{"_id":"5f04a8c18ebc3ea205627a93","slug":"terminated-inspector-bail-hearing-today-deoria-news-gkp357331369","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्खास्त इंस्पेक्टर की जमानत अर्जी पर सुनवाई आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्खास्त इंस्पेक्टर की जमानत अर्जी पर सुनवाई आज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बर्खास्त इंस्पेक्टर की जमानत अर्जी पर सुनवाई आज
मां-बेटी से की थी थाने में अश्लील हरकत
दो जुलाई को भेजा गया था इंस्पेक्टर भीष्मपाल को जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मां-बेटी से थाने में बावर्दी अश्लील हरकत करने वाले बर्खास्त इंस्पेक्टर की जमानत अर्जी पर बुधवार को अपर जिला जज पॉक्सो तृतीय के कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक 22 जून को भटनी थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव ने फरियाद लेकर पहुंची मां-बेटी से अश्लील हरकत की थी। युवती ने चुपचाप उस हरकत का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। भीष्मपाल की करतूत की जानकारी आम होने पर महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी के आदेश पर 30 जून को भटनी थाने में इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। इसके बाद वह फरार हो गया। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया। इसके बाद पुलिस ने उसे एक जुलाई को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसकी घिनौनी हरकत को देखते हुए डीआईजी गोरखपुर राजेश डी मोदक ने उसको बर्खास्त कर दिया था।
युवती का कोर्ट में नहीं कराया बयान
देवरिया। युवती के परिजनों का आरोप है कि बर्खास्त इंस्पेक्टर को बचाने में पुलिस जुटी हुई है। मामले के एक पखवारे बीतने और केस दर्ज होने के एक सप्ताह बाद भी विवेचक सीओ भाटपाररानी ने पीड़िता का कोर्ट में बयान नहीं कराया है। सवाल यह उठता है कि आखिर इतने चर्चित मामले में जांच अधिकारी इतनी ढिलाई क्यों बरत रहे हैं ?
विज्ञापन
विज्ञापन
मां-बेटी से की थी थाने में अश्लील हरकत
दो जुलाई को भेजा गया था इंस्पेक्टर भीष्मपाल को जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मां-बेटी से थाने में बावर्दी अश्लील हरकत करने वाले बर्खास्त इंस्पेक्टर की जमानत अर्जी पर बुधवार को अपर जिला जज पॉक्सो तृतीय के कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक 22 जून को भटनी थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव ने फरियाद लेकर पहुंची मां-बेटी से अश्लील हरकत की थी। युवती ने चुपचाप उस हरकत का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। भीष्मपाल की करतूत की जानकारी आम होने पर महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी के आदेश पर 30 जून को भटनी थाने में इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। इसके बाद वह फरार हो गया। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया। इसके बाद पुलिस ने उसे एक जुलाई को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसकी घिनौनी हरकत को देखते हुए डीआईजी गोरखपुर राजेश डी मोदक ने उसको बर्खास्त कर दिया था।
विज्ञापन
युवती का कोर्ट में नहीं कराया बयान
देवरिया। युवती के परिजनों का आरोप है कि बर्खास्त इंस्पेक्टर को बचाने में पुलिस जुटी हुई है। मामले के एक पखवारे बीतने और केस दर्ज होने के एक सप्ताह बाद भी विवेचक सीओ भाटपाररानी ने पीड़िता का कोर्ट में बयान नहीं कराया है। सवाल यह उठता है कि आखिर इतने चर्चित मामले में जांच अधिकारी इतनी ढिलाई क्यों बरत रहे हैं ?
विज्ञापन