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दुआओं के लिए देशवासियों के शुक्रगुजार हैं कर्नल केपी सिंह
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ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के पिता कर्नल केपी सिंह
- फोटो : DEORIA
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दुआओं के लिए देशवासियों के शुक्रगुजार हैं कर्नल केपी सिंह
ग्रुप कैप्टन के पिता ने जताया आभार, सैनिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं वरुण
पिता और चाचा दे चुके हैं सेना में सेवा, छोटा भाई नेवी में अफसर
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/देवरिया। कुन्नूर हेलिकॉप्टर हादसे के शिकार ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के लिए देशभर में मांगी जा रहीं दुआओं से उनके सैनिक पिता कर्नल केपी सिंह अभिभूत हैं। उन्होंने वरुण के लिए प्रार्थना करने वाले देशवासियों का आभार जताया है।
सोमवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके बहादुर बेटे के लिए पूरा देश दुआ कर रहा है। देशवासियों से मिल रही सहानुभूति और प्यार उनके परिवार का संबल बना है। वरुण देश का बहादुर सैनिक है। उसने कई बार बहादुरी दिखाई है। उन्हें पूरा विश्वास है कि वह मौत से चल रही जंग को जीत कर फिर देश की सेवा में पूरी ऊर्जा से लगेगा। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह सैनिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। परिवार के लोग सेना के तीनों अंगों थल, नभ और जल सेना में सेवा देकर देश की निगहबानी कर चुके हैं। पिता कर्नल कृष्ण प्रताप सिंह भोपाल से थल सेना में कर्नल पद से रिटायर हुए। चाचा रमेश प्रताप सिंह भी सेना में कर्नल रहे। छोटे भाई तनुज सिंह नेवी में लेप्टिनेंट कमांडर पद पर मुंबई में सेवा दे रहे हैं। वरुण के माता-पिता भोपाल में रहते हैं। हादसे के दस दिन पहले वह भाई की बेटी के बर्थडे पार्टी में शामिल होकर मुंबई से भोपाल लौटे थे। फाइटर पायलट वरुण अभिनंदन वर्धमान के बैचमेट रहे। उन्हें शांतिकाल में अदम्य साहस और धैर्य का परिचय देकर कंट्रोल खोने के बाद 10 हजार फीट की ऊंचाई से तेजस विमान को सफलतापूर्वक लैंड कराने के लिए इसी साल राष्ट्रपति रामगोविंद कोविंद ने गैलेंट्री अवॉर्ड शौर्य चक्र से नवाजा था। वरुण के कुशल पायलट होने के कारण सरकार ने उन्हें वैलिंग्टन के सेना अधिकारी स्कूल का प्रशिक्षक बनाकर भेजा था। उन्हें आठ दिसंबर को प्राटोकॉल अधिकारी के तौर पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत की अगुवाई करने के लिए लगाया गया था। जहां उनके साथ कुन्नूर हादसे के शिकार हो गए। अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बहादुर कैप्टन के लिए देशभर में दुआएं मांगी जा रही हैं। उनके पिता ने लोगों से वरुण के लिए दुआओं की अपील की और देशवासियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
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ग्रुप कैप्टन के पिता ने जताया आभार, सैनिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं वरुण
पिता और चाचा दे चुके हैं सेना में सेवा, छोटा भाई नेवी में अफसर
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/देवरिया। कुन्नूर हेलिकॉप्टर हादसे के शिकार ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के लिए देशभर में मांगी जा रहीं दुआओं से उनके सैनिक पिता कर्नल केपी सिंह अभिभूत हैं। उन्होंने वरुण के लिए प्रार्थना करने वाले देशवासियों का आभार जताया है।
सोमवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके बहादुर बेटे के लिए पूरा देश दुआ कर रहा है। देशवासियों से मिल रही सहानुभूति और प्यार उनके परिवार का संबल बना है। वरुण देश का बहादुर सैनिक है। उसने कई बार बहादुरी दिखाई है। उन्हें पूरा विश्वास है कि वह मौत से चल रही जंग को जीत कर फिर देश की सेवा में पूरी ऊर्जा से लगेगा। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह सैनिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। परिवार के लोग सेना के तीनों अंगों थल, नभ और जल सेना में सेवा देकर देश की निगहबानी कर चुके हैं। पिता कर्नल कृष्ण प्रताप सिंह भोपाल से थल सेना में कर्नल पद से रिटायर हुए। चाचा रमेश प्रताप सिंह भी सेना में कर्नल रहे। छोटे भाई तनुज सिंह नेवी में लेप्टिनेंट कमांडर पद पर मुंबई में सेवा दे रहे हैं। वरुण के माता-पिता भोपाल में रहते हैं। हादसे के दस दिन पहले वह भाई की बेटी के बर्थडे पार्टी में शामिल होकर मुंबई से भोपाल लौटे थे। फाइटर पायलट वरुण अभिनंदन वर्धमान के बैचमेट रहे। उन्हें शांतिकाल में अदम्य साहस और धैर्य का परिचय देकर कंट्रोल खोने के बाद 10 हजार फीट की ऊंचाई से तेजस विमान को सफलतापूर्वक लैंड कराने के लिए इसी साल राष्ट्रपति रामगोविंद कोविंद ने गैलेंट्री अवॉर्ड शौर्य चक्र से नवाजा था। वरुण के कुशल पायलट होने के कारण सरकार ने उन्हें वैलिंग्टन के सेना अधिकारी स्कूल का प्रशिक्षक बनाकर भेजा था। उन्हें आठ दिसंबर को प्राटोकॉल अधिकारी के तौर पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत की अगुवाई करने के लिए लगाया गया था। जहां उनके साथ कुन्नूर हादसे के शिकार हो गए। अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बहादुर कैप्टन के लिए देशभर में दुआएं मांगी जा रही हैं। उनके पिता ने लोगों से वरुण के लिए दुआओं की अपील की और देशवासियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
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