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Deoria News: प्रभु के राज्याभिषेक प्रसंग के साथ संपन्न हुई श्रीराम कथा
Mon, 01 Jan 2024 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 01 Jan 2024 12:22 AM IST
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गड़ेर क्षेत्र के बारीपुर प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में चल रही थी नौ दिवसीय श्रीराम कथा
बरहज। गड़ेर क्षेत्र के बारीपुर प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया गया था। रविवार को आखिरी दिन प्रभु के राज्याभिषेक के साथ संगीतमयी श्रीराम कथा की पूर्णाहुति की गई। कथा के आखिरी दिन भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिससे मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल रहा।
कथावाचक राजन जी महाराज ने श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग की कथा का रसपान कराते हुए कहा कि प्रभु के अयोध्या लौटने की जानकारी होने पर नगर को दीप-मालाओं से सजाया गया था। वहीं माता सीता को अग्नि परीक्षा देना पड़ा था। प्रभु राम ने लोगों को राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए कठिन से कठिन घड़ी में नहीं घबराने की सीख दी है।
कथा में प्रभु की सुंदर झांकी सजाई गई थी। प्रभु के राज्याभिषेक में हाथी-घोड़े, तुरहा आदि बुलाए गए थे। भक्तों में प्रसाद वितरण भी किया गया। इस अवसर पर महंथ शिवचरण दास, उत्तराधिकारी गोपाल दास, चंद्रमणि सिंह, पंकज मिश्र, देवेंद्र पाठक, अनिल मिश्र आदि मौजूद रहे।
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बरहज। गड़ेर क्षेत्र के बारीपुर प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया गया था। रविवार को आखिरी दिन प्रभु के राज्याभिषेक के साथ संगीतमयी श्रीराम कथा की पूर्णाहुति की गई। कथा के आखिरी दिन भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिससे मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल रहा।
कथावाचक राजन जी महाराज ने श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग की कथा का रसपान कराते हुए कहा कि प्रभु के अयोध्या लौटने की जानकारी होने पर नगर को दीप-मालाओं से सजाया गया था। वहीं माता सीता को अग्नि परीक्षा देना पड़ा था। प्रभु राम ने लोगों को राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए कठिन से कठिन घड़ी में नहीं घबराने की सीख दी है।
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कथा में प्रभु की सुंदर झांकी सजाई गई थी। प्रभु के राज्याभिषेक में हाथी-घोड़े, तुरहा आदि बुलाए गए थे। भक्तों में प्रसाद वितरण भी किया गया। इस अवसर पर महंथ शिवचरण दास, उत्तराधिकारी गोपाल दास, चंद्रमणि सिंह, पंकज मिश्र, देवेंद्र पाठक, अनिल मिश्र आदि मौजूद रहे।
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