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Deoria News: फुटबॉल से जुड़े खिलाड़ियों की समस्या होगी दूर, प्रशिक्षक मिलने की उम्मीद बढ़ी
Sun, 06 Aug 2023 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 06 Aug 2023 12:29 AM IST
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देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम में फुटबॉल के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर को पुन: संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए खेल निदेशालय ने वाराणसी के विजय कुमार पाल को प्रशिक्षक नियुक्त किया है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर स्टेडियम में आकर ज्वाइन करना है। ऐसा होता है तो पिछले तीन सत्र से बंद चल रहे इस खेल के शिविर के प्रारंभ होने एवं खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में पिछले तीन सत्र से फुटबाॅल का प्रशिक्षण शिविर बंद चल रहा है। इससे जो खिलाड़ी फुटबाॅल में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराने आते हैं, उन्हें प्रशिक्षक न होने की बात कह कर्मचारी वापस लौटा देते हैं। अगर इनका पंजीकरण किया भी जाता है तो केवल स्वास्थ्य लाभ के लिए स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। हालांकि ऐसे खिलाड़ी के खेल में प्रशिक्षक के अभाव में कोई प्रगति नहीं होती। कोरोना के पूर्व तक सत्र 2019-20 तक यहां फुटबाॅल का शिविर प्रशिक्षक क्रांतिदेव यादव की देखरेख में चला था। हालांकि इसके बाद खेल निदेशालय में प्रशिक्षकों को आउटसोर्सिंग से रखे जाने का फरमान जारी होने के बाद से ही पिछले तीन सत्र से यहां कोई प्रशिक्षक तैनात नहीं किया जा सका। इसका सबसे ज्यादा नुकसान यहां के खिलाड़ियों को हुआ और ऐसी दशा में वह या तो शहर से बाहर चले गए या स्थानीय स्तर पर किसी क्लब आदि से जुड़कर अभ्यास कर रहे हैं। इससे उनके खेल में न कोई सुधार होता नहीं दिखा और न ही वह प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सके। इस सत्र की शुरूआत में यहां खेल निदेशालय ने उन्नाव निवासी संदीप कुमार सिंह को फुटबाॅल प्रशिक्षक के तौर तैनात किया था, हालांकि उनके ज्वाइन नहीं करने से खिलाड़ी मायूस हो गए। ऐसे में जनपद में इस खेल की नर्सरी ही बंद चल रही है।
प्रशिक्षक होंगे तो खेल में होगा सुधार, बढ़ेंगे अवसर
बीआरडी पीजी कॉलेज के खेल ग्राउंड में सीनियर खिलाड़ियों की देखरेख में फुटबाॅल का अभ्यास करने वाले पंकज, अजय, शिवम एवं राकेश ने बताया कि स्टेडियम में पिछले कई सत्र से प्रशिक्षक नहीं होने से खिलाड़ी यहां अभ्यास करते हैं। फुटबाॅल के राष्ट्रीय खिलाड़ी सुभाष प्रसाद व श्रीराम यादव एवं स्टेडियम में प्रशिक्षण दे चुके क्रांतिदेव यादव कहते हैं कि प्रशिक्षक आते हैं तो इसका लाभ खिलाड़ियों को मिलेगा। खेल की नर्सरी तैयार होने से यह खेल जनपद में आगे बढ़ेगा। साथ ही आगामी प्रतियोगिताओं की जानकारी भी खिलाड़ियों को मिल सकेगी।
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वर्तमान में इन खेलों का चल रहा वार्षिक प्रशिक्षण
स्टेडियम में इस समय एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, खो-खो, कुश्ती, हैंडबाल, हॉकी के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। साथ ही बास्केटबाल, बैंडमिंटन, क्रिकेट, बाक्सिंग, भारोत्तोलन आदि खेलों में प्रशिक्षक नहीं होने से यह संचालित नहीं होते।
फुटबाॅल का शिविर यहां पुन: संचालित करने का प्रयास चल रहा है। प्रशिक्षक के आने के बाद प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाएगा।
- राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
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रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में पिछले तीन सत्र से फुटबाॅल का प्रशिक्षण शिविर बंद चल रहा है। इससे जो खिलाड़ी फुटबाॅल में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराने आते हैं, उन्हें प्रशिक्षक न होने की बात कह कर्मचारी वापस लौटा देते हैं। अगर इनका पंजीकरण किया भी जाता है तो केवल स्वास्थ्य लाभ के लिए स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। हालांकि ऐसे खिलाड़ी के खेल में प्रशिक्षक के अभाव में कोई प्रगति नहीं होती। कोरोना के पूर्व तक सत्र 2019-20 तक यहां फुटबाॅल का शिविर प्रशिक्षक क्रांतिदेव यादव की देखरेख में चला था। हालांकि इसके बाद खेल निदेशालय में प्रशिक्षकों को आउटसोर्सिंग से रखे जाने का फरमान जारी होने के बाद से ही पिछले तीन सत्र से यहां कोई प्रशिक्षक तैनात नहीं किया जा सका। इसका सबसे ज्यादा नुकसान यहां के खिलाड़ियों को हुआ और ऐसी दशा में वह या तो शहर से बाहर चले गए या स्थानीय स्तर पर किसी क्लब आदि से जुड़कर अभ्यास कर रहे हैं। इससे उनके खेल में न कोई सुधार होता नहीं दिखा और न ही वह प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सके। इस सत्र की शुरूआत में यहां खेल निदेशालय ने उन्नाव निवासी संदीप कुमार सिंह को फुटबाॅल प्रशिक्षक के तौर तैनात किया था, हालांकि उनके ज्वाइन नहीं करने से खिलाड़ी मायूस हो गए। ऐसे में जनपद में इस खेल की नर्सरी ही बंद चल रही है।
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प्रशिक्षक होंगे तो खेल में होगा सुधार, बढ़ेंगे अवसर
बीआरडी पीजी कॉलेज के खेल ग्राउंड में सीनियर खिलाड़ियों की देखरेख में फुटबाॅल का अभ्यास करने वाले पंकज, अजय, शिवम एवं राकेश ने बताया कि स्टेडियम में पिछले कई सत्र से प्रशिक्षक नहीं होने से खिलाड़ी यहां अभ्यास करते हैं। फुटबाॅल के राष्ट्रीय खिलाड़ी सुभाष प्रसाद व श्रीराम यादव एवं स्टेडियम में प्रशिक्षण दे चुके क्रांतिदेव यादव कहते हैं कि प्रशिक्षक आते हैं तो इसका लाभ खिलाड़ियों को मिलेगा। खेल की नर्सरी तैयार होने से यह खेल जनपद में आगे बढ़ेगा। साथ ही आगामी प्रतियोगिताओं की जानकारी भी खिलाड़ियों को मिल सकेगी।
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वर्तमान में इन खेलों का चल रहा वार्षिक प्रशिक्षण
स्टेडियम में इस समय एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, खो-खो, कुश्ती, हैंडबाल, हॉकी के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। साथ ही बास्केटबाल, बैंडमिंटन, क्रिकेट, बाक्सिंग, भारोत्तोलन आदि खेलों में प्रशिक्षक नहीं होने से यह संचालित नहीं होते।
फुटबाॅल का शिविर यहां पुन: संचालित करने का प्रयास चल रहा है। प्रशिक्षक के आने के बाद प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाएगा।
- राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी