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Deoria News: ट्राॅमा सेंटर तैयार पर मेडिकल काॅलेज के अधिकतर गेटों पर ताला
Wed, 29 Jul 2026 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:26 PM IST
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सहूलियत और आपातकालीन स्थिति में त्वरित इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार हो गया है मगर कॉलेज प्रशासन की एक व्यवस्था के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों की राह कठिन बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज परिसर में सुगम प्रवेश के लिए बनाए गए अधिकतर गेट बंद रहते हैं। गेट नंबर एक और दो लगभग स्थाई रूप से बंद रखे जा रहे हैं। इसके चलते आपातकालीन स्थिति में आने वाली एंबुलेंस और गंभीर मरीजों को इमरजेंसी और ट्राॅमा सेंटर तक पहुंचने के लिए पूरा परिसर घूमकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
मेडिकल काॅलेज में पोस्टमार्टम हाउस के बगल में गेट नंबर एक है। इसके ठीक सामने दक्षिणी छोर पर दूसरा गेट महारानी चंडिका छात्रावास के गेट के पास है। इसके अलावा न्यू ओपीडी बिल्डिंग का गेट हमेशा बंद रखा जाता है। एमसीएच विंग का गेट शाम छह बजे तक खुला रहता है। इसके अलावा इमरजेंसी के पास के गेट खुले रहते हैं।
इसके चलते इमरजेंसी में पहुंचने के लिए एकमात्र गेट सुविधाजनक है। इसके लिए बस स्टैंड के सामने से होकर पहुंचना मजबूरी है। इस तिराहे पर दिन में अक्सर जाम लगा रहता है। इसके चलते कई बार एंबुलेंस फंस जाती है। जलकल रोड की ओर से आने वाली एंबुलेंस को घूमकर इमरजेंसी पहुंचना पड़ता है। यदि गेट नंबर एक खुला रहता तो समय की बचत होती।
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गोरखपुर रोड साइड से आने वाले एंबुलेंस बस स्टैंड से पहले ही कचहरी चौराहे से मुड़कर गेट नंबर एक से सीधे इमरजेंसी पहुंच जाते। इससे समय की बचत होती।
प्रतिदिन आते हैं औसतन 250 मरीज
इमरजेंसी में औसतन प्रतिदिन 250 मरीज आते हैं। इस सप्ताह के अंत तक ट्राॅमा सेंटर शुरू होने के बाद आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। इससे इमरजेंसी मरीजों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। आसपास के जिलों और बिहार के गंभीर मरीज बढ़ सकते हैं। इससे मरीजों की संख्या ट्राॅमा सेंटर शुरू होने के बाद 300 के पार जा सकती है। लोगों का मानना है कि यह गेट आगे भी बंद रहे तो गंभीरमरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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मेडिकल काॅलेज में पोस्टमार्टम हाउस के बगल में गेट नंबर एक है। इसके ठीक सामने दक्षिणी छोर पर दूसरा गेट महारानी चंडिका छात्रावास के गेट के पास है। इसके अलावा न्यू ओपीडी बिल्डिंग का गेट हमेशा बंद रखा जाता है। एमसीएच विंग का गेट शाम छह बजे तक खुला रहता है। इसके अलावा इमरजेंसी के पास के गेट खुले रहते हैं।
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इसके चलते इमरजेंसी में पहुंचने के लिए एकमात्र गेट सुविधाजनक है। इसके लिए बस स्टैंड के सामने से होकर पहुंचना मजबूरी है। इस तिराहे पर दिन में अक्सर जाम लगा रहता है। इसके चलते कई बार एंबुलेंस फंस जाती है। जलकल रोड की ओर से आने वाली एंबुलेंस को घूमकर इमरजेंसी पहुंचना पड़ता है। यदि गेट नंबर एक खुला रहता तो समय की बचत होती।
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गोरखपुर रोड साइड से आने वाले एंबुलेंस बस स्टैंड से पहले ही कचहरी चौराहे से मुड़कर गेट नंबर एक से सीधे इमरजेंसी पहुंच जाते। इससे समय की बचत होती।
प्रतिदिन आते हैं औसतन 250 मरीज
इमरजेंसी में औसतन प्रतिदिन 250 मरीज आते हैं। इस सप्ताह के अंत तक ट्राॅमा सेंटर शुरू होने के बाद आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। इससे इमरजेंसी मरीजों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। आसपास के जिलों और बिहार के गंभीर मरीज बढ़ सकते हैं। इससे मरीजों की संख्या ट्राॅमा सेंटर शुरू होने के बाद 300 के पार जा सकती है। लोगों का मानना है कि यह गेट आगे भी बंद रहे तो गंभीरमरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।