{"_id":"669acbaa1d100ac7b70c0c06","slug":"the-family-members-of-the-two-accused-named-in-the-suspicious-death-of-the-councilors-husband-met-the-sp-deoria-news-c-208-1-deo1004-130648-2024-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: सभासद पति की संदिग्ध मौत में नामजद दोनों आरोपी के परिजन एसपी से मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: सभासद पति की संदिग्ध मौत में नामजद दोनों आरोपी के परिजन एसपी से मिले
विज्ञापन
-
- 1
-
Link Copied
- बैतालपुर सभासद पति की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
- एसपी को दिए गए ज्ञापन में जेल गए अनिल व नामजद दूधनाथ को परिजनों ने बताया बेकसूर
- परिजनों ने कहा, यह प्रकरण एक सोची समझी साजिश का परिणाम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बैतालपुर नगर पंचायत के सभासद पति उपेंद्र सिंह की संदिग्ध मौत में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नामजद अनिल मणि व दूधनाथ मणि के परिजन शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मिल ज्ञापन दिया। उक्त प्रकरण में नामजद दूधनाथ मणि तथा जेल भेजे गए अनिल मणि गुल्लू को फर्जी तरीके से अभियुक्त बनाने की बात परिजनों ने कही। उनके साथ दर्जनों ग्रामवासियों भी पुलिस अधीक्षक से मिलकर निष्पक्ष जांच कराकर असली दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान परिजनों में अभियुक्त अनिल मणि गुल्लू की पत्नी शोभा मणि ने कहा कि मृतक उपेंद्र सिंह से मेरे पति अनिल मणि से बहुत ही सौहार्दपूर्ण व पारिवारिक रिश्ते थे। इनका आपस में कभी भी किसी तरह का पूर्व में न कोई विवाद रहा है, न तो राजनीतिक रंजिश रही है। यही नहीं कभी आमने-सामने कोई चुनाव भी नहीं ही लड़ा है। अलबत्ता मेरे पति अपने सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव का उपयोग कर मृतक की पत्नी संगीता देवी को सभासद चुनाव में जिताने का काम किया था।
शोभा देवी ने आगे कहा कि मृतक मेरे पति से व्यवसाय के लिए लाखों रुपये कर्ज, नकदी तथा बैंक के जरिये लिया है। यही नहीं और भी क्षेत्र के दर्जनों लोगों से अपने व्यवसाय के लिए कर्ज लिया है जो रकम लगभग करोड़ों में है। यह सारी बातें मृतक के परिजनों को भली भांति पता है। यह प्रकरण एक सोची समझी साजिश का परिणाम है, जिसमें निर्दोष और बेगुनाह लोगों को फंसाने का कुचक्र रचा गया है। इसकी गंभीरता से निष्पक्ष जांच कराया जाना ही न्यायोचित है।
विज्ञापन
परिजनों ने आगे कहा कि लोगों के करोड़ों रुपये कर्ज को हड़पने के लिए साजिश रची गई है, मृतक के परिजनों के बैंक खातों की डिटेल, मोबाइल का डिटेल, इलाज में लापरवाही को गंभीरता से निष्पक्ष जांच की जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। मांगपत्र देने वालों में अनिल मणि गुल्लू की मां दुर्गावती देवी, शशिप्रभा देवी, सरिता देवी, प्रवेश मणि, अजय कुमार त्रिपाठी, बृजेश तिवारी, विपिन मणि सोनू, अजय मणि, भरत मणि, मनोज मणि, विनोद मणि, भूपेंद्र मणि, ओमशंकर मणि, रमेश मणि, कल्याण मणि, कमलेश मणि, सतीश मणि, पिंटू मणि, शशिकांत तिवारी आदि लाेग रहे।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सकंल्प शर्मा ने परिजनों से कहा कि आप लोग धैर्य रखिए। हमें समय दीजिए, निष्पक्ष जांच होगी, जो दोषी होगा उसपर कठोर कार्रवाई होगी। कोई निर्दोष होगा तो वह नहीं फंसेगा।
विज्ञापन
- एसपी को दिए गए ज्ञापन में जेल गए अनिल व नामजद दूधनाथ को परिजनों ने बताया बेकसूर
- परिजनों ने कहा, यह प्रकरण एक सोची समझी साजिश का परिणाम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बैतालपुर नगर पंचायत के सभासद पति उपेंद्र सिंह की संदिग्ध मौत में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नामजद अनिल मणि व दूधनाथ मणि के परिजन शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मिल ज्ञापन दिया। उक्त प्रकरण में नामजद दूधनाथ मणि तथा जेल भेजे गए अनिल मणि गुल्लू को फर्जी तरीके से अभियुक्त बनाने की बात परिजनों ने कही। उनके साथ दर्जनों ग्रामवासियों भी पुलिस अधीक्षक से मिलकर निष्पक्ष जांच कराकर असली दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान परिजनों में अभियुक्त अनिल मणि गुल्लू की पत्नी शोभा मणि ने कहा कि मृतक उपेंद्र सिंह से मेरे पति अनिल मणि से बहुत ही सौहार्दपूर्ण व पारिवारिक रिश्ते थे। इनका आपस में कभी भी किसी तरह का पूर्व में न कोई विवाद रहा है, न तो राजनीतिक रंजिश रही है। यही नहीं कभी आमने-सामने कोई चुनाव भी नहीं ही लड़ा है। अलबत्ता मेरे पति अपने सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव का उपयोग कर मृतक की पत्नी संगीता देवी को सभासद चुनाव में जिताने का काम किया था।
विज्ञापन
शोभा देवी ने आगे कहा कि मृतक मेरे पति से व्यवसाय के लिए लाखों रुपये कर्ज, नकदी तथा बैंक के जरिये लिया है। यही नहीं और भी क्षेत्र के दर्जनों लोगों से अपने व्यवसाय के लिए कर्ज लिया है जो रकम लगभग करोड़ों में है। यह सारी बातें मृतक के परिजनों को भली भांति पता है। यह प्रकरण एक सोची समझी साजिश का परिणाम है, जिसमें निर्दोष और बेगुनाह लोगों को फंसाने का कुचक्र रचा गया है। इसकी गंभीरता से निष्पक्ष जांच कराया जाना ही न्यायोचित है।
विज्ञापन
परिजनों ने आगे कहा कि लोगों के करोड़ों रुपये कर्ज को हड़पने के लिए साजिश रची गई है, मृतक के परिजनों के बैंक खातों की डिटेल, मोबाइल का डिटेल, इलाज में लापरवाही को गंभीरता से निष्पक्ष जांच की जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। मांगपत्र देने वालों में अनिल मणि गुल्लू की मां दुर्गावती देवी, शशिप्रभा देवी, सरिता देवी, प्रवेश मणि, अजय कुमार त्रिपाठी, बृजेश तिवारी, विपिन मणि सोनू, अजय मणि, भरत मणि, मनोज मणि, विनोद मणि, भूपेंद्र मणि, ओमशंकर मणि, रमेश मणि, कल्याण मणि, कमलेश मणि, सतीश मणि, पिंटू मणि, शशिकांत तिवारी आदि लाेग रहे।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सकंल्प शर्मा ने परिजनों से कहा कि आप लोग धैर्य रखिए। हमें समय दीजिए, निष्पक्ष जांच होगी, जो दोषी होगा उसपर कठोर कार्रवाई होगी। कोई निर्दोष होगा तो वह नहीं फंसेगा।