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Deoria News: बांध टूटा तो 36 टोले में मच सकती है तबाही
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-जगह-जगह दबाव बना रही सरयू, दसरसरिया मजरे के पास टूट सकता है बांध
सच्चिदा नंद पांडेय
बरहज। सरयू नदी में एक बार फिर सैलाब उमड़ आया है। रविवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 20 सेमी ऊपर 67.50 मीटर पर बह रही थी। नदी के दबाव से परसियां-विशुनपुर देवार के दसरसरिया मोहल्ले के पास पीडब्ल्यूडी बांध में दरार हो गई है, जिससे बांध टूटने के कगार पर है। बांध टूटा तो परसियां-विशुनपुर देवार के 36 टोले में तबाही मच सकती है। नदी के उग्र तेवर और बंधे की हालत को लेकर लोग सहमे हैं।
सरयू नदी पार परसियां देवार में 22, जबकि विशुनपुर देवार में 14 मजरे हैं। चार दिनों से सरयू के जलस्तर में तेजी से नदी का पानी रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहा है, जबकि कटइलवा से कपरवार संगम तट, महेन-मोहरा बांध के अलावा परसियां-विशुनपुर देवार के पीडब्ल्यूडी बांध पर जगह-जगह पानी का दबाव बढ़ गया है। 72 घंटे में नदी के जलस्तर में एक मीटर 20 सेंटीमीटर बढ़त दर्ज की गई है। सरयू में सैलाब उमड़ने से दियारा क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी बांध पर खतरा बढ़ गया है। परसियां देवार के शंकर, छोटेलाल, दिनेश कुमार, रामपरीख, राजकुमार आदि का कहना है कि दरसरिया मोहल्ले के पास बांध पर बीच में दरार हो गया है।
लोगों का कहना है कि बांध के टूटने से दोनों गांवों के 36 टोलों में तबाही मच सकती है। 2022 में बांध के टूटने से हड़कंप मच गया था, लेकिन विभागीय तत्परता के कारण कोई भारी नुकसान नहीं हुआ था। हालांकि सरयू में उफान से राप्ती में भी बाढ़ आ गई है। नदी का पानी पैना स्थित रामजानकी मार्ग और रुद्रपुर रोड पर विनोबापुरी, ईंट भट्ठे तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव टापू बना है। वहीं गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव में बाढ़ का पानी घर की सीढि़यों तक पहुंच गया है।
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परसियां-विशुनपुर देवार में बाढ़ के पानी से घिरे आधा दर्जन टोले
बरहज। सरयू में सैलाब उमड़ने से बाढ़ का पानी खतरे के निशान से एक मीटर 20 सेमी ऊपर पहुंच गया है। नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि से परसियां देवार के भरटोला, चौधरीपुरा, नकिहवां, महोब टोला, जबकि विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, दलित बस्ती, चौहान, लोहार, बांके, किशुन, जैतुन टोला, नई दलित बस्ती, जरलहवा, रामदरश आदि टोलों में पानी घुस गया है। नगर के पश्चिमी पटेल नगर में मुख्य सड़क पर नदी का पानी बहने लगा है, जिससे मोहल्ले की किशनावती राजभर, सायरा खातून, अशोक, रमाशंकर आदि के दरवाजों पर पानी लग गया है। नदी का पानी सड़क से नाली आदि के रास्ते घरों में पहुंच रहा है।
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20-30 वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी की ओर से परसियां-विशुनपुर देवार को बाढ़ से बचाने और आवागमन सुलभ कराने के लिए बांध बनाया गया था। दुर्गम भौगोलिक स्थित होने और मरम्मत के अभाव में बांध जर्जर हो गया है। बाढ़ आने पर विभाग की इसकी याद आती है। बांध टूटने से परसियां-विशुनपुर देवार के 36 मजरे प्रभावित होंगे।
-रमाशंकर यादव, परसियां देवार
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2022 में पीडब्ल्यूडी बांध कट गया था, लेकिन समय से पहले विभाग ने दुरुस्त करा दिया गया था। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस बार बांध के टूटने की संभावना प्रबल हो रही है। कुछ माह पूर्व विभाग ने मिट्टी का कार्य कराकर इतिश्री कर लिया है।
-ओमप्रकाश यादव, विशुनपुर देवार
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कोट-
