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Deoria News: वाहन की टक्कर से तीस वर्षीय युवक की मौत

Sun, 25 Jun 2023 12:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jun 2023 12:03 AM IST
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Thirty-year-old youth dies in vehicle collision
खुखुंदू थाना क्षेत्र के सुबिखर के निकट हुई दुर्घटना, भलुअनी क्षेत्र के बारीपुर अपनी ससुराल जा रहा था युवक
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- तीन मासूमों के सिर से उठा पिता का साया, मेहनत मजदूरी कर परिवार का कर रहा था भरण-पोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। खुखुंदू थाना क्षेत्र के सुबिखर के निकट शुक्रवार देर रात अज्ञात वाहन ने पैदल जा रहे राहगीर को टक्कर मार दिया। जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मदनपुर क्षेत्र के कोरया निवासी धर्मेंद्र 30 देवरिया से मजदूरी कर अपनी ससुराल भलुअनी क्षेत्र के बारीपुर गांव जा रहा था। अभी वह खुखुंदू क्षेत्र के सुबिखर गांव के पास ही पहुंचा था कि किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया। जिससे उसका सिर कुचल गया और मौके पर मौत हो गई। अगल-बगल के लोग दुर्घटना की आवाज सुनकर जब तक मौके पर पहुंचते चालक वाहन लेकर फरार हो चुका था। राहगीरों ने इसकी सूचना पीआरवी 112 को दिया। मौके पर पहुंची पुलिस उसके शव को लेकर चली गई। मृतक की शादी दस वर्ष पूर्व भलुअनी थाने के बारीपुर निवासी रामबेलास की पुत्री प्रेमशीला के साथ हुई थी। उसकी तीन संतानें जिसमें नीरज सात वर्ष, स्नेहा पांच वर्ष एवं खुशी दो वर्ष है। मौत की खबर सुनकर मां लाची देवी और पत्नी प्रेमशीला बेसुध पड़ी हैं। रोते-रोते बार-बार दोनों यह यह कह रही थीं कि अब जीवन का गुजर-बसर कैसे होगा। धमेंद्र के पिता खूबलाल की मौत पहले ही हो चुकी है। खूबलाल के तीन बेटों में धर्मेंद्र सबसे छोटा लड़का था। पूरे परिवार की जिम्मेदारी इन ऊपर थी।
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पिता की मौत के बाद ही उठा ली थी परिवार की जिम्मेदारी
पिता खूबलाल की मौत के बाद उसके बड़ा बेटा राजीत, मझला बालजी एवं छोटा धर्मेंद्र मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते हैं। दो भाई अलग रहते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते धर्मेंद्र ने मां सहित पत्नी व बच्चों की जिम्मेदारी खुद संभाल ली थी। अप्रैल में वह पत्नी व बच्चों को लेकर ससुुुराल बारीपुर आया था। यहीं से वह प्रतिदिन देवरिया काम करने आता-जाता था। शुक्रवार की देर सोनूघाट से साधन नहीं मिलने पर वह पैदल ही छह किलोमीटर दूर स्थित अपनी ससुराल बारीपुर के लिए चल दिया। सुबिखर के पास ही पहुंचा था कि यह घटना हो गई। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य के चले जाने से उसकी मां, पत्नी व तीनों संतानों का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार दोपहर मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन दहाड़े मारकर रो रहे थे।
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