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Deoria News: एथलीटों का होना था चयन, स्टेडियम में भर गया पानी
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ीनियर स्टेट एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए मंगलवार को जिला ट्रायल होना था। इसके लिए खेल कार्यालय ?
- फोटो : DEORIA
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एथलीटों का होना था चयन, स्टेडियम में भर गया पानी
दौड़ाए बिना ही मंडल ट्रायल के लिए कर लिया पांच खिलाड़ियों का चयन
24 से 25 दिसंबर तक गोरखपुर में होनी है सीनियर स्टेट महिला-पुरुष एथलेटिक्स प्रतियोगिता
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश सरकार की ओर से विशेष रूप से कराए जा रहे पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी प्रतियोगिताओं को लेकर खेल विभाग बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं है। जिला एथलेटिक्स टीम के चयन के लिए मंगलवार को ट्रायल के लिए खिलाड़ियों को बुलाया गया था। स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही ट्रायल आयोजित होना था और सुबह से ही उसमें पाइप बिछाकर पानी चला दिया गया। फजीहत होते देख जल्दी-जल्दी बिना ट्रायल कराए ही पांच सदस्यीय जिला टीम का चयन मंडल ट्रायल के लिए कर लिया गया। ऐसे में साफ पता चलता है कि खेलों के लेकर विभाग कितना गंभीर है।
खेल निदेशालय की ओर से पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी सीनियर स्टेट पुरुष व महिला एथलेक्टिस प्रतियोगिता 24 से 25 दिसंबर तक गोरखपुर में होनी है। जनपद के खिलाड़ी भी इसमें प्रतिभाग कर सकें, इसके लिए जिला ट्रायल मंगलवार सुबह 10 बजे से स्पोर्ट्स स्टेडियम में निर्धारित किया गया था। सुबह ट्रायल देने के लिए खिलाड़ी जुटने भी शुरू हो गए थे।
हालांकि, खेल विभाग के जिम्मेदारों ने ट्रायल का ख्याल न रखते हुए सुबह ही ग्राउंड में पाइप बिछाकर पानी चलवाना शुरू कर दिया। दोपहर तक ग्राउंड के चारों हिस्सों पर पानी ही पानी नजर आ रहा था। किसी को ध्यान नहीं रहा कि स्टेट एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए जिला टीम चयन के लिए खिलाड़ियों को बुलाया गया है। पानी भरे स्टेडियम में अगर ट्रायल होता तो खिलाड़ी चोटिल भी हो सकते थे।
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एथलेटिक्स संघ को भी नहीं दी समय से सूचना
जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव शिवानंद नायक ने बताया कि मंगलवार को ही ट्रायल था और उन्हें इसकी सूचना सुबह 11 बजे दी गई। ऐसे में वह कितने खिलाड़ियों को सूचना दे पाते। यहां तक कि खेल विभाग ने उन्हें एक दिन पहले सूचित करना तक जरूरी नहीं समझा। जिला एथलेटिक्स संघ में वर्तमान में 150 से अधिक एथलेटिक्स के खिलाड़ी पंजीकृत हैं। समय से सूचना मिल गई होती तो ट्रायल में आने खिलाड़ियों की संख्या अधिक होती और स्टेट में भी जनपद की मजबूत भागीदारी होती।
खिलाड़ियों के आने का नहीं किया इंतजार, जुगाड़ से चुन ली टीम
स्टेडियम में सुबह 10 बजे से होने वाले ट्रायल के लिए खिलाड़ियों की कम संख्या होने पर इंतजार किया जाता है। दो या तीन बजे अपराह्न से फिटनेस व गेम स्किल जांच कर अक्सर 10 सदस्यीय टीम का चयन किया जाता है। मंगलवार को एथलेटिक्स के खिलाड़ियों का इंतजार तक नहीं किया गया। ग्राउंड में पानी चलने के बाद अपनी फजीहत होते देख विभागीय लोगों ने जल्दी-जल्दी पांच खिलाड़ियों का चयन भी कर लिया। इसमें मो. रिजवान अली, अभय गुप्ता, विक्की गोंड, राजू कुमार चौरसिया, अवनीश यादव शामिल रहे। तेजी का आलम यह रहा कि इस पर जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव से भी दोपहर में ही हस्ताक्षर करा लिए गए।
कोट
स्पोर्ट्स स्टेडियम की घास सूख रही थी। इसलिए इसे बचाने और हरियाली बनी रहे, इसके लिए पानी चलाना जरूरी था। खेल निदेशालय की ओर से गोरखपुर में स्टेट प्रतियोगिता की सूचना रविवार की रात में मिली थी। सोमवार को इसे सूचनार्थ भेजा भी गया था। प्रशिक्षक न होने से एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की संख्या यहां कम है। ऐसे में बिना ट्रायल कराए ही पांच सदस्यीय टीम का चयन कर लिया गया।
