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सरयू और राप्ती में आई बाढ़ से गांवों के करीब पहुंचा पानी
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सरयू और राप्ती में आई बाढ़ से गांवों के करीब पहुंचा पानी
बरहज। सरयू नदी में पिछले दिनों से सैलाब उमड़ आया है। सीता घाट की सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं। सरयू और राप्ती में आए उफान से नदी का पानी गांवों के करीब पहुंच गया है। नदियों के उफनाने से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है।
शुक्रवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 से 80 सेमी ऊपर 67.30 पर बह रहा था। नदी के जलस्तर में चंद दिनों से बेतहाशा वृद्धि नोट की जा रही है। कटइलवा गांव के समीप बन रहे बंधे के बीच की खाली जगहों के रास्ते बाढ़ का पानी खेतों में फैल रहा है। जबकि तेजी से गांवों का रुख कर रहा है। सरयू और राप्ती नदी में उमड़ रहे सैलाब से बाढ़ का पानी कटइलवा, नौकाटोला, मठियां, कुवाईच टोला, परसियां-विशुनपुर देवार आदि गांवों के करीब तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव राप्ती के उफान के कारण चारों तरफ से घिरा हुआ है। जबकि मऊ जनपद के बिनटोलिया और गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव में नदी का पानी घरों तक पहुंच गया है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि 12 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। सभी को अलर्ट कर दिया गया है। भदिला प्रथम गांव के लिए चार नाव लगाया गया है। परसियां-विशुनपुर देवार में खेतों में बने घरों तक पानी भर गया है। आवागमन के लिए वहां भी नाव लगा दी जाएगी।
भागलपुर में खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर हुई सरयू नदी
भागलपुर। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश के चलते सरयू नदी ने भागलपुर में उग्र रूप अख्तियार कर लिया है। लगातार जलस्तर में वृद्धि हो रही है। नदी के अप्रत्याशित परिवर्तन से तटवर्ती गांवो के लोगों में दहशत व्याप्त है। भारी बारिश और बाढ़ का दंश झेल चुके किसानों को अब फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है।
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केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के अनुसार, तुर्तीपार रेगुलेटर पर शुक्रवार 2 बजे नदी 64मीटर 70सेमी पर थी। जो खतरे के निशान 64.30 मीटर से नदी का जल स्तर 40 सेमी ऊपर हो गया है। 24 घंटे में नदी में 42 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। नदी की बढ़ोतरी से सैकड़ों गांवों के लोग सहमे हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई ने बताया कि भारी बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, निगरानी रखी जा रही है। नदी में अभी 24 घंटे तक वृद्धि जारी रहेगी।
बाढ़ के पानी से घिरे परसियां-विशुनपुर देवार के सात टोले, आफत
बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में हो रही बेतहाशा वृद्धि से बाढ़ का पानी गांवों की ओर का रुख कर दिया है। पिछले दो दिनों में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 से 80 सेमी ऊपर 66.30 मीटर पर है। नदी में उमड़ रहे सैलाब से नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कतलहिया, सुग्गा माझी, पुरानी दलित बस्ती, चौहान टोला सहित सात टोले पानी से घिर गए हैं। जिससे लोगों का आवागमन दुरुह हो गया है। गांव के लोग प्रशासन से नाव चलवाने की मांग किया है।
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बरहज। सरयू नदी में पिछले दिनों से सैलाब उमड़ आया है। सीता घाट की सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं। सरयू और राप्ती में आए उफान से नदी का पानी गांवों के करीब पहुंच गया है। नदियों के उफनाने से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है।
शुक्रवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 से 80 सेमी ऊपर 67.30 पर बह रहा था। नदी के जलस्तर में चंद दिनों से बेतहाशा वृद्धि नोट की जा रही है। कटइलवा गांव के समीप बन रहे बंधे के बीच की खाली जगहों के रास्ते बाढ़ का पानी खेतों में फैल रहा है। जबकि तेजी से गांवों का रुख कर रहा है। सरयू और राप्ती नदी में उमड़ रहे सैलाब से बाढ़ का पानी कटइलवा, नौकाटोला, मठियां, कुवाईच टोला, परसियां-विशुनपुर देवार आदि गांवों के करीब तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव राप्ती के उफान के कारण चारों तरफ से घिरा हुआ है। जबकि मऊ जनपद के बिनटोलिया और गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव में नदी का पानी घरों तक पहुंच गया है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि 12 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। सभी को अलर्ट कर दिया गया है। भदिला प्रथम गांव के लिए चार नाव लगाया गया है। परसियां-विशुनपुर देवार में खेतों में बने घरों तक पानी भर गया है। आवागमन के लिए वहां भी नाव लगा दी जाएगी।
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भागलपुर में खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर हुई सरयू नदी
भागलपुर। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश के चलते सरयू नदी ने भागलपुर में उग्र रूप अख्तियार कर लिया है। लगातार जलस्तर में वृद्धि हो रही है। नदी के अप्रत्याशित परिवर्तन से तटवर्ती गांवो के लोगों में दहशत व्याप्त है। भारी बारिश और बाढ़ का दंश झेल चुके किसानों को अब फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है।
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केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के अनुसार, तुर्तीपार रेगुलेटर पर शुक्रवार 2 बजे नदी 64मीटर 70सेमी पर थी। जो खतरे के निशान 64.30 मीटर से नदी का जल स्तर 40 सेमी ऊपर हो गया है। 24 घंटे में नदी में 42 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। नदी की बढ़ोतरी से सैकड़ों गांवों के लोग सहमे हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई ने बताया कि भारी बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, निगरानी रखी जा रही है। नदी में अभी 24 घंटे तक वृद्धि जारी रहेगी।
बाढ़ के पानी से घिरे परसियां-विशुनपुर देवार के सात टोले, आफत
बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में हो रही बेतहाशा वृद्धि से बाढ़ का पानी गांवों की ओर का रुख कर दिया है। पिछले दो दिनों में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 से 80 सेमी ऊपर 66.30 मीटर पर है। नदी में उमड़ रहे सैलाब से नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कतलहिया, सुग्गा माझी, पुरानी दलित बस्ती, चौहान टोला सहित सात टोले पानी से घिर गए हैं। जिससे लोगों का आवागमन दुरुह हो गया है। गांव के लोग प्रशासन से नाव चलवाने की मांग किया है।