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Deoria News: क्षतिग्रस्त भागलपुर पुल की जांच में जुटे दिल्ली के विशेषज्ञ
Wed, 03 Apr 2024 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:33 AM IST
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फोटो समाचार.....
-छठवें पाये के नीचे नदी से मिट्टी जांच के लिए भेजी गई, आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ जांच करेंगे पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। भागलपुर पुल पर चार करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत होने के बाद भी भारी वाहनों का आवागमन चार माह से बंद है। इससे देवरिया व बलिया के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुल की बार-बार मरम्मत होने के बाद भी छठवें पाये के ज्वाइंट का गैप बढ़ जा रहा है। सेतु निगम ने छठवें पाये के नीचे नदी से मिट्टी जांच के लिए दिल्ली भेजी है।
बलिया-देवरिया को जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल के छठवें पाये के ज्वाइंट का गैप बार-बार मरम्मत होने के बाद भी भारी वाहनों के गुजरते वक्त फैल जा रहा है। इससे हाइटगेट बैरियर लगाकर भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से बस यात्री, ट्रकों के आवागमन सहित स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो भारी वाहन भूल से पुल के पास पहुंच जाते हैं उन्हें लंबी दूरी तय कर यात्रा पूरी करनी पड़ती है।
2022 में मुंबई की कंपनी ने पुल की मरम्मत की लेकिन भारी वाहन गुजरते वक्त छठवें पाये का गैप बढ़ गया। उसके बाद दिल्ली आईआईटी के पुल विशेषज्ञ बीके रैना को बुलाया गया। रैना की डिजाइन पर भोपाल की सनफील्ड कंपनी ने 2023 में सात माह तक मरम्मत का कार्य किया, लेकिन दिसंबर माह में ट्रायल हुआ तो भारी वाहन गुजरते वक्त छठवें पाये का गैप फिर बढ़ गया। सेतु निगम ने पुल से भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद कर दिया। केवल हल्के वाहनों का आवागमन ही शुरू हुआ। भोपाल की सन फील्ड कंपनी को तीन साल तक पुल की देखभाल करनी है।
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मार्च 2024 में सनफील्ड कंपनी और सेतु निगम के अधिकारियों ने छठवें पाये के नीचे नदी से मिट्टी निकाल कर जांच के लिए आईआईटी दिल्ली भेजा है। जांच के बाद पता चलेगा कि पुल आखिर क्यों बार-बार मरम्मत के बाद क्षतिग्रस्त हो जा रहा है। सेतु निगम के अपर अभियंता आरपी गौड़ ने बताया कि हल्के वाहनों के चलने से पुल खराब नहीं होगा। सनफील्ड कंपनी तीन साल तक पुल की देखरेख करेगी। बार-बार मरम्मत के बाद खराब होने की जांच चल रही है।
सेतु निगम के अपर अभियंता आरपी गौड़ ने बताया कि पुल भारी वाहनों का वजन सहने लायक नहीं है। भारी वाहन चलेंगे तो छोटे वाहन भी नहीं चल पाएंगे। मरम्मत कार्य कर चुकी सनफील्ड कंपनी तीन साल तक कोई भी दिक्कत आने पर मरम्मत करेगी।
हल्के वाहनों को छोड़ भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद
भागलपुर। भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद है। केवल हल्के वाहन ही पुल से आ-जा रहे हैं। यात्री पुल से पैदल चलकर या ई-रिक्शा से एक किमी की दूरी पार करने को मजबूर हैं। अब लोग नये पुल की आय लगाए हैं।
भारी वाहनों की 90 किमी बढ़ गई है दूरी
पुल बंद होने के चलते भारी वाहनों को बरहज, बड़हलगंज के रास्ते गुजरना पड़ रहा है। दोनों जिलों की दूरी मात्र 100 किमी है। लेकिन 90 किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके चलते आवागमन करने वाले आम आदमी पर असर तो है ही, बेल्थरा रोड बलिया गाजीपुर पर निर्भरता के चलते सब्जी व फलों के दाम भी बढ़ चुके हैं। यूपी-बिहार सीमा के सटे दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार बेल्थरा रोड ही है। गांव के छोटे बड़े कारोबारी भी थोक सामान की खरीदारी के लिए बेल्थरा बाजार पर ही निर्भर रहते हैं। पुल पर लगे भारी वाहनों को रोकने के लिए हाइट गेट बैरियर की वजह से छोटे मालवाहक भी सहज रूप से नहीं आ जा पा रहे हैं। सामान को लाने के लिए छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बाद शादी-ब्याह और किसी बड़े आयोजन के लिए खरीदारी करने के बाद लोगों को सामान को बेल्थरा बाजार से टुकड़ों में ही लाना पड़ रहा है।
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-छठवें पाये के नीचे नदी से मिट्टी जांच के लिए भेजी गई, आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ जांच करेंगे पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। भागलपुर पुल पर चार करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत होने के बाद भी भारी वाहनों का आवागमन चार माह से बंद है। इससे देवरिया व बलिया के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुल की बार-बार मरम्मत होने के बाद भी छठवें पाये के ज्वाइंट का गैप बढ़ जा रहा है। सेतु निगम ने छठवें पाये के नीचे नदी से मिट्टी जांच के लिए दिल्ली भेजी है।
बलिया-देवरिया को जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल के छठवें पाये के ज्वाइंट का गैप बार-बार मरम्मत होने के बाद भी भारी वाहनों के गुजरते वक्त फैल जा रहा है। इससे हाइटगेट बैरियर लगाकर भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से बस यात्री, ट्रकों के आवागमन सहित स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो भारी वाहन भूल से पुल के पास पहुंच जाते हैं उन्हें लंबी दूरी तय कर यात्रा पूरी करनी पड़ती है।
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2022 में मुंबई की कंपनी ने पुल की मरम्मत की लेकिन भारी वाहन गुजरते वक्त छठवें पाये का गैप बढ़ गया। उसके बाद दिल्ली आईआईटी के पुल विशेषज्ञ बीके रैना को बुलाया गया। रैना की डिजाइन पर भोपाल की सनफील्ड कंपनी ने 2023 में सात माह तक मरम्मत का कार्य किया, लेकिन दिसंबर माह में ट्रायल हुआ तो भारी वाहन गुजरते वक्त छठवें पाये का गैप फिर बढ़ गया। सेतु निगम ने पुल से भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद कर दिया। केवल हल्के वाहनों का आवागमन ही शुरू हुआ। भोपाल की सन फील्ड कंपनी को तीन साल तक पुल की देखभाल करनी है।
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मार्च 2024 में सनफील्ड कंपनी और सेतु निगम के अधिकारियों ने छठवें पाये के नीचे नदी से मिट्टी निकाल कर जांच के लिए आईआईटी दिल्ली भेजा है। जांच के बाद पता चलेगा कि पुल आखिर क्यों बार-बार मरम्मत के बाद क्षतिग्रस्त हो जा रहा है। सेतु निगम के अपर अभियंता आरपी गौड़ ने बताया कि हल्के वाहनों के चलने से पुल खराब नहीं होगा। सनफील्ड कंपनी तीन साल तक पुल की देखरेख करेगी। बार-बार मरम्मत के बाद खराब होने की जांच चल रही है।
सेतु निगम के अपर अभियंता आरपी गौड़ ने बताया कि पुल भारी वाहनों का वजन सहने लायक नहीं है। भारी वाहन चलेंगे तो छोटे वाहन भी नहीं चल पाएंगे। मरम्मत कार्य कर चुकी सनफील्ड कंपनी तीन साल तक कोई भी दिक्कत आने पर मरम्मत करेगी।
हल्के वाहनों को छोड़ भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद
भागलपुर। भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद है। केवल हल्के वाहन ही पुल से आ-जा रहे हैं। यात्री पुल से पैदल चलकर या ई-रिक्शा से एक किमी की दूरी पार करने को मजबूर हैं। अब लोग नये पुल की आय लगाए हैं।
भारी वाहनों की 90 किमी बढ़ गई है दूरी
पुल बंद होने के चलते भारी वाहनों को बरहज, बड़हलगंज के रास्ते गुजरना पड़ रहा है। दोनों जिलों की दूरी मात्र 100 किमी है। लेकिन 90 किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके चलते आवागमन करने वाले आम आदमी पर असर तो है ही, बेल्थरा रोड बलिया गाजीपुर पर निर्भरता के चलते सब्जी व फलों के दाम भी बढ़ चुके हैं। यूपी-बिहार सीमा के सटे दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार बेल्थरा रोड ही है। गांव के छोटे बड़े कारोबारी भी थोक सामान की खरीदारी के लिए बेल्थरा बाजार पर ही निर्भर रहते हैं। पुल पर लगे भारी वाहनों को रोकने के लिए हाइट गेट बैरियर की वजह से छोटे मालवाहक भी सहज रूप से नहीं आ जा पा रहे हैं। सामान को लाने के लिए छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बाद शादी-ब्याह और किसी बड़े आयोजन के लिए खरीदारी करने के बाद लोगों को सामान को बेल्थरा बाजार से टुकड़ों में ही लाना पड़ रहा है।