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उद्यमियों को लोन देने में छह बैंक फिसड्डी
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उद्यमियों को लोन देने में छह बैंक फिसड्डी
देवरिया। बैंक सिर्फ किसानों के मंसूबे पर पानी नहीं फेर रहे बल्कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी पलीता लगा रहे हैं। उद्योग विभाग की ओर से भेजी गई तमाम लोन की फाइलें जिले के अलग-अलग बैंक शाखाओं में महीनों से धूल फांक रही हैं।
लाभार्थी जिला उद्योग और बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। न उन्हें लोन मिल रहा न ही बैंक कर्मचारी देरी का कारण बता रहे हैं। यह लापरवाही ओडीओपी और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को लेकर बरती जा रही है। लोन बांटने के मामले में अब तक जिले के छह बड़े बैंक फिसड्डी साबित हुए हैं।
एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना में सजावटी उत्पाद, रेडिमेड गारमेंट्स को शामिल किया गया है। गौरीबाजार, बनकटा, भाटपाररानी समेत अन्य जगहों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सजावटी सामान बना रही हैं। सदर ब्लॉक और देसहीं में रेडिमेड गारमेंट्स के व्यवसाय में लोग रुचि दिखा रहे हैं। ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषित योजना)के तहत 143 आवेदन जिला उद्योग केंद्र से बैंकों को भेजे गए हैं। जिसमें अब तक 30 लाभार्थियों को लोन मिल पाया है। यही हाल मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का भी है। इसके तहत 144 आवेदन उद्योग विभाग से विभिंन बैंकों को प्रषित हैं। जिसमें महज 12 आवेदन बैंकों ने स्वीकृत किए हैं।
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इनसेट
छह बैंकों में लंबित हैं आवेदन
बैंक का नाम मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना ओडीओपी
एसबीआई प्रेषित लंबित स्वीकृत प्रोषित लंबित स्वीकृत
19 18 0 09 09 0
पूर्वांचल बैंक 20 18 0 49 41 6
पीएनबी 19 17 0 20 17 02
यूनियन बैंक 14 13 0 12 11 01
इलाहाबाद बैंक 05 05 0 1 1 0
सेंट्रल बैंक 36 23 07 39 17 19
ओडीओपी और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के 287 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। जिसमें 42 आवेदन ही स्वीकृत हुए हैं। 243 आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित हैं। सर्वाधिक सुस्ती छह बैंकों की ओर से बरती जा रही है।- केके अमर, उपायुक्त उद्योग।
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देवरिया। बैंक सिर्फ किसानों के मंसूबे पर पानी नहीं फेर रहे बल्कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी पलीता लगा रहे हैं। उद्योग विभाग की ओर से भेजी गई तमाम लोन की फाइलें जिले के अलग-अलग बैंक शाखाओं में महीनों से धूल फांक रही हैं।
लाभार्थी जिला उद्योग और बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। न उन्हें लोन मिल रहा न ही बैंक कर्मचारी देरी का कारण बता रहे हैं। यह लापरवाही ओडीओपी और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को लेकर बरती जा रही है। लोन बांटने के मामले में अब तक जिले के छह बड़े बैंक फिसड्डी साबित हुए हैं।
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एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना में सजावटी उत्पाद, रेडिमेड गारमेंट्स को शामिल किया गया है। गौरीबाजार, बनकटा, भाटपाररानी समेत अन्य जगहों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सजावटी सामान बना रही हैं। सदर ब्लॉक और देसहीं में रेडिमेड गारमेंट्स के व्यवसाय में लोग रुचि दिखा रहे हैं। ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषित योजना)के तहत 143 आवेदन जिला उद्योग केंद्र से बैंकों को भेजे गए हैं। जिसमें अब तक 30 लाभार्थियों को लोन मिल पाया है। यही हाल मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का भी है। इसके तहत 144 आवेदन उद्योग विभाग से विभिंन बैंकों को प्रषित हैं। जिसमें महज 12 आवेदन बैंकों ने स्वीकृत किए हैं।
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छह बैंकों में लंबित हैं आवेदन
बैंक का नाम मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना ओडीओपी
एसबीआई प्रेषित लंबित स्वीकृत प्रोषित लंबित स्वीकृत
19 18 0 09 09 0
पूर्वांचल बैंक 20 18 0 49 41 6
पीएनबी 19 17 0 20 17 02
यूनियन बैंक 14 13 0 12 11 01
इलाहाबाद बैंक 05 05 0 1 1 0
सेंट्रल बैंक 36 23 07 39 17 19
ओडीओपी और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के 287 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। जिसमें 42 आवेदन ही स्वीकृत हुए हैं। 243 आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित हैं। सर्वाधिक सुस्ती छह बैंकों की ओर से बरती जा रही है।- केके अमर, उपायुक्त उद्योग।