खेतों को डुबोते हुए गांवों की ओर का रुख कर लिया है। जबकि भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के सात टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे गांवों के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हें।
रविवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर ऊपर 67.50 पर थी। सरयू में आए उफान के कारण राप्ती नदी में भी बाढ़ आ गई है। नदियों के उफनाने से बाढ़ का पानी खेतों में फैल गया है। जहां नदी फसलों को डुबो रही है। वहीं गांवों का रुख कर रही है। भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार के कतलहिया, स्कूलहिया, जरलहवा, सुग्गी माझी, पुरानी दलित बस्ती, चौहान टोला साहित सात टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। जिससे लोगों का आवागमन दुरूह हो गया है। सरयू में कट चुके कुरह परसियां मार्ग के दोनों तरफ नदी के पानी का भराव हो गया है। जो खेतों के रास्ते गांवों तक पहुंच गया है। गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। जिससे लोग अन्यत्र ठिकाने की तलाश में जुट गए हैं। एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नदी घाट पर जलस्तर 67.50 तक पहुंच गया है। घाट की सीढ़ियों के डूबने और स्नानाथिरघ़यों की सुरक्षा को लेकर नगरपालिका की ओर से रस्सियां बंधवाई गई हैं। जिससे कोई नदी की धारा में न बहने पाए।
परसियां-विशुनपुर देवार में लगाई गई नाव
बरहज। सरयू के जलस्तर में उमड़ रहे सैलाब से बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम के अलावा परसियां-विशुनपुर देवार के सात टोलों के पानी से घिर जाने के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया है। प्रशासन ने स्कूलहिया, पुरानी दलित बस्ती, जरलहवा और वैकेट टोला में सुगमता के लिए चार नाव लगाया है। जबकि भदिला प्रथम में पहले से तीन नावें चल रही हैं। तहसीलदार सतीश कुमार और नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह का कहना है कि बाढ़ के हालात पर बराबर नजर रखी जा रही है। परसियां-विशुनपुर देवार में एक बड़ी और तीन मझोली नाव का इंतजाम किया गया है। जरुरत पड़ने पर संख्या बढ़ाई जा सकती है।
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भागलपुर में सरयू नदी हुई उग्र, बढ़ा खतरा
भागलपुर। सरयू नदी की बेलगाम लहरों ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। तुरतीपार रेगुलेटर पर रविवार को 4 बजे नदी 64.84 मीटर पर थी। पांच दिनों से नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि जारी है। रेगुलेटर पर खतरे का निशान 64.30 मीटर है। नदी खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटे में नदी के जल स्तर में वृद्धि का अनुमान लगाया है।
नदी की प्रकृति में अप्रत्याशित परिवर्तन से तटीय इलाकों के लोग सहमे हुए हैं। देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क के उपर से नदी का पानी बहने लगा है। तटीय इलाकों के लोग विशाल जायसवाल, चंदन गुप्ता, नाथू यादव चंदन सिंह, शैंपू सिंह, अनिल सिंह आदि का कहना है कि नदी 1998 की पुनरावृत्ति के लिए आतुर दिखाई दे रही है। नदी का पानी खेतों में घुसने लगा है। डर है कि नदी का पानी फसल बर्बाद न कर दे। इस बारे में केंद्रीय जल आयोग तुरतीपार के जेई ने बताया कि पहाड़ों पर हुई बारिश की वजह से नदी में अभी 24 घंटे जल स्तर में वृद्धि जारी रहेगी। मीटर पर निगरानी रखी जा रही है।
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बरहज। सरयू नदी खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर बहने लगी है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों में हड़कंप मच गया है। नदी में आए उफान से बाढ़ का पानी खेतों को डुबोते हुए गांवों की ओर का रुख कर लिया है। जबकि भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के सात टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे गांवों के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हें।
रविवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर ऊपर 67.50 पर थी। सरयू में आए उफान के कारण राप्ती नदी में भी बाढ़ आ गई है। नदियों के उफनाने से बाढ़ का पानी खेतों में फैल गया है। जहां नदी फसलों को डुबो रही है। वहीं गांवों का रुख कर रही है। भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार के कतलहिया, स्कूलहिया, जरलहवा, सुग्गी माझी, पुरानी दलित बस्ती, चौहान टोला साहित सात टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। जिससे लोगों का आवागमन दुरूह हो गया है। सरयू में कट चुके कुरह परसियां मार्ग के दोनों तरफ नदी के पानी का भराव हो गया है। जो खेतों के रास्ते गांवों तक पहुंच गया है। गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। जिससे लोग अन्यत्र ठिकाने की तलाश में जुट गए हैं। एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नदी घाट पर जलस्तर 67.50 तक पहुंच गया है। घाट की सीढ़ियों के डूबने और स्नानाथिरघ़यों की सुरक्षा को लेकर नगरपालिका की ओर से रस्सियां बंधवाई गई हैं। जिससे कोई नदी की धारा में न बहने पाए।
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परसियां-विशुनपुर देवार में लगाई गई नाव
बरहज। सरयू के जलस्तर में उमड़ रहे सैलाब से बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम के अलावा परसियां-विशुनपुर देवार के सात टोलों के पानी से घिर जाने के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया है। प्रशासन ने स्कूलहिया, पुरानी दलित बस्ती, जरलहवा और वैकेट टोला में सुगमता के लिए चार नाव लगाया है। जबकि भदिला प्रथम में पहले से तीन नावें चल रही हैं। तहसीलदार सतीश कुमार और नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह का कहना है कि बाढ़ के हालात पर बराबर नजर रखी जा रही है। परसियां-विशुनपुर देवार में एक बड़ी और तीन मझोली नाव का इंतजाम किया गया है। जरुरत पड़ने पर संख्या बढ़ाई जा सकती है।
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भागलपुर में सरयू नदी हुई उग्र, बढ़ा खतरा
भागलपुर। सरयू नदी की बेलगाम लहरों ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। तुरतीपार रेगुलेटर पर रविवार को 4 बजे नदी 64.84 मीटर पर थी। पांच दिनों से नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि जारी है। रेगुलेटर पर खतरे का निशान 64.30 मीटर है। नदी खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटे में नदी के जल स्तर में वृद्धि का अनुमान लगाया है।
नदी की प्रकृति में अप्रत्याशित परिवर्तन से तटीय इलाकों के लोग सहमे हुए हैं। देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क के उपर से नदी का पानी बहने लगा है। तटीय इलाकों के लोग विशाल जायसवाल, चंदन गुप्ता, नाथू यादव चंदन सिंह, शैंपू सिंह, अनिल सिंह आदि का कहना है कि नदी 1998 की पुनरावृत्ति के लिए आतुर दिखाई दे रही है। नदी का पानी खेतों में घुसने लगा है। डर है कि नदी का पानी फसल बर्बाद न कर दे। इस बारे में केंद्रीय जल आयोग तुरतीपार के जेई ने बताया कि पहाड़ों पर हुई बारिश की वजह से नदी में अभी 24 घंटे जल स्तर में वृद्धि जारी रहेगी। मीटर पर निगरानी रखी जा रही है।