{"_id":"6ab17a9210c8527929018344","slug":"how-did-the-death-occur-who-took-the-body-to-the-tank-the-mystery-remains-unsolved-even-after-11-months-deoria-news-c-208-1-deo1049-192397-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: मौत कैसे हुई, शव टंकी तक कौन ले गया...11 महीने बाद भी पहेली बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: मौत कैसे हुई, शव टंकी तक कौन ले गया...11 महीने बाद भी पहेली बरकरार
Tue, 22 Sep 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में महाराष्ट्र के इंजीनियर अशोक गावंडे का शव मिलने की गुत्थी 11 महीने बाद भी नहीं सुलझी है। पोस्टमार्टम में फेफड़ों में पानी नहीं मिलने और दम घुटने से मौत की बात सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बावजूद शव को पांचवीं मंजिल पर बनी 15 हजार लीटर क्षमता वाली टंकी तक पहुंचाने वाले की पहचान नहीं हो सकी है।
ठाणे जिले के कुलगांव निवासी अशोक 25 सितंबर 2025 को पैर में गंभीर घाव के कारण मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हुए थे। 27 सितंबर की रात वह बेड संख्या 41 से लापता हो गए। छह अक्तूबर को पानी की टंकी से उनका शव मिला। अशोक के घुटने के नीचे और पंजे में गहरे घाव थे। पुलिस का भी मानना था कि उनके लिए सीढ़ियां चढ़कर टंकी तक पहुंचना आसान नहीं था। टंकी के बाहर उनकी शर्ट, अस्पताल की चादर, मोजे और एक अंडरवियर मिला था। भवन की ऊपरी मंजिलों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से उनकी गतिविधियों का रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
इस हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए एसओजी और सर्विलांस समेत आठ टीमों ने जांच की। पत्नी अनीता, साले प्रफुल्ल, चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, गार्डों और मरीजों समेत करीब 250 लोगों से पूछताछ हुई। 20 से अधिक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी जांची गई मगर पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची। चार महीने से विवेचना में उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है। तत्कालीन प्राचार्य को क्लीनचिट मिलने के बाद सवाल फिर खड़ा है कि अशोक की मौत कहां और कैसे हुई तथा उनका शव टंकी में किसने पहुंचाया। इंस्पेक्टर कोतवाली शशि भूषण राय ने बताया कि विवेचना चल रही है। अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठाणे जिले के कुलगांव निवासी अशोक 25 सितंबर 2025 को पैर में गंभीर घाव के कारण मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हुए थे। 27 सितंबर की रात वह बेड संख्या 41 से लापता हो गए। छह अक्तूबर को पानी की टंकी से उनका शव मिला। अशोक के घुटने के नीचे और पंजे में गहरे घाव थे। पुलिस का भी मानना था कि उनके लिए सीढ़ियां चढ़कर टंकी तक पहुंचना आसान नहीं था। टंकी के बाहर उनकी शर्ट, अस्पताल की चादर, मोजे और एक अंडरवियर मिला था। भवन की ऊपरी मंजिलों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से उनकी गतिविधियों का रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
विज्ञापन
इस हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए एसओजी और सर्विलांस समेत आठ टीमों ने जांच की। पत्नी अनीता, साले प्रफुल्ल, चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, गार्डों और मरीजों समेत करीब 250 लोगों से पूछताछ हुई। 20 से अधिक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी जांची गई मगर पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची। चार महीने से विवेचना में उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है। तत्कालीन प्राचार्य को क्लीनचिट मिलने के बाद सवाल फिर खड़ा है कि अशोक की मौत कहां और कैसे हुई तथा उनका शव टंकी में किसने पहुंचाया। इंस्पेक्टर कोतवाली शशि भूषण राय ने बताया कि विवेचना चल रही है। अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
विज्ञापन