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Deoria News: सरयू की तेज धारा ने रोका पुल का निर्माण
Sun, 13 Sep 2026 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 13 Sep 2026 01:13 AM IST
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रयू की बाढ़ में डुबी पुल निर्माण की मशीन
भागलपुर। सरयू नदी के बढ़े जलस्तर की वजह से भागलपुर में बन रहे डबल लेन पुल का निर्माण कार्य रोकना पड़ा। नवलपुर से सिकंदरपुर तक बनने वाले फोरलेन सड़क के लिए भागलपुर में सरयू नदी पर डबल लेन पुल का निर्माण कार्य ठप हो गया है। मशीनें सरयू के पानी में डूब गई हैं।
दो सप्ताह से लगातार बढ़ रही सरयू का वर्तमान जलस्तर केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार गेज पर शनिवार की शाम चार बजे 64.78 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। खतरे का निशान 64.01 मीटर है। नदी अब भी खतरे के निशान से 77 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी की इसी तेज धारा ने पुल निर्माण स्थल को अपनी चपेट में ले लिया है।
नदी के बीच पिलरों का काम दो माह पहले ही कंपनी ने रोक दिया था। नदी के दोनों तरफ तट पर कार्य तेजी से चल रहा था। सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी से बनाया गया अस्थाई एप्रोच सरयू के तेज बहाव में बह गया है। निर्माण स्थल पर तीन से चार फुट तक पानी भर गया है। पाइलिंग मशीन, मिक्सर मशीन और सरिया का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है।
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एप्रोच पर खड़े वाहन भी कीचड़ और पानी में फंस गए हैं। पुल निर्माण कराने वाली कंपनी ने सुरक्षा को देखते हुए सभी मजदूरों को साइट से हटाकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है। प्रोजेक्ट मैनेजर आकाश चंद्रा ने बताया कि जब तक पानी खतरे के निशान से नीचे नहीं जाता, तब तक पाइलिंग और कंक्रीट का काम शुरू करना जान जोखिम में डालने जैसा होगा। नदी का दबाव बहुत ज्यादा है।
नदी का पानी अब केवल निर्माण स्थल तक ही सीमित नहीं है। उसका असर नदी के दोनों तरफ देवरिया जिले के भागलपुर और बलिया जिले के तुर्तीपार के तटवर्ती गांवों में दिखने लगा है। बाढ़ का पानी लोगों के खेतों में घुस गया है,और घरों को घेर लिया है।
प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बोल्डरों पर पानी के दबाव की निगरानी कर रहे हैं। एसडीएम बरहज प्रवीण कुमार ने बताया कि लेखपालों को गांव में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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दो सप्ताह से लगातार बढ़ रही सरयू का वर्तमान जलस्तर केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार गेज पर शनिवार की शाम चार बजे 64.78 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। खतरे का निशान 64.01 मीटर है। नदी अब भी खतरे के निशान से 77 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी की इसी तेज धारा ने पुल निर्माण स्थल को अपनी चपेट में ले लिया है।
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नदी के बीच पिलरों का काम दो माह पहले ही कंपनी ने रोक दिया था। नदी के दोनों तरफ तट पर कार्य तेजी से चल रहा था। सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी से बनाया गया अस्थाई एप्रोच सरयू के तेज बहाव में बह गया है। निर्माण स्थल पर तीन से चार फुट तक पानी भर गया है। पाइलिंग मशीन, मिक्सर मशीन और सरिया का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है।
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एप्रोच पर खड़े वाहन भी कीचड़ और पानी में फंस गए हैं। पुल निर्माण कराने वाली कंपनी ने सुरक्षा को देखते हुए सभी मजदूरों को साइट से हटाकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है। प्रोजेक्ट मैनेजर आकाश चंद्रा ने बताया कि जब तक पानी खतरे के निशान से नीचे नहीं जाता, तब तक पाइलिंग और कंक्रीट का काम शुरू करना जान जोखिम में डालने जैसा होगा। नदी का दबाव बहुत ज्यादा है।
नदी का पानी अब केवल निर्माण स्थल तक ही सीमित नहीं है। उसका असर नदी के दोनों तरफ देवरिया जिले के भागलपुर और बलिया जिले के तुर्तीपार के तटवर्ती गांवों में दिखने लगा है। बाढ़ का पानी लोगों के खेतों में घुस गया है,और घरों को घेर लिया है।
प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बोल्डरों पर पानी के दबाव की निगरानी कर रहे हैं। एसडीएम बरहज प्रवीण कुमार ने बताया कि लेखपालों को गांव में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।