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Deoria News: एसडीएम बोले-मालूम नहीं था मामला पीएम-सीएम से जुड़ा है वरना जेल भेज देते
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जान से मारने की धमकी देने वाले युवक का पुलिस ने किया शांति भंग में चालान, एसडीएम ने मुचलके पर छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पीएम-सीएम को जान से मारने की धमकी देने वाले युवक का पुलिस ने मंगलवार को शांति भंग में चालान किया, तो एसडीएम ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया। बाद में एसडीएम ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम था कि मामला पीएम-सीएम से जुड़ा है वरना आरोपी को जेल भेज देता।
वहीं, इस संबंध में पुलिस का कहना है कि धारा-507 में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं होने की वजह से आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश नहीं किया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी का शांतिभंग में चालान कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
बता दें कि रविवार की रात में शहर की भुजौली काॅलोनी निवासी अरुण कुमार ने फर्जी नाम और पता बताकर डायल 112 पर फोन किया और नौकरी न मिलने के कारण प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। डायल 112 ने मामले को कोतवाल दिनेश मिश्र को बताया। पुलिस ने रात में ही युवक की लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई। सोमवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो उसके असली नाम और पते के बारे में जानकारी मिली। उसकी पहचान गोरखपुर जिले के हरपुरबुदहट थाना क्षेत्र के देवडार गांव निवासी संजय के रूप में हुई। पुलिस ने मामले में दरोगा धर्मेंद्र कुमार की तहरीर पर धार 507 के तहत केस दर्ज कराया। इसके बाद एटीएस ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की।
पूछताछ के बाद पता चला कि युवक ने शराब के नशे में हरकत की थी। मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने आरोपी का शांतिभंग में चालान कर दिया। दोपहर में एसडीएम सदर कोर्ट में पेश किया, जहां शाम को जमानत मिल गई।
पूरे प्रकरण पर नजर डाली जाए तो चूक जरूर हुई है। जिसका आरोपी को फायदा मिल गया। अक्सर देखने को मिलता है कि जब पुलिस शांतिभंग में चालान करती है तो मामला गंभीर होने पर विवेचना केस के बारे में एसडीएम को जानकारी देती है। इस आधार पर जमानत मिलती है या जेल जाना पड़ता है। इस मामले में एसडीएम को जानकारी नहीं दी गई। यही वजह है कि एसडीएम ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया। जब उन्हें इस बाबत पता चला तो आगे से सख्त रवैया अपनाने का कर्मचारियों को निर्देश दिया।
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कोट
मुझे बताया ही नहीं गया कि पीएम और सीएम से जुड़ा मामला है। इस कारण सामान्य बात मानकर मुचलके पर छोड़ दिया। यहां पर निजी मुचलके का ट्रेंड चल रहा है। अगली बार से अधिवक्ताओं से वार्ता कर जमानत पर ही किसी को छोड़ा जाएगा।
- योगेश गौंड़, एसडीएम सदर
-- 507 धारा में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। इस कारण शांतिभंग में चालान किया गया है। पुलिस ने आरोपी से पूरी गहनता से पूछताछ की है। जांच में पता चला कि शराब के नशे में आरोपी ने ऐसा कर दिया था।
- दिनेश कुमार मिश्र, शहर कोतवाल
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डायल 112 पर हर माह आ रही दो हजार फर्जी कॉल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डायल 112 पर हर माह करीब आठ हजार काॅल की जाती है। इसमें दो हजार के करीब फर्जी होती हैं, जो पुलिस के लिए अक्सर जंजाल बन जाती हैं। तरह-तरह की सूचना मिलने पर जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचते है, तो पता चलता है कि ऐसी वारदात नहीं हुई है। गंभीर बात तो यह है कि झूठी सूचना देने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान नहीं है, लेकिन पुलिस अगर मामला हाईप्रोफाइल नहीं है तो केस दर्ज नहीं करती है। इस कारण फर्जी सूचना देने वालों का मनोबल बढ़ रहा है।
डायल 112 पर शायद ही कोई ऐसा दिन होगा, जिस दिन फर्जी सूचना न आती हो। इसमें कभी लूट तो कभी हत्या जैसे संगीन वारदात की भी सूचना होती है। पुलिस के जवान गंभीरता से मामले को लेते हैं, मौके पर पहुंचते हैं तो पता चलता है कि घटना हुई ही नहीं है। इतना नहीं कई बार तो बिजली और रसोई गैस की समस्या का हवाला देकर लोग गुहार लगाते हैं। पति और पत्नी के मामूली झगड़ा होने पर सूचना दे देते हैं।
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केस एक-
भाकियू नेता ने विवाद के बाद दी लूट की झूठी सूचना
जून माह में भाकियू नेता ने ससुराल जाते समय देवरिया-बरहज मार्ग पर कुछ लोगों से विवाद के बाद पुलिस को 1.65 लाख रुपये लूट की सूचना दे दी। बाद में तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। भाकियू नेता को जब कोतवाली लाकर एक घंटे तक पूछताछ की तो मामला फर्जी निकला। मामला कोतवाली से रफादफा हो गया। इस कारण केस दर्ज नहीं हो सका।
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केस नंबर दो-
एसीपी प्रद्युम्न बोल रहा हूं, गोरखनाथ मंदिर उड़ाने की सूचना है
अक्तूबर 2022 में देवरिया के युवक ने गोरखनाथ मंदिर को उड़ाने की झूठी सूचना दी थी। उसने कहा था कि आतंकवादियों द्वारा गोरखनाथ मंदिर को उड़ाने की सूचना है। इससे महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जांच की तो सूचना झूठी निकली। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की पहचान अनंत गुप्ता निवासी सदर कोतवाली क्षेत्र के मेहड़ा पुरवा गांव में रूप में हुई थी।
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केस नंबर तीन
आधी रात को हत्या की सूचना पर पुलिस ने लगाई दौड़
30 अगस्त 2022 को हत्या की एक सूचना पर रुद्रपुर की पुलिस रात भर दौड़ती रही। युवती की हत्या कर सड़क पर शव फेंकने की सूचना मिलते ही लखनऊ से लेकर जिला मुख्यालय तक पुलिस का वायरलेस सेट और मोबाइल घनघनाने लगा। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में रात 11 बजे से सुबह तीन बजे तक पुलिस शव की तलाश में भागती रही। सूचना देने वाला मोबाइल से बार-बार लोकेशन बदलता रहा। चार घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि उस शख्स ने शराब के नशे में पुलिस को गलत सूचना दी थी। झूठी सूचना देने के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चालान कर दिया। उसकी पहचान कोतवाली थाना के महेशपुर गांव का रहने वाले युवक राजेश यादव के रूप में हुई है।
कोट
झूठी सूचना देने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाता है। ऐसे मामलों को पुलिस गंभीरता से लेती है, क्योंकि पुलिस का समय और आर्थिक क्षति दोनों होती है।
- राजेश कुमार, एएसपी
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पीएम-सीएम को जान से मारने की धमकी देने वाले युवक का पुलिस ने मंगलवार को शांति भंग में चालान किया, तो एसडीएम ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया। बाद में एसडीएम ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम था कि मामला पीएम-सीएम से जुड़ा है वरना आरोपी को जेल भेज देता।
वहीं, इस संबंध में पुलिस का कहना है कि धारा-507 में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं होने की वजह से आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश नहीं किया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी का शांतिभंग में चालान कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
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बता दें कि रविवार की रात में शहर की भुजौली काॅलोनी निवासी अरुण कुमार ने फर्जी नाम और पता बताकर डायल 112 पर फोन किया और नौकरी न मिलने के कारण प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। डायल 112 ने मामले को कोतवाल दिनेश मिश्र को बताया। पुलिस ने रात में ही युवक की लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई। सोमवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो उसके असली नाम और पते के बारे में जानकारी मिली। उसकी पहचान गोरखपुर जिले के हरपुरबुदहट थाना क्षेत्र के देवडार गांव निवासी संजय के रूप में हुई। पुलिस ने मामले में दरोगा धर्मेंद्र कुमार की तहरीर पर धार 507 के तहत केस दर्ज कराया। इसके बाद एटीएस ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की।
पूछताछ के बाद पता चला कि युवक ने शराब के नशे में हरकत की थी। मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने आरोपी का शांतिभंग में चालान कर दिया। दोपहर में एसडीएम सदर कोर्ट में पेश किया, जहां शाम को जमानत मिल गई।
पूरे प्रकरण पर नजर डाली जाए तो चूक जरूर हुई है। जिसका आरोपी को फायदा मिल गया। अक्सर देखने को मिलता है कि जब पुलिस शांतिभंग में चालान करती है तो मामला गंभीर होने पर विवेचना केस के बारे में एसडीएम को जानकारी देती है। इस आधार पर जमानत मिलती है या जेल जाना पड़ता है। इस मामले में एसडीएम को जानकारी नहीं दी गई। यही वजह है कि एसडीएम ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया। जब उन्हें इस बाबत पता चला तो आगे से सख्त रवैया अपनाने का कर्मचारियों को निर्देश दिया।
कोट
मुझे बताया ही नहीं गया कि पीएम और सीएम से जुड़ा मामला है। इस कारण सामान्य बात मानकर मुचलके पर छोड़ दिया। यहां पर निजी मुचलके का ट्रेंड चल रहा है। अगली बार से अधिवक्ताओं से वार्ता कर जमानत पर ही किसी को छोड़ा जाएगा।
- योगेश गौंड़, एसडीएम सदर
- दिनेश कुमार मिश्र, शहर कोतवाल
डायल 112 पर हर माह आ रही दो हजार फर्जी कॉल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डायल 112 पर हर माह करीब आठ हजार काॅल की जाती है। इसमें दो हजार के करीब फर्जी होती हैं, जो पुलिस के लिए अक्सर जंजाल बन जाती हैं। तरह-तरह की सूचना मिलने पर जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचते है, तो पता चलता है कि ऐसी वारदात नहीं हुई है। गंभीर बात तो यह है कि झूठी सूचना देने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान नहीं है, लेकिन पुलिस अगर मामला हाईप्रोफाइल नहीं है तो केस दर्ज नहीं करती है। इस कारण फर्जी सूचना देने वालों का मनोबल बढ़ रहा है।
डायल 112 पर शायद ही कोई ऐसा दिन होगा, जिस दिन फर्जी सूचना न आती हो। इसमें कभी लूट तो कभी हत्या जैसे संगीन वारदात की भी सूचना होती है। पुलिस के जवान गंभीरता से मामले को लेते हैं, मौके पर पहुंचते हैं तो पता चलता है कि घटना हुई ही नहीं है। इतना नहीं कई बार तो बिजली और रसोई गैस की समस्या का हवाला देकर लोग गुहार लगाते हैं। पति और पत्नी के मामूली झगड़ा होने पर सूचना दे देते हैं।
केस एक-
भाकियू नेता ने विवाद के बाद दी लूट की झूठी सूचना
जून माह में भाकियू नेता ने ससुराल जाते समय देवरिया-बरहज मार्ग पर कुछ लोगों से विवाद के बाद पुलिस को 1.65 लाख रुपये लूट की सूचना दे दी। बाद में तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। भाकियू नेता को जब कोतवाली लाकर एक घंटे तक पूछताछ की तो मामला फर्जी निकला। मामला कोतवाली से रफादफा हो गया। इस कारण केस दर्ज नहीं हो सका।
केस नंबर दो-
एसीपी प्रद्युम्न बोल रहा हूं, गोरखनाथ मंदिर उड़ाने की सूचना है
अक्तूबर 2022 में देवरिया के युवक ने गोरखनाथ मंदिर को उड़ाने की झूठी सूचना दी थी। उसने कहा था कि आतंकवादियों द्वारा गोरखनाथ मंदिर को उड़ाने की सूचना है। इससे महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जांच की तो सूचना झूठी निकली। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की पहचान अनंत गुप्ता निवासी सदर कोतवाली क्षेत्र के मेहड़ा पुरवा गांव में रूप में हुई थी।
केस नंबर तीन
आधी रात को हत्या की सूचना पर पुलिस ने लगाई दौड़
30 अगस्त 2022 को हत्या की एक सूचना पर रुद्रपुर की पुलिस रात भर दौड़ती रही। युवती की हत्या कर सड़क पर शव फेंकने की सूचना मिलते ही लखनऊ से लेकर जिला मुख्यालय तक पुलिस का वायरलेस सेट और मोबाइल घनघनाने लगा। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में रात 11 बजे से सुबह तीन बजे तक पुलिस शव की तलाश में भागती रही। सूचना देने वाला मोबाइल से बार-बार लोकेशन बदलता रहा। चार घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि उस शख्स ने शराब के नशे में पुलिस को गलत सूचना दी थी। झूठी सूचना देने के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चालान कर दिया। उसकी पहचान कोतवाली थाना के महेशपुर गांव का रहने वाले युवक राजेश यादव के रूप में हुई है।
कोट
झूठी सूचना देने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाता है। ऐसे मामलों को पुलिस गंभीरता से लेती है, क्योंकि पुलिस का समय और आर्थिक क्षति दोनों होती है।
- राजेश कुमार, एएसपी