फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   tiequandoe players nedd sencer

Deoria News: खिलाड़ियों को मिले सेंसर तो ताइक्वांडो को मिलेगी और ऊंची उड़ान

Thu, 07 Mar 2024 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Thu, 07 Mar 2024 12:29 AM IST
विज्ञापन
tiequandoe players nedd sencer
स्टेडियम में संचालित ताइक्वांडो शिविर में सेंसर सेट नहीं होने से होती है परेशानी
विज्ञापन

मैनुअल पॉइंट मिलने पर खिलाड़ियों के मन में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद बेहतर अंक नहीं मिलने की रहती है शिकायत

...फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पिछले दस सालों से जनपद के ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सेंसर सेट मिलने का इंतजार है। अभी वह इसके बिना ही प्रैक्टिस करने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, प्रतियोगिता के दौरान बेहतर किक के बावजूद मनमाफिक अंक नहीं मिलने पर उनके मन में निराशा का भाव आ जाता है। खेल निदेशालय भी इनकी इस बड़ी जरूरत को अब तक पूरा नहीं कर पाया है।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में पिछले 10 सालों से लगातार ताइक्वांडो का शिविर संचालित हो रहा है। वैसे तो प्रैक्टिस के दौरान खिलाड़ियों को चेस्ट गार्ड, हेड गार्ड सहित खेल से संबंधित अन्य उपकरण उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। लेकिन, सेंसर सेट नहीं होने से उनके मन में कहीं न कहीं बेहतर अंक न पाने की निराशा हो जाती है। जबकि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंक के लिए सेंसर सेट की ही निर्णायक मदद लेते हैं।
विज्ञापन

जिले के कई खिलाड़ी जो नेशनल स्तर तक बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सेंसर सेट नहीं होने से उनके सपनों को बड़ी उड़ान नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उन्हें आगे बढ़ने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेंसर सेट में स्क्रीन पर पॉइंट दिखने से खेल में रहती है पारदर्शिता
ताइक्वांडो के प्रशिक्षक एवं जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव गिरीश सिंह ने बुधवार को बताया कि चेस्ट गार्ड व हेड गार्ड में ही सेंसर लगा होता है। जब खिलाड़ी एक-दूसरे पर किक से प्रहार करते हैं तो अंक स्क्रीन पर दिखता है। इससे खिलाड़ियों को मिलने वाले अंक में पारदर्शिता रहती है। मैनुअल देखने के दौरान रेफरी किसी एंगल से अगर प्रहार नहीं ठीक से देख पाता तो इससे खिलाड़ी को मिलने वाले अंक पर असर पड़ जाता है। जिले में होने वाली प्रतियोगिताओं में अभी तक रेफरी कागज पर ही पॉइंट देते हैं। सेंसर सेट के हो जाने से पारदर्शिता अधिक रहेगी और खिलाड़ियों के बीच विवाद भी नहीं होगा। अच्छी कंपनी का सेंसर पांच से छह लाख रुपये में आता है।



ताइक्वांडो में यहां के खिलाड़ी अभाव में भी कर रहे बड़ा नाम
जिले के खिलाड़ी अभावों में भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताइक्वांडो में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। इसमें प्रियंका कुमारी, रिया कन्नैजिया तो थाईलैंड में खेल चुकी हैं। इसके अलावा तुशिका वर्मा, तन्नू वर्मा, आयुषी प्रजापति को बीते माह लखनऊ में आयोजित खेलो इंडिया वीमेंस लीग में कांस्य पदक मिला है। इन तीनों का चयन उड़ीसा के कटक में नौ से 11 मार्च तक होने वाले खेलो इंडिया लीग के लिए यूपी टीम में हुआ है। इसके अलावा स्टेडियम के खिलाड़ी स्टेट प्रतियोगिताओं में भी दमदार प्रदर्शन कर जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं।


स्पीकअप

सेंसर सेट होता तो हमारा प्रदर्शन और बेहतर होता। किक खिलाड़ी मारता है लेकिन कभी-कभी मनमाफिक अंक नहीं मिलने से हाथ आती जीत फिसल जाती है। यह उपकरण होने पर खिलाड़ियों को फायदा होगा।
-समृद्धि गुप्ता, अंडर-48 किलो जूनियर वर्ग की खिलाड़ी


हर खिलाड़ी प्रैक्टिस या प्रतियोगिता के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने को लालायित रहता है। कभी-कभी अच्छे प्रदर्शन के बावजूद रेफरी एंगल नहीं देख पाते और सही अंक नहीं मिलने से हारने से निराश हो जाते हैं। सेंसर की मांग पिछले कई सालों से की जा रही है, देखते हैं हमारी यह मांग कब तक जिम्मेदार पूरी करते हैं।

-हर्ष यादव, 68 किलो सीनियर वर्ग के खिलाड़ी
कोट
सेंसर सेट के लिए खेल निदेशालय ने स्वीकृति दे दी है। इसी माह इसके मिलने की उम्मीद है। इसकी मदद से किक मारते समय सही अंक का पता चल जाएगा। मैनुअली ठीक से पता नहीं चलता है।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed