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समाजवादियों के गढ़ में जमीन तलाश रहे दिग्गज
देवरिया
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:03 PM IST
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हाथ खड़े कर दिए
- फोटो : Amar ujala
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सुधीर श्रीवास्तव
देवरिया। समाजवादियों के गढ़ के रूप में मशहूर देवरिया की धरती विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत के लिए राष्ट्रीय पार्टियों को खूब भा रही हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी हों या फिर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, यहां आकर चुनावी बिगुल फूंक चुके हैं। अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बारी है।
वे 18 सितंबर को पथरदेवा में जदयू का मंडलीय सम्मेलन करेंगे। एक तरह से देखा जाय तो विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल फतह करने की हर दलों की ख्वाहिश है क्योंकि राजनीतिक दृष्टि काफी उर्वर है और यहां से उठने वाली आवाज दूर तलक जाती है। जिले में विधानसभा की सात सीटें हैं। एक-एक सीटें राष्ट्रीय पार्टियों के पास है। बाकी सपा के कब्जे में है।
रुद्रपुर से कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह और देवरिया सदर से भाजपा के जन्मेजय सिंह विधायक हैं। बरहज से प्रेमप्रकाश सिंह, सलेमपुर से मनबोध प्रसाद, भाटपाररानी से आशुतोष उपाध्याय, रामपुरकारखाना से गजाला लारी और पथरदेवा से शाकिर अली सपा से विधायक हैं। फिलहाल, मौजूदा वक्त में ये सपा में ही हैं लेकिन पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर इनकी नजर है। यदि थोड़ा सा भी खेल बिगड़ा तो कई इधर-उधर भी हो सकते हैं। राष्ट्रीय पार्टियों को देवरिया की धरती राजनीतिक रूप से उर्वर लग रही है।
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राहुल गांधी छह सितंबर को रुद्रपुर में खाट सम्मेलन के बाद देवरिया से दिल्ली तक किसान महायात्रा का शुरुआत कर चुके हैं। इसके जरिए वे न सिर्फ पूर्वांचल में कांग्रेस की जमीन मजबूत करने में जुटे हैं बल्कि विधानसभा चुनाव अभियान का आगाज भी कर दिया है। राहुल की यात्रा के नौ दिन बाद भाजपा के कद्दावर नेता और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह 15 सितंबर को देवरिया दौरे पर पहुंचे। मौका था सलेमपुर में पूर्व सांसद स्व. हरिकेवल प्रसाद की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा का।
इसमें जुटी भीड़ से गदगद राजनाथ ने सपा पर तंज कसा और केंद्र सरकार की उपलब्धियों का बखान कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की भरपूर कोशिश की। इतना ही नहीं, अपने भाषण में भोजपुरी भाषा का इस्तेमाल कर पूर्वांचल से होने का अहसास भी कराया।
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देवरिया। समाजवादियों के गढ़ के रूप में मशहूर देवरिया की धरती विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत के लिए राष्ट्रीय पार्टियों को खूब भा रही हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी हों या फिर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, यहां आकर चुनावी बिगुल फूंक चुके हैं। अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बारी है।
वे 18 सितंबर को पथरदेवा में जदयू का मंडलीय सम्मेलन करेंगे। एक तरह से देखा जाय तो विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल फतह करने की हर दलों की ख्वाहिश है क्योंकि राजनीतिक दृष्टि काफी उर्वर है और यहां से उठने वाली आवाज दूर तलक जाती है। जिले में विधानसभा की सात सीटें हैं। एक-एक सीटें राष्ट्रीय पार्टियों के पास है। बाकी सपा के कब्जे में है।
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रुद्रपुर से कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह और देवरिया सदर से भाजपा के जन्मेजय सिंह विधायक हैं। बरहज से प्रेमप्रकाश सिंह, सलेमपुर से मनबोध प्रसाद, भाटपाररानी से आशुतोष उपाध्याय, रामपुरकारखाना से गजाला लारी और पथरदेवा से शाकिर अली सपा से विधायक हैं। फिलहाल, मौजूदा वक्त में ये सपा में ही हैं लेकिन पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर इनकी नजर है। यदि थोड़ा सा भी खेल बिगड़ा तो कई इधर-उधर भी हो सकते हैं। राष्ट्रीय पार्टियों को देवरिया की धरती राजनीतिक रूप से उर्वर लग रही है।
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राहुल गांधी छह सितंबर को रुद्रपुर में खाट सम्मेलन के बाद देवरिया से दिल्ली तक किसान महायात्रा का शुरुआत कर चुके हैं। इसके जरिए वे न सिर्फ पूर्वांचल में कांग्रेस की जमीन मजबूत करने में जुटे हैं बल्कि विधानसभा चुनाव अभियान का आगाज भी कर दिया है। राहुल की यात्रा के नौ दिन बाद भाजपा के कद्दावर नेता और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह 15 सितंबर को देवरिया दौरे पर पहुंचे। मौका था सलेमपुर में पूर्व सांसद स्व. हरिकेवल प्रसाद की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा का।
इसमें जुटी भीड़ से गदगद राजनाथ ने सपा पर तंज कसा और केंद्र सरकार की उपलब्धियों का बखान कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की भरपूर कोशिश की। इतना ही नहीं, अपने भाषण में भोजपुरी भाषा का इस्तेमाल कर पूर्वांचल से होने का अहसास भी कराया।