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ई-लोक अदालत में 60 वादों का निस्तारण

Sun, 01 Nov 2020 10:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 10:45 PM IST
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sattelment of 60 promises in e lok adalat
ई-लोक अदालत में 60 वादों का निस्तारण
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देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को दीवानी न्यायालय सभागार में मोटर दुर्घटना तथा परिवारिक वादों के निस्तारण के लिए ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ अपर जिला जज रजनीश कुमार व अन्य न्यायाधीशों ने फीता काटकर व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान 60 वादों का निस्तारण किया गया।
ई-लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय से दो मोटर दुर्घटना तथा चार अन्य वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें प्रतिकर के रूप में 9,65,000 रुपये की धनराशि पीड़ित पक्षकरों को दिलाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के कुल छह वादों का निस्तारण किया तथा प्रतिकर के रूप में 28,50,000 रुपये की धनराशि पीड़ित पक्षकारों को दिलाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के तीन वादों का निस्तारण किया तथा प्रतिकर के रूप में 34,50,000 रुपये की धनराशि पीड़ित पक्षकारों को दिलाई।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के कुल 13 वादों का निस्तारण कर प्रतिकर के रूप में 65,67,000 रुपये की धनराशि पीड़ित पक्षकारों को दिलाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाश्वत पांडेय ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के पांच वादों का निस्तारण किया तथा प्रतिकर के रूप में 23,02,000 रुपये दिलाए। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के पांच वादों का निस्तारण कर प्रतिकर के रूप में 39,50,000 रुपये की धनराशि पीड़ित पक्षकारों को दिलाई। इसके साथ परिवार न्यायालय से संबंधित लंबित कुल 21 वादों का निस्तारण किया गया। कई जोड़ों में समझौता कराकर उनकी न्यायालय से विदाई की गई। इसमें तस्लीम अंसारी बनाम गुलशन खातून, अंजली सिंह बनाम अनूप कुमार सिंह, जमशेद अंसारी बनाम शबनम खातून, श्वेता सिंह बनाम संदीप सिंह, रूबिना खातून बनाम सफीउल्लाह, सुमन देवी बनाम रामप्रवेश विश्वकर्मा आदि शामिल रहे।
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प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मोहन लाल विश्वकर्मा ने पांच वादों का निस्तारण कर परिवारों को मिलाया। अपर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय अनिरुद्ध कुमार तिवारी ने दो वादों का निस्तारण कर, अपर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार मिश्र ने आठ वादों का निस्तारण कर पति-पत्नी को मिलवाया। अपर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय विष्णु प्रताप सिंह ने पति-पत्नी से संबंधित छह वादों का निस्तारण किया। ई-लोक अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश शिवेंद्र कुमार मिश्र के प्रयास से मोटर दुर्घटना वाद से संबंधित कुल 39 वादों का निस्तारण किया गया तथा पीड़ित पक्षकरों को क्षतिपूर्ति के रूप में दो करोड़ 84 हजार रुपये की धनराशि दिलाई गई। परिवार न्यायालय में पति-पत्नी से संबंधित लंबित