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Deoria News: मौसम बदलने से पेट दर्द, उल्टी-दस्त कर रहा परेशान
Thu, 18 Jul 2024 02:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 18 Jul 2024 02:05 AM IST
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-खानपान में गड़बड़ी से आ रही दिक्कत, मेडिकल कॉलेज रोज आ रहे 50 से 60 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कभी बारिश तो कभी धूप निकलने से लोगों के सेहत पर असर पड़ रहा है। खानपान में गड़बड़ी और सफाई पर ध्यान नहीं देने से लोग संक्रमण की चपेट में आ जा रहे हैं। इससे लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना इस तरह के 50 से 60 मरीज आ रहे हैं। इसमें बच्चे भी हैं। डाॅक्टर दवा देने के साथ उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
दूषित भोजन, साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देने के कारण लोग बीमार हो जाते हैं। पानी भरने से मच्छर का प्रकोप बढ़ जाता है। उनके काटने से लोग बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इधर धूप और रुक-रुक हो रही बारिश से वातावरण में नमी आई है। इससे संक्रमण बढ़ा है। इससे लोग पेट दर्द, उल्टी-दस्त, बुखार से पीड़ित हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में इस तरह के मरीज रोज आ रहे हैं। मेडिसिन और बाल रोग विभाग में रोज 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। बुधवार को मेडिसिन विभाग में पेट दर्द, उल्टी-दस्त के करीब 50 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जबकि बाल रोग विभाग में भी 25 मरीज आए। डॉक्टर ने दवा देने के साथ मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
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मेडिकल कॉले के फिजिशियन डॉ. विजय गुप्ता ने बताया कि मौसम में परिवर्तन होने से वातावरण में नमी रहती है। ससे संक्रमण फैलता है। बासी, दूषित व गरिष्ठ भोजन और पानी के सेवन से लोग संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देने से बीमार हो जाते हैं। मलेरिया, टायफाइड, वायरल फीवर से लोग पीड़ित हो जाते हैं। इसका असर लीवर पर पड़ता है, जिससे पेट दर्द से संबंधित दिक्कत होती है। संक्रमण की वजह से आंतों में भी रुकावट आ सकती है। दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
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कोट
कभी धूप तो कभी बारिश से हवा में नमी हो जाती है। इससे बैक्टीरिया, वायरस, फंगल ग्राेथ करते हैं। बच्चों में इम्युनिटी कम होती है। सफाई पर ध्यान नहीं देने, हाथ साफ न कर भोजन करने, बार-बार मुंह में हाथ डालने से छाेटे बच्चे संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। रोटा वायरस के कारण उल्टी-दस्त, पेट दर्द से पीड़ित हो जाते हैं। इस मौसम में सावधानी जरूरी है। बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बीमार होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर उनकी सलाह पर इलाज कराना चाहिए। मेडिकल कॉलेज में सभी सुविधाएं हैं।
-डॉ. एचके मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ व सीएमएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कभी बारिश तो कभी धूप निकलने से लोगों के सेहत पर असर पड़ रहा है। खानपान में गड़बड़ी और सफाई पर ध्यान नहीं देने से लोग संक्रमण की चपेट में आ जा रहे हैं। इससे लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना इस तरह के 50 से 60 मरीज आ रहे हैं। इसमें बच्चे भी हैं। डाॅक्टर दवा देने के साथ उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
दूषित भोजन, साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देने के कारण लोग बीमार हो जाते हैं। पानी भरने से मच्छर का प्रकोप बढ़ जाता है। उनके काटने से लोग बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इधर धूप और रुक-रुक हो रही बारिश से वातावरण में नमी आई है। इससे संक्रमण बढ़ा है। इससे लोग पेट दर्द, उल्टी-दस्त, बुखार से पीड़ित हो रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में इस तरह के मरीज रोज आ रहे हैं। मेडिसिन और बाल रोग विभाग में रोज 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। बुधवार को मेडिसिन विभाग में पेट दर्द, उल्टी-दस्त के करीब 50 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जबकि बाल रोग विभाग में भी 25 मरीज आए। डॉक्टर ने दवा देने के साथ मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
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मेडिकल कॉले के फिजिशियन डॉ. विजय गुप्ता ने बताया कि मौसम में परिवर्तन होने से वातावरण में नमी रहती है। ससे संक्रमण फैलता है। बासी, दूषित व गरिष्ठ भोजन और पानी के सेवन से लोग संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देने से बीमार हो जाते हैं। मलेरिया, टायफाइड, वायरल फीवर से लोग पीड़ित हो जाते हैं। इसका असर लीवर पर पड़ता है, जिससे पेट दर्द से संबंधित दिक्कत होती है। संक्रमण की वजह से आंतों में भी रुकावट आ सकती है। दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
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कोट
कभी धूप तो कभी बारिश से हवा में नमी हो जाती है। इससे बैक्टीरिया, वायरस, फंगल ग्राेथ करते हैं। बच्चों में इम्युनिटी कम होती है। सफाई पर ध्यान नहीं देने, हाथ साफ न कर भोजन करने, बार-बार मुंह में हाथ डालने से छाेटे बच्चे संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। रोटा वायरस के कारण उल्टी-दस्त, पेट दर्द से पीड़ित हो जाते हैं। इस मौसम में सावधानी जरूरी है। बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बीमार होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर उनकी सलाह पर इलाज कराना चाहिए। मेडिकल कॉलेज में सभी सुविधाएं हैं।
-डॉ. एचके मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ व सीएमएस