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Deoria News: आठ माह बाद भी नहीं सुलझी नवजात की माैत की गुत्थी, पुलिस खाली हाथ
Mon, 12 Oct 2026 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:45 AM IST
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खामपार। थाना क्षेत्र के छपिया-सरया मार्ग पर काली मंदिर के पास झाड़ियों में मिले अज्ञात नवजात के शव की गुत्थी आठ माह बाद भी नहीं सुलझ सकी है। पुलिस न तो नवजात की पहचान कर पाई है और न ही यह पता लगा सकी है कि उसे झाड़ियों में किसने छोड़ा था। लंबे समय बाद भी मामले में सुराग नहीं मिलने से जांच की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं।
मार्च में राहगीरों ने सड़क किनारे झाड़ियों में नवजात का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इसके बाद नियमानुसार तीन दिन तक शिनाख्त कराने की कोशिश की गई मगर पहचान के लिए कोई सामने नहीं आया। पहचान नहीं होने पर पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
स्थानीय लोगों ने मामले का पर्दाफाश कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नवजात को झाड़ियों में छोड़ने के पीछे क्या वजह थी और इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, अस्पतालों के रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों की जांच से मामले में सुराग मिल सकते हैं।
खामपार के थानाध्यक्ष बलराम सिंह ने बताया कि मामला काफी पुराना है। इसे देखा जाएगा। क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि प्रकरण की जानकारी लेकर विवेचना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कराई जाएगी।
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मार्च में राहगीरों ने सड़क किनारे झाड़ियों में नवजात का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इसके बाद नियमानुसार तीन दिन तक शिनाख्त कराने की कोशिश की गई मगर पहचान के लिए कोई सामने नहीं आया। पहचान नहीं होने पर पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
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स्थानीय लोगों ने मामले का पर्दाफाश कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नवजात को झाड़ियों में छोड़ने के पीछे क्या वजह थी और इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, अस्पतालों के रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों की जांच से मामले में सुराग मिल सकते हैं।
खामपार के थानाध्यक्ष बलराम सिंह ने बताया कि मामला काफी पुराना है। इसे देखा जाएगा। क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि प्रकरण की जानकारी लेकर विवेचना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कराई जाएगी।