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कैश को लेकर फिर उबाल
देवरिया/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:32 PM IST
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सड़क जाम की
- फोटो : अमर उजाला
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शादी-ब्याह का दौर शुरू होते ही कैश संकट फिर गहराने लगा है। तरकुलवा के स्टेट बैंक शाखा नो कैश का नोटिस चस्पा देख बुधवार को ग्राहक भड़क गए। खूब हंगामा किया। कंचनपुर-तरकुलवा मार्ग को जाम कर दिया। एक घंटे तक आवागमन ठप रहा। बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम समाप्त कराने के लिए पुलिसकर्मियों को ठंड भी पसीने बहाने पड़े। ग्राहकों ने चेतावनी दी कि गुरुवार को कैश नहीं मिला तो फिर जाम लगाया जाएगा।
चुनावी महासमर में बैंकों में कैश संकट को लेकर नेताओं को भी दो-चार होना पड़ा रहा है। जनसंपर्क के दौरान उन्हें मतदाताओं की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। खासकर भाजपा नेताओं को। स्टेट बैंक की शाखा पर बुधवार को सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। 10 बजे बैंक का ताला खुला। लाइन में लगे लोगों को उम्मीद बढ़ गई कि रुपये मिल जाएगा। थोड़ी देर बाद बैंककर्मी ने नो कैश का नोटिस चस्पा कर दिया। यह देख लाइन में लगे लोग भड़क गए। बैंककर्मियों से कहासुनी शुरू कर दी। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के समय भी शादी-ब्याह का समय था। खरवास समाप्त होने के बाद फिर शादी-ब्याह शुरू हो गई है। बैंककर्मी मौके का लाभ उठाने के लिए कैश का संकट बता रहे हैं। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि चहेतों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम लोगों को बिना रुपये दिए ही वापस कर दिया जाता है। पुलिस ने नाराज ग्राहकों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।
विशुनपुरा में बैंककर्मियों को दौड़ाया
विशुनपुरा के पूर्वांचल बैंक में एक सप्ताह से कैश क्राइसिस है। ग्राहक रोज भोर से लाइन लगाते हैं लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ता है। बुधवार को भी कैश नहीं था। ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। जब उन्हें पता चला कि आज भी कैैश नहीं है तो उग्र हो गए। नारेबाजी करते हुए विशुनपुरा-डमनपुुरा मार्ग पर जाम लगा दिया। बैंककर्मियों को दौड़ा भी लिया। करीब दो घंटे तक मार्ग जाम रहा है। सूचना के बाद भी बैंक के बगल स्थित पुलिस चौकी के सिपाही मौके पर नहीं पहुंचे। जाम में फंसे लोगों ने यूपी-100 पर फोन कर जाम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। आनन-फानन में यूपी-100 की एक गाड़ी मौके पर पहुंच गई। दर्जनों की संख्या में प्रदर्शनकारियों की भीड़ के आगे जीप में सवार पुलिसकर्मी बौने साबित पड़ रहे थे। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे एक भी सुनने को तैयार नहीं थे। ग्राहकों का आरोप है कि एक सप्ताह से बैंक में कैश नहीं है। शिकायत करने के बाद भी बैंक के शाखा प्रबंधक सही जवाब नहीं देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइन में लगे लोगों बारी का ही इंतजार करते रह जाते हैं और पहुंच वाले अंदर से रुपये लेकर मुस्कुराते हुए चले जाते हैं। करीब एक घंटे बाद बघौचघाट के इंस्पेक्टर नेहरू पहुंचे। उन्होंने बैंक प्रबंधन से बात कर गुरुवार को भुगतान कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
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चुनावी महासमर में बैंकों में कैश संकट को लेकर नेताओं को भी दो-चार होना पड़ा रहा है। जनसंपर्क के दौरान उन्हें मतदाताओं की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। खासकर भाजपा नेताओं को। स्टेट बैंक की शाखा पर बुधवार को सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। 10 बजे बैंक का ताला खुला। लाइन में लगे लोगों को उम्मीद बढ़ गई कि रुपये मिल जाएगा। थोड़ी देर बाद बैंककर्मी ने नो कैश का नोटिस चस्पा कर दिया। यह देख लाइन में लगे लोग भड़क गए। बैंककर्मियों से कहासुनी शुरू कर दी। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के समय भी शादी-ब्याह का समय था। खरवास समाप्त होने के बाद फिर शादी-ब्याह शुरू हो गई है। बैंककर्मी मौके का लाभ उठाने के लिए कैश का संकट बता रहे हैं। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि चहेतों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम लोगों को बिना रुपये दिए ही वापस कर दिया जाता है। पुलिस ने नाराज ग्राहकों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।
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विशुनपुरा में बैंककर्मियों को दौड़ाया
विशुनपुरा के पूर्वांचल बैंक में एक सप्ताह से कैश क्राइसिस है। ग्राहक रोज भोर से लाइन लगाते हैं लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ता है। बुधवार को भी कैश नहीं था। ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। जब उन्हें पता चला कि आज भी कैैश नहीं है तो उग्र हो गए। नारेबाजी करते हुए विशुनपुरा-डमनपुुरा मार्ग पर जाम लगा दिया। बैंककर्मियों को दौड़ा भी लिया। करीब दो घंटे तक मार्ग जाम रहा है। सूचना के बाद भी बैंक के बगल स्थित पुलिस चौकी के सिपाही मौके पर नहीं पहुंचे। जाम में फंसे लोगों ने यूपी-100 पर फोन कर जाम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। आनन-फानन में यूपी-100 की एक गाड़ी मौके पर पहुंच गई। दर्जनों की संख्या में प्रदर्शनकारियों की भीड़ के आगे जीप में सवार पुलिसकर्मी बौने साबित पड़ रहे थे। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे एक भी सुनने को तैयार नहीं थे। ग्राहकों का आरोप है कि एक सप्ताह से बैंक में कैश नहीं है। शिकायत करने के बाद भी बैंक के शाखा प्रबंधक सही जवाब नहीं देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइन में लगे लोगों बारी का ही इंतजार करते रह जाते हैं और पहुंच वाले अंदर से रुपये लेकर मुस्कुराते हुए चले जाते हैं। करीब एक घंटे बाद बघौचघाट के इंस्पेक्टर नेहरू पहुंचे। उन्होंने बैंक प्रबंधन से बात कर गुरुवार को भुगतान कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
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