{"_id":"618eaf74a35934263161a85d","slug":"sick-deoria-news-gkp416129670","type":"story","status":"publish","title_hn":"पति दस वर्षों से बीमार, अब इकलौते बेटे के गुर्दे खराब, महिला ने इलाज की खातिर डीएम से लगाई मदद की गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पति दस वर्षों से बीमार, अब इकलौते बेटे के गुर्दे खराब, महिला ने इलाज की खातिर डीएम से लगाई मदद की गुहार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पति दस वर्षों से बीमार, अब इकलौते बेटे के गुर्दे खराब, महिला ने इलाज की खातिर डीएम से लगाई मदद की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
देसही देवरिया। बीमार पति को इलाज के लिए दस वर्षों से लेकर दर-दर भटक रही निर्मला देवी का इकलौता बेटा भी अब बीमार हो गया है। उसके दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं। अब निर्मला देवी ने इलाज डीएम से मिलकर मदद की गुहार लगाई है।
देसही देवरिया के कोटवां गांव के रहने वाले मार्कंडेय सिंह पिछले दस वर्षों से गंभीर रोग से पीड़ित हैं। वह चलने में भी असमर्थ हैं। उनकी पत्नी निर्मला देवी उनकी इलाज को लेकर काफी परेशान हैं। वह दिन रात मेहनत मजदूरी करके परिवार को दो वक्त की रोटी बड़ी मुश्किल से जुटा पा रही है। उनकी दो संतानें हैं। बेटी श्रेया (17) और बेटा रविनंदन सिंह (15)। इसी बीच रविनंदन की तबीयत भी खराब हो गई। गोरखपुर में एक चिकित्सक के वहां इलाज कराने के दौरान जांच में पता चला कि रविनंदन के दोनों गुर्दा खराब हो गए हैं। उसका अब डायलिसिस पर चल रहा है। निर्मला देवी ने शुक्रवार को डीएम आशुतोष निरंजन से मिलकर पत्र सौंपकर मदद की गुहार लगाई। महिला का कहना है कि उसके पति के नाम से मात्र पांच कट्ठा खेत हैं। बेंच दे तो बेटी की शादी भी नहीं हो पाएगी। ऐसे में अब अपने बेटे का भी इलाज कैसे कराए। उसने बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई। महिला ने आयुष्मान कार्ड बनवाये जाने की भी मांग की है। निर्मला देवी का कहना है कि पति और अब बेटे की बीमारी ने परिवार को तबाह कर दिया है। उसे कुछ सूझ नहीं रहा की अब क्या करे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देसही देवरिया। बीमार पति को इलाज के लिए दस वर्षों से लेकर दर-दर भटक रही निर्मला देवी का इकलौता बेटा भी अब बीमार हो गया है। उसके दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं। अब निर्मला देवी ने इलाज डीएम से मिलकर मदद की गुहार लगाई है।
देसही देवरिया के कोटवां गांव के रहने वाले मार्कंडेय सिंह पिछले दस वर्षों से गंभीर रोग से पीड़ित हैं। वह चलने में भी असमर्थ हैं। उनकी पत्नी निर्मला देवी उनकी इलाज को लेकर काफी परेशान हैं। वह दिन रात मेहनत मजदूरी करके परिवार को दो वक्त की रोटी बड़ी मुश्किल से जुटा पा रही है। उनकी दो संतानें हैं। बेटी श्रेया (17) और बेटा रविनंदन सिंह (15)। इसी बीच रविनंदन की तबीयत भी खराब हो गई। गोरखपुर में एक चिकित्सक के वहां इलाज कराने के दौरान जांच में पता चला कि रविनंदन के दोनों गुर्दा खराब हो गए हैं। उसका अब डायलिसिस पर चल रहा है। निर्मला देवी ने शुक्रवार को डीएम आशुतोष निरंजन से मिलकर पत्र सौंपकर मदद की गुहार लगाई। महिला का कहना है कि उसके पति के नाम से मात्र पांच कट्ठा खेत हैं। बेंच दे तो बेटी की शादी भी नहीं हो पाएगी। ऐसे में अब अपने बेटे का भी इलाज कैसे कराए। उसने बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई। महिला ने आयुष्मान कार्ड बनवाये जाने की भी मांग की है। निर्मला देवी का कहना है कि पति और अब बेटे की बीमारी ने परिवार को तबाह कर दिया है। उसे कुछ सूझ नहीं रहा की अब क्या करे।
विज्ञापन