{"_id":"5b804b8b42c7924633077442","slug":"sit-asked-quistions-to-helpline-members","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआईटी ने महिला हेल्पलाइन की सदस्यों से की पूछताछ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआईटी ने महिला हेल्पलाइन की सदस्यों से की पूछताछ
deoria
Updated Fri, 24 Aug 2018 11:46 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। बालिका गृह कांड की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार को महिला हेल्पलाइन की सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाया था। पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में काफी देर तक उनसे पूछताछ की गई।
एसआईटी की जांच टीम की सदस्य एसपी पीटीसी मेरठ पूनम और एसपी विजिलेंस मेरठ भारती सिंह ने शुक्रवार को महिला हेल्पलाइन की सदस्यों को आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए तलब किया था। नियत समय पर सभी सदस्य पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में पहुंच गईं। काफी देर तक एसआईटी ने उनसे पूछताछ की। उनसे मिली जानकारी को टीम ने अपनी जांच में शामिल कर लिया है। सोमवार को हाईकोर्ट में जांच रिपोर्ट के साथ जांच अधिकारियों को पेश होना है। इसके लिए एसआईटी पूरी तैयारी में जुटी है। फिलहाल जांच टीम घटना की तह तक पहुंचना चाह रही है।
-----
जिला प्रोबेशन अधिकारी से लिए रिकॉर्ड
देवरिया। एसआईटी ने शुक्रवार को फिर जिला प्रोबेशन अधिकारी को दस्तावेज के साथ बुलाया था। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने मामले से संबंधित सभी कागजात की छायाप्रति एक बार फिर जांच टीम को उपलब्ध कराया है। टीम ने उनसे भी पूछताछ कर कुछ जानकारी जुटाई।
विज्ञापन
बालिकागृह कांड में जिला प्रोबेशन अधिकारी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हीं की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर इस चौंका देने वाले मामले का पर्दाफाश किया। स्टेशन रोड स्थित बालगृृह बालिका में पांच अगस्त की रात छापा मारकर 23 लड़कियों को बरामद किया गया था। मामले ने तूल पकड़ा तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी को जांच के लिए भेजा। तभी से यहां कैंप कर एसआईटी जांच कर रही है। घटना से संबंधित सभी कागजात एसआईटी ने अपने पास ले लिए हैं। संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उसके पति मोहन त्रिपाठी, बेटी कंचनलता और उसके पति सोनू से भी एसआईटी ने पूछताछ की। जिला प्रोबेशन अधिकारी से तो कई बार पूछताछ कर जानकारी ली गई है। शुक्रवार को फिर से जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार से जरूरी कागजात लिए गए।
-----
सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक से भी पूछताछ
देवरिया। एसआईटी ने लड़कियों का मेडिकल रिकॉर्ड रखने से संबंधित लिपिक को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। बालगृह बालिका से बरामद लड़कियों के मेडिकल परीक्षण से संबंधित जानकारी ली। रजिस्टर में लड़कियों का फोटो नहीं लगाने पर टीम ने आपत्ति जाहिर की। साथ ही लिपिक को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती न करें। आखिर किन परिस्थितियों में फोटो चस्पा नहीं हो सका है। लिपिक ने अपनी गलती मानते हुए भविष्य में ऐसा न करने की बात स्वीकारी।
विज्ञापन
एसआईटी की जांच टीम की सदस्य एसपी पीटीसी मेरठ पूनम और एसपी विजिलेंस मेरठ भारती सिंह ने शुक्रवार को महिला हेल्पलाइन की सदस्यों को आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए तलब किया था। नियत समय पर सभी सदस्य पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में पहुंच गईं। काफी देर तक एसआईटी ने उनसे पूछताछ की। उनसे मिली जानकारी को टीम ने अपनी जांच में शामिल कर लिया है। सोमवार को हाईकोर्ट में जांच रिपोर्ट के साथ जांच अधिकारियों को पेश होना है। इसके लिए एसआईटी पूरी तैयारी में जुटी है। फिलहाल जांच टीम घटना की तह तक पहुंचना चाह रही है।
विज्ञापन
-----
जिला प्रोबेशन अधिकारी से लिए रिकॉर्ड
देवरिया। एसआईटी ने शुक्रवार को फिर जिला प्रोबेशन अधिकारी को दस्तावेज के साथ बुलाया था। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने मामले से संबंधित सभी कागजात की छायाप्रति एक बार फिर जांच टीम को उपलब्ध कराया है। टीम ने उनसे भी पूछताछ कर कुछ जानकारी जुटाई।
विज्ञापन
बालिकागृह कांड में जिला प्रोबेशन अधिकारी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हीं की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर इस चौंका देने वाले मामले का पर्दाफाश किया। स्टेशन रोड स्थित बालगृृह बालिका में पांच अगस्त की रात छापा मारकर 23 लड़कियों को बरामद किया गया था। मामले ने तूल पकड़ा तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी को जांच के लिए भेजा। तभी से यहां कैंप कर एसआईटी जांच कर रही है। घटना से संबंधित सभी कागजात एसआईटी ने अपने पास ले लिए हैं। संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उसके पति मोहन त्रिपाठी, बेटी कंचनलता और उसके पति सोनू से भी एसआईटी ने पूछताछ की। जिला प्रोबेशन अधिकारी से तो कई बार पूछताछ कर जानकारी ली गई है। शुक्रवार को फिर से जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार से जरूरी कागजात लिए गए।
-----
सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक से भी पूछताछ
देवरिया। एसआईटी ने लड़कियों का मेडिकल रिकॉर्ड रखने से संबंधित लिपिक को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। बालगृह बालिका से बरामद लड़कियों के मेडिकल परीक्षण से संबंधित जानकारी ली। रजिस्टर में लड़कियों का फोटो नहीं लगाने पर टीम ने आपत्ति जाहिर की। साथ ही लिपिक को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती न करें। आखिर किन परिस्थितियों में फोटो चस्पा नहीं हो सका है। लिपिक ने अपनी गलती मानते हुए भविष्य में ऐसा न करने की बात स्वीकारी।