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Deoria News: नशीली-नकली दवाओं के धंधेबाजों का जाल तोड़ेगी सर्विलांस टीम

Fri, 02 Jan 2026 11:58 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jan 2026 11:58 PM IST
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Surveillance team will break the network of drug dealers
मेडिकल स्टोर।अमर उजाला
देवरिया। ड्रग माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने गोरखपुर मंडल में निगरानी की प्रणाली में बदलाव किया है। नए साल में मंडल के चारों जिलों गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर में एक-एक ड्रग इंस्पेक्टरों की तैनाती के साथ ही दो अतिरिक्त ड्रग इंस्पेक्टर भी सर्विलांस के लिए तैनात किए जाएंगे।
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सर्विलांस टीम सहायक आयुक्त औषधि के अधीन होगी और किसी भी जिले में बिना किसी पूर्व सूचना के छापा मार सकेगी। यह टीम स्वयं ही आंकड़े जुटाकर काम करेगी। इससे जिलों में ड्रग इंस्पेक्टरों का एकाधिकार भी टूटेगा।
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गोरखपुर मंडल के चारों जिलों में कुल मिलाकर करीब 9500 दवा की दुकानें हैं। अकेले गोरखपुर जिले में लगभग चार हजार व देवरिया जिले में लगभग 2600 मेडिकल स्टोर्स हैं। इन दुकानों से हर दिन करीब चार करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद बिक्री होती है।
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दवाइयों की निगरानी के लिए हर जिले में एक ड्रग इंस्पेक्टर का पोस्ट है, लेकिन इस समय देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जिले में ड्रग इंस्पेक्टर का पद रिक्त है। देवरिया में पिछले साल जुलाई में ड्रग इंस्पेक्टर के तबादले के बाद मऊ जिले के ड्रग इंस्पेक्टर को अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया।
वे सप्ताह में एक दिन देवरिया आते हैं और सरकारी फाइल निपटाकर चले जाते हैं। गोरखपुर जिले में भी ड्रग इंस्पेक्टर व उनके कार्यालय के एक कर्मचारी को निलंबित किया गया था। अभी गोरखपुर का चार्ज बस्ती जिले के ड्रग इंस्पेक्टर के पास है।
अतिरिक्त चार्ज मिलने से नहीं हो पाती निगरानी : हर महीने जिले में 15 दुकानों से दवा का सैंपल लेने और 200 दुकानों के निरीक्षण का लक्ष्य है, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर नहीं होने से इस कार्य में दिक्कत आती है। आमतौर पर विभागीय खानापूर्ति के लिए प्रभारी ड्रग इंस्पेक्टर उन्हीं दुकानों पर जाते हैं, जहां गंभीर शिकायत मिलती है।
वहीं से सैंपल और आसपास की दुकानों की जांच कर काम खत्म हो जाता है। यही वजह है कि नकली व नशीली दवाओं के धंधेबाज आराम से अपना काम करते रहते हैं, लेकिन अब शासन ने इस मामले में बदलाव का आदेश जारी किया है।

नई व्यवस्था के अनुसार हर जिले में ड्रग इंस्पेक्टर के अलावा मंडल मुख्यालय गोरखपुर के लिए दो अतिरिक्त इंस्पेक्टर भी तैनात किए जाएंगे जो सहायक आयुक्त औषधि के निर्देशन में काम करेंगे। यहां से शिकायत मिलने पर या स्वयं के जुटाए आंकड़ों के आधार पर जिलों में जाकर कार्रवाई कर सकेंगे।
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