सरयू का जलस्तर बढ़ने से पीडब्लूडी बांध पर नदी के पानी का दबाव बढ़ा है। कटानरोधी कार्य चल रहा है। पिछली बार के कटान को देखते हुए तेजी से कार्य कराए जा रहे हैं।
-आरके सिंह अधिशासी, अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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सच्चिदा नंद पांडेय
बरहज। सरयू नदी में एक बार फिर सैलाब उमड़ आया है। रविवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 20 सेमी ऊपर 67.50 मीटर पर बह रही थी। नदी के दबाव से परसियां-विशुनपुर देवार के दसरसरिया मोहल्ले के पास पीडब्ल्यूडी बांध में दरार हो गई है, जिससे बांध टूटने के कगार पर है। बांध टूटा तो परसियां-विशुनपुर देवार के 36 टोले में तबाही मच सकती है। नदी के उग्र तेवर और बंधे की हालत को लेकर लोग सहमे हैं।
सरयू नदी पार परसियां देवार में 22, जबकि विशुनपुर देवार में 14 मजरे हैं। चार दिनों से सरयू के जलस्तर में तेजी से नदी का पानी रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहा है, जबकि कटइलवा से कपरवार संगम तट, महेन-मोहरा बांध के अलावा परसियां-विशुनपुर देवार के पीडब्ल्यूडी बांध पर जगह-जगह पानी का दबाव बढ़ गया है। 72 घंटे में नदी के जलस्तर में एक मीटर 20 सेंटीमीटर बढ़त दर्ज की गई है। सरयू में सैलाब उमड़ने से दियारा क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी बांध पर खतरा बढ़ गया है। परसियां देवार के शंकर, छोटेलाल, दिनेश कुमार, रामपरीख, राजकुमार आदि का कहना है कि दरसरिया मोहल्ले के पास बांध पर बीच में दरार हो गया है।
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लोगों का कहना है कि बांध के टूटने से दोनों गांवों के 36 टोलों में तबाही मच सकती है। 2022 में बांध के टूटने से हड़कंप मच गया था, लेकिन विभागीय तत्परता के कारण कोई भारी नुकसान नहीं हुआ था। हालांकि सरयू में उफान से राप्ती में भी बाढ़ आ गई है। नदी का पानी पैना स्थित रामजानकी मार्ग और रुद्रपुर रोड पर विनोबापुरी, ईंट भट्ठे तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव टापू बना है। वहीं गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव में बाढ़ का पानी घर की सीढि़यों तक पहुंच गया है।
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परसियां-विशुनपुर देवार में बाढ़ के पानी से घिरे आधा दर्जन टोले
बरहज। सरयू में सैलाब उमड़ने से बाढ़ का पानी खतरे के निशान से एक मीटर 20 सेमी ऊपर पहुंच गया है। नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि से परसियां देवार के भरटोला, चौधरीपुरा, नकिहवां, महोब टोला, जबकि विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, दलित बस्ती, चौहान, लोहार, बांके, किशुन, जैतुन टोला, नई दलित बस्ती, जरलहवा, रामदरश आदि टोलों में पानी घुस गया है। नगर के पश्चिमी पटेल नगर में मुख्य सड़क पर नदी का पानी बहने लगा है, जिससे मोहल्ले की किशनावती राजभर, सायरा खातून, अशोक, रमाशंकर आदि के दरवाजों पर पानी लग गया है। नदी का पानी सड़क से नाली आदि के रास्ते घरों में पहुंच रहा है।
20-30 वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी की ओर से परसियां-विशुनपुर देवार को बाढ़ से बचाने और आवागमन सुलभ कराने के लिए बांध बनाया गया था। दुर्गम भौगोलिक स्थित होने और मरम्मत के अभाव में बांध जर्जर हो गया है। बाढ़ आने पर विभाग की इसकी याद आती है। बांध टूटने से परसियां-विशुनपुर देवार के 36 मजरे प्रभावित होंगे।
-रमाशंकर यादव, परसियां देवार
2022 में पीडब्ल्यूडी बांध कट गया था, लेकिन समय से पहले विभाग ने दुरुस्त करा दिया गया था। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस बार बांध के टूटने की संभावना प्रबल हो रही है। कुछ माह पूर्व विभाग ने मिट्टी का कार्य कराकर इतिश्री कर लिया है।
-ओमप्रकाश यादव, विशुनपुर देवार
कोट-
सरयू का जलस्तर बढ़ने से पीडब्लूडी बांध पर नदी के पानी का दबाव बढ़ा है। कटानरोधी कार्य चल रहा है। पिछली बार के कटान को देखते हुए तेजी से कार्य कराए जा रहे हैं।
-आरके सिंह अधिशासी, अभियंता, पीडब्ल्यूडी