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कर अधिकारी ने मांगा वेतन तो ईओ ने मढे़ आरोप

Mon, 06 Jul 2020 10:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 10:25 PM IST
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tax officer and eo dispute
कर अधिकारी ने मांगा वेतन तो ईओ ने मढे़ आरोप
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नगरपालिका में हुई कर अधिकारी और ईओ में किचकिच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगरपालिका परिषद में सोमवार को वेतन भुगतान को लेकर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह और कर निर्धारण अधिकारी शशिकला के बीच जमकर बहस हुई। दोनों के तेवर बदले हुए थे। एक-दूसरे के प्रति दोनों ने नाराजगी जताई। खैर, अध्यक्ष ने दोनों को शांत कराकर और उनकी बातें सुनकर मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया।
कर निर्धारण अधिकारी शशिकला की तैनाती सात माह पूर्व पांच दिसंबर को नगर पालिका में हुई। तबसे उन्हें अब तक एक माह का भी वेतन भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने इसकी शिकायत डीएम से की तो उन्होंने ईओ से स्पष्टीकरण मांगा, ईओ ने जवाब में कहा कि केएनएम शशिकला ने अंतिम वेतन प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया हैं। इसके चलते भुगतान में दिक्कत हो रही है। साथ ही उन्होंने केएनएम पर उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं करने, मनमाने ढंग से कार्यालय आने, कर्मचारी आचरण संहिता के उल्लंघन समेत कई गंभीर आरोप लगाए। दोनों के बीच यह विवाद बीते सात माह से चल रहा है। वेतन नहीं मिलने और अधिकारों की कटौती से नाराज केएनएम का गुस्सा सोमवार को कार्यालय में अचानक फूट पड़ा। इसके पूर्व उन्होंने एडीएम प्रशासन से शिकायत की थी। जिसमें 21 जून को एडीएम प्रशासन राकेश पटेल ने पत्र लिखकर कहा है कि बिना निलंबन के वेतन रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व 16 मई को केएनएम का वेतन तीन दिन के भीतर आहरित करने के निर्देश दिए थे। फिर भी नहीं हुआ। दोनों अधिकारियों के बीच विवाद निपटारे के लिए चेयरमैन अलका सिंह कार्यालय में दिन भर जमी रहीं।
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कोट:
संपत्ति, कर, लाइसेंस समेत तमाम राजस्व अनुभाग की फाइलें बिना मेरे पटल पर लाए ही निस्तारित की जा रही हैं। यहां तक की राजस्व विभाग में वाहन चलने के नाम पर 25 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। जबकि हमारे अनुभाग को कोई वाहन नहीं मिला है।
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-शशिकला,
कर निर्धारण अधिकारी।
कोट
कर निर्धारण अधिकारी का आरोप गलत है। वह मनमानी कर रहीं हैं। जिन पत्रावलियों से उनका कुछ भी लेना-देना नहीं उन्हें मंगाकर अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर निस्तारण किया जा रहा है। जहां तक गाड़ी का सवाल है वह नगरपालिका के लिए है। उससे वह भी चलती हैं।

-सत्यप्रकाश सिंह,
अधिशासी अधिकारी।
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कोट:
कार्यालय में कहासुनी नहीं हुआ। केएनएम अंतिम वेतन प्रमाण पत्र के अभाव में केएनएम का वेतन रूका था। दस दिन पूर्व उन्होंने एलपीसी प्राप्त करा दिया है। राज्य वित्त के खाते में धनराशि नहीं होने के चलते फिलहाल दो माह का वेतन दिया जा रहा है। कार्यालय में किसी के अधिकारों का हनन नहीं हो रहा।
अलका सिंह
अध्यक्ष नगरपालिका परिषद
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