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व्यवसायी को दुकान से उठा ले गए बिहार, पुलिस ने कराया मुक्त
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व्यवसायी को दुकान से उठा ले गए बिहार, पुलिस ने कराया मुक्त
प्रतापपुर। बनकटा थाना क्षेत्र के प्रतापपुर बाजार के कपड़ा व्यवसायी को शुक्रवार की देर शाम बिहार के कुछ लोग जबरन उठा ले गए। सरेशाम हुई इस घटना से बाजार में अफरातफरी मच गई। जानकारी होने पर सीओ भाटपाररानी एवं बनकटा थानाध्यक्ष ने बिहार के नौतन एसओ से बातचीत कर व्यवसायी को मुक्त कराया। आरोपियों का कहना था कि व्यवसायी की गाड़ी से बिहार में दुर्घटना हुई है। जबकि व्यवसायी ने कहा कि उनकी गाड़ी बिहार गई ही नहीं है।
मिश्रौली गांव के कुर्मी टोला निवासी राम नगीना सिंह की प्रतापपुर बाजार में कपड़े की दुकान है। शुक्रवार की शाम इनकी दुकान पर बिहार के 5-6 लोग पहुंचे और उनकी चार पहिया गाड़ी से दुर्घटना का आरोप लगाते हुए दुकान से खींच कर मोटरसाइकिल पर बिठा लिया। उन्हें बिहार के नौतन थाना की सीमा में स्थित शाहपुर के गोसाईं टोला के समीप बंधक बना लिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस में महकमे में हड़कंप मच गया। प्रतापपुर पुलिस चौकी के एसआई विपिन यादव ने मामले की सूचना एसओ प्रमोद कुमार सिंह एवं अधिकारियों को दी। बाद में सीओ पंचमलाल तथा एसओ ने बिहार के नौतन थाना अध्यक्ष से संपर्क किया। उनको साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और बातचीत कर कपड़ा व्यवसायी को मुक्त करा दिया। वहीं कपड़ा व्यवसायी रामनगीना सिंह का कहना है कि उनकी गाड़ी से कोई दुर्घटना नहीं हुई है। उनकी गाड़ी आज बिहार में गई ही नहीं है। इस संबंध में एसओ प्रमोद सिंह ने बताया कि गलतफहमी में कुछ लोग व्यवसायी को उठा ले गए थे। बिहार पुलिस से समन्वय स्थापित कर उन्हें मुक्त करा लिया गया है। व्यवसायी के साथ कोई अभद्र व्यवहार नहीं हुआ है।
व्यवसायी ने लगाया रंजिशवश घटना को अंजाम देने का आरोप
प्रतापपुर। मिश्रौली कुर्मी टोला गांव निवासी व कपड़ा व्यवसायी रामनगीना सिंह ने इस मामले में पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए तीन नामजद समेत दस अज्ञात लोगों पर जान से मारने की नियत से दुकान से जबरदस्ती उठा कर ले जाने का आरोप लगाया है। तहरीर में कहा है कि शुक्रवार की शाम सात बजे वह अपनी दुकान बंद कर रहे थे तभी बिहार के कुछ कुख्यात अपराधी व दस अज्ञात लोग आए और उन पर हमला कर दिया। उन्हें दुकान से खींच कर बाइक पर बिठा लिया व मारते-पीटते लेकर चले गए। वे लोग हत्या की धमकी दे रहे थे। सूचना पर जब सीओ और एसओ मौके पर पहुंचे तो उनकी जान बची। पीड़ित रामनगीना ने एसओ बनकटा को तीन नामजद तथा दस अज्ञात के विरुद्ध तहरीर दी है।
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प्रतापपुर। बनकटा थाना क्षेत्र के प्रतापपुर बाजार के कपड़ा व्यवसायी को शुक्रवार की देर शाम बिहार के कुछ लोग जबरन उठा ले गए। सरेशाम हुई इस घटना से बाजार में अफरातफरी मच गई। जानकारी होने पर सीओ भाटपाररानी एवं बनकटा थानाध्यक्ष ने बिहार के नौतन एसओ से बातचीत कर व्यवसायी को मुक्त कराया। आरोपियों का कहना था कि व्यवसायी की गाड़ी से बिहार में दुर्घटना हुई है। जबकि व्यवसायी ने कहा कि उनकी गाड़ी बिहार गई ही नहीं है।
मिश्रौली गांव के कुर्मी टोला निवासी राम नगीना सिंह की प्रतापपुर बाजार में कपड़े की दुकान है। शुक्रवार की शाम इनकी दुकान पर बिहार के 5-6 लोग पहुंचे और उनकी चार पहिया गाड़ी से दुर्घटना का आरोप लगाते हुए दुकान से खींच कर मोटरसाइकिल पर बिठा लिया। उन्हें बिहार के नौतन थाना की सीमा में स्थित शाहपुर के गोसाईं टोला के समीप बंधक बना लिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस में महकमे में हड़कंप मच गया। प्रतापपुर पुलिस चौकी के एसआई विपिन यादव ने मामले की सूचना एसओ प्रमोद कुमार सिंह एवं अधिकारियों को दी। बाद में सीओ पंचमलाल तथा एसओ ने बिहार के नौतन थाना अध्यक्ष से संपर्क किया। उनको साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और बातचीत कर कपड़ा व्यवसायी को मुक्त करा दिया। वहीं कपड़ा व्यवसायी रामनगीना सिंह का कहना है कि उनकी गाड़ी से कोई दुर्घटना नहीं हुई है। उनकी गाड़ी आज बिहार में गई ही नहीं है। इस संबंध में एसओ प्रमोद सिंह ने बताया कि गलतफहमी में कुछ लोग व्यवसायी को उठा ले गए थे। बिहार पुलिस से समन्वय स्थापित कर उन्हें मुक्त करा लिया गया है। व्यवसायी के साथ कोई अभद्र व्यवहार नहीं हुआ है।
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व्यवसायी ने लगाया रंजिशवश घटना को अंजाम देने का आरोप
प्रतापपुर। मिश्रौली कुर्मी टोला गांव निवासी व कपड़ा व्यवसायी रामनगीना सिंह ने इस मामले में पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए तीन नामजद समेत दस अज्ञात लोगों पर जान से मारने की नियत से दुकान से जबरदस्ती उठा कर ले जाने का आरोप लगाया है। तहरीर में कहा है कि शुक्रवार की शाम सात बजे वह अपनी दुकान बंद कर रहे थे तभी बिहार के कुछ कुख्यात अपराधी व दस अज्ञात लोग आए और उन पर हमला कर दिया। उन्हें दुकान से खींच कर बाइक पर बिठा लिया व मारते-पीटते लेकर चले गए। वे लोग हत्या की धमकी दे रहे थे। सूचना पर जब सीओ और एसओ मौके पर पहुंचे तो उनकी जान बची। पीड़ित रामनगीना ने एसओ बनकटा को तीन नामजद तथा दस अज्ञात के विरुद्ध तहरीर दी है।
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