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Deoria News: हिरासत में लिए गए दो युवक और गाड़ी को पुलिस ने छोड़ा
Mon, 12 Oct 2026 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:41 AM IST
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तरकुलवा। पथरदेवा नगर पंचायत में चार करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। हालांकि, हिरासत में लिए गए दो युवकों और चार पहिया वाहन को छोड़ दिया गया है।
नगर पंचायत के ईओ हिमांशु प्रताप सिंह के अपहरण और मारपीट की कोशिश के आरोपों के बीच पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बृहस्पतिवार की आधी रात हुए विवाद में एक पक्ष की ओर से अध्यक्ष कमलेश सिंह उर्फ क्रांति, ईओ हिमांशु प्रताप सिंह और 40-50 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। दूसरे पक्ष के धीरज सिंह, करुणेश मिश्र, विकास, निलेश शुक्ल, विवेक दूबे और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है।
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पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद क्षेत्र में नगर पंचायतों की टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष तरीके से टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों और प्राथमिकी के आधार पर साक्ष्य संकलन और पूछताछ की जा रही है। जांच में जो तथ्य आएंगे उस आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
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नगर पंचायत के ईओ हिमांशु प्रताप सिंह के अपहरण और मारपीट की कोशिश के आरोपों के बीच पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बृहस्पतिवार की आधी रात हुए विवाद में एक पक्ष की ओर से अध्यक्ष कमलेश सिंह उर्फ क्रांति, ईओ हिमांशु प्रताप सिंह और 40-50 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। दूसरे पक्ष के धीरज सिंह, करुणेश मिश्र, विकास, निलेश शुक्ल, विवेक दूबे और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है।
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पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद क्षेत्र में नगर पंचायतों की टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष तरीके से टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों और प्राथमिकी के आधार पर साक्ष्य संकलन और पूछताछ की जा रही है। जांच में जो तथ्य आएंगे उस आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।