-राज नरायण प्रसाद, जिला क्रीड़ाधिकारी
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दौड़ाए बिना ही मंडल ट्रायल के लिए कर लिया पांच खिलाड़ियों का चयन
24 से 25 दिसंबर तक गोरखपुर में होनी है सीनियर स्टेट महिला-पुरुष एथलेटिक्स प्रतियोगिता
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश सरकार की ओर से विशेष रूप से कराए जा रहे पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी प्रतियोगिताओं को लेकर खेल विभाग बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं है। जिला एथलेटिक्स टीम के चयन के लिए मंगलवार को ट्रायल के लिए खिलाड़ियों को बुलाया गया था। स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही ट्रायल आयोजित होना था और सुबह से ही उसमें पाइप बिछाकर पानी चला दिया गया। फजीहत होते देख जल्दी-जल्दी बिना ट्रायल कराए ही पांच सदस्यीय जिला टीम का चयन मंडल ट्रायल के लिए कर लिया गया। ऐसे में साफ पता चलता है कि खेलों के लेकर विभाग कितना गंभीर है।
खेल निदेशालय की ओर से पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी सीनियर स्टेट पुरुष व महिला एथलेक्टिस प्रतियोगिता 24 से 25 दिसंबर तक गोरखपुर में होनी है। जनपद के खिलाड़ी भी इसमें प्रतिभाग कर सकें, इसके लिए जिला ट्रायल मंगलवार सुबह 10 बजे से स्पोर्ट्स स्टेडियम में निर्धारित किया गया था। सुबह ट्रायल देने के लिए खिलाड़ी जुटने भी शुरू हो गए थे।
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हालांकि, खेल विभाग के जिम्मेदारों ने ट्रायल का ख्याल न रखते हुए सुबह ही ग्राउंड में पाइप बिछाकर पानी चलवाना शुरू कर दिया। दोपहर तक ग्राउंड के चारों हिस्सों पर पानी ही पानी नजर आ रहा था। किसी को ध्यान नहीं रहा कि स्टेट एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए जिला टीम चयन के लिए खिलाड़ियों को बुलाया गया है। पानी भरे स्टेडियम में अगर ट्रायल होता तो खिलाड़ी चोटिल भी हो सकते थे।
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एथलेटिक्स संघ को भी नहीं दी समय से सूचना
जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव शिवानंद नायक ने बताया कि मंगलवार को ही ट्रायल था और उन्हें इसकी सूचना सुबह 11 बजे दी गई। ऐसे में वह कितने खिलाड़ियों को सूचना दे पाते। यहां तक कि खेल विभाग ने उन्हें एक दिन पहले सूचित करना तक जरूरी नहीं समझा। जिला एथलेटिक्स संघ में वर्तमान में 150 से अधिक एथलेटिक्स के खिलाड़ी पंजीकृत हैं। समय से सूचना मिल गई होती तो ट्रायल में आने खिलाड़ियों की संख्या अधिक होती और स्टेट में भी जनपद की मजबूत भागीदारी होती।
खिलाड़ियों के आने का नहीं किया इंतजार, जुगाड़ से चुन ली टीम
स्टेडियम में सुबह 10 बजे से होने वाले ट्रायल के लिए खिलाड़ियों की कम संख्या होने पर इंतजार किया जाता है। दो या तीन बजे अपराह्न से फिटनेस व गेम स्किल जांच कर अक्सर 10 सदस्यीय टीम का चयन किया जाता है। मंगलवार को एथलेटिक्स के खिलाड़ियों का इंतजार तक नहीं किया गया। ग्राउंड में पानी चलने के बाद अपनी फजीहत होते देख विभागीय लोगों ने जल्दी-जल्दी पांच खिलाड़ियों का चयन भी कर लिया। इसमें मो. रिजवान अली, अभय गुप्ता, विक्की गोंड, राजू कुमार चौरसिया, अवनीश यादव शामिल रहे। तेजी का आलम यह रहा कि इस पर जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव से भी दोपहर में ही हस्ताक्षर करा लिए गए।
कोट
स्पोर्ट्स स्टेडियम की घास सूख रही थी। इसलिए इसे बचाने और हरियाली बनी रहे, इसके लिए पानी चलाना जरूरी था। खेल निदेशालय की ओर से गोरखपुर में स्टेट प्रतियोगिता की सूचना रविवार की रात में मिली थी। सोमवार को इसे सूचनार्थ भेजा भी गया था। प्रशिक्षक न होने से एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की संख्या यहां कम है। ऐसे में बिना ट्रायल कराए ही पांच सदस्यीय टीम का चयन कर लिया गया।
-राज नरायण प्रसाद, जिला क्रीड़ाधिकारी