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Deoria News: सीता ने राम के गले में डाली वरमाला, हुआ जयघोष
Tue, 10 Mar 2026 11:01 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 10 Mar 2026 11:01 PM IST
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देसही देवरिया। सवरेजी खरग गांव स्थित शिव मंदिर पर चल रहे नौ दिवसीय मारुति नंदन महायज्ञ के पांचवें दिन अयोध्या से आए रामलीला मंडली के कलाकारों ने रामलीला का मंचन कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
सवरेजी खरग गांव स्थित शिव मंदिर पर चल रहे महायज्ञ में पांचवें दिन रामलीला मंडली के कलाकारों ने अपने मंचन में दिखाया कि जनकपुर में आयोजित जनक नंदिनी सीता के स्वयंवर में शामिल होने के लिए राजा जनक ने महर्षि विश्वामित्र को बुलावा भेजा। विश्वामित्र राम और लक्ष्मण के साथ जनकपुर पहुंचे। जनक ने आगे बढ़कर महर्षि का सम्मान किया। पूजा के लिए सहेलियों संग बाग में गई सीता की नजर राम पर पड़ी। दोनों एक दूसरे को निहारते नहीं थके। सीता के अंदर राम को पति के रूप में प्राप्त करने की जिज्ञासा पैदा होने लगी। विवाह की लालसा लिए स्वयंवर में पधारे एक-एक राजा और राजकुमार शिवधनुष उठाने का प्रयत्न किए, सफल नहीं हो सके। गुरु की आज्ञा पाकर राम ने धनुष उठा लिया। प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष खंडित हो गया। सीता ने राम के गले में वरमाला डालकर पति के रूप में स्वीकार किया। दोनों एक दूसरे के हो गए। विवाह देख दर्शकों के जयघोष से पंडाल गूंज उठा।
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सवरेजी खरग गांव स्थित शिव मंदिर पर चल रहे महायज्ञ में पांचवें दिन रामलीला मंडली के कलाकारों ने अपने मंचन में दिखाया कि जनकपुर में आयोजित जनक नंदिनी सीता के स्वयंवर में शामिल होने के लिए राजा जनक ने महर्षि विश्वामित्र को बुलावा भेजा। विश्वामित्र राम और लक्ष्मण के साथ जनकपुर पहुंचे। जनक ने आगे बढ़कर महर्षि का सम्मान किया। पूजा के लिए सहेलियों संग बाग में गई सीता की नजर राम पर पड़ी। दोनों एक दूसरे को निहारते नहीं थके। सीता के अंदर राम को पति के रूप में प्राप्त करने की जिज्ञासा पैदा होने लगी। विवाह की लालसा लिए स्वयंवर में पधारे एक-एक राजा और राजकुमार शिवधनुष उठाने का प्रयत्न किए, सफल नहीं हो सके। गुरु की आज्ञा पाकर राम ने धनुष उठा लिया। प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष खंडित हो गया। सीता ने राम के गले में वरमाला डालकर पति के रूप में स्वीकार किया। दोनों एक दूसरे के हो गए। विवाह देख दर्शकों के जयघोष से पंडाल गूंज उठा।
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