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Deoria News: शहर में भी खड़ी है मौत की दीवार

Fri, 16 Feb 2024 11:08 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 16 Feb 2024 11:08 PM IST
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The wall of death stands in the city too
सरकारी एवं निजी मकान हो गए हैं जर्जर
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-मकान गिरे तो सकते हैं बड़े हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के पूर्वा में जो दीवार गिरी है, वह कमरे के अंदर थी। छत और बाहरी दीवार से पार्टीशन की दीवार अलग हुई तो दरार साफ नजर आ रही, लेकिन इसे नजरअंदाज करने की लापरवाही से दिल दहला देने वाला हादसा हो गया है, जबकि शहरी क्षेत्र में ऐसे कई जर्जर सरकारी व निजी मकान हैं, जो बाहर से ही जीर्ण शीर्ण नजर आ रहे हैं। ऐसे मकानों को ध्वस्त नहीं होने के कारण बड़ा हादसा हो सकता है और ऐसे लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं, जिनका ये मकान नहीं है।
नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व प्रशासन और नगर पालिका परिषद का है, लेकिन जर्जर मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया नहीं शुरू की जा रही है। संवाददाता ने शुक्रवार को पड़ताल की तो मकानों को गिरने से हादसे के मामले में बड़ी लापरवाही नजर आई। ये तीन तस्वीर तो नजीर हैं, जबकि शहर में और भी मामले में हैं, जहां हादसों का जोखिम है।
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तस्वीर- एक
शहर के तहसील सदर में बने सरकारी कर्मचारियों के आवास बाहर से ही जर्जर नजर आ रहे हैं। तहसील परिसर में नीचे रहने वाले कर्मचारी ने अपने छज्जा की मरम्मत करा दी है, जबकि उसके ऊपर के आवास के छज्जा में बाहर से दरार नजर आ रही है। वहां हादसे की आशंका है।
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तस्वीर- दो
रेलवे स्टेशन रोड स्थित भास्कर गली के पास एक व्यक्ति का निजी मकान है। इसमें ऊपरी मंजिल जर्जर हो चुकी है, और नीचे शराब की दुकान और गुट्खा की गुमटी है। यह आवास रास्ते में भी गिर सकता है, लेकिन इसे गिराने की प्रक्रिया नहीं शुरू की जा रही है।
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तस्वीर- तीन
शहर के अंबेडकरनगर वार्ड में आमने-सामने दो मकान जर्जर स्थिति में नजर आ रहे हैं। एक मकान में छज्जे के नीचे एक व्यक्ति सब्जी की दुकान लगता है और देर रात तक दुकान खुली रहती है। वहां लोग सब्जी खरीदने जाते हैं। वहां भी हादसे की आशंका है।
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सदर तहसील परिसर के साथ सिंचाई विभाग के आवास जर्जर स्थिति में है। कर्मचारी संगठनों की मांग के बावजूद भी आवासों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। अधिकारी बजट का अभाव बता देते हैं, जबकि ऐसे आवासों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं। इसी प्रकार कस्तूरबा गांधी विद्यालय का छात्रावास भी जर्जर हो गया है। वहां बच्चे खेलते हैं, जबकि कभी कभी लोग छांव में बैठ भी जाते हैं।
-अशोक पांडेय, अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
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नगर पालिका परिषद में बने मकानों का नक्शा पास होता है और उसकी मियाद भी होती है। प्रशासन व नगर पालिका परिषद को चाहिए कि सभी मकानों को सर्वे करे और जर्जर मकानों को गिराने का नोटिस दें। कुछ लोगों की लापरवाही से दूसरों की जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए। जिन लोगों के मकान को ध्वस्त करना हो, उन्हें कहीं और स्थापित करके ध्वस्तीकरण कराना चाहिए।

-हृदय नारायण जायसवाल, शहर के नागरिक
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तहसील परिसर के आवासों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। नगर पालिका परिषद के ईओ को निर्देश देंगे कि जर्जर मकानों के मालिकों को नोटिस देकर ध्वस्त कराएं।
-विपिन द्विवेदी, एसडीएम, सदर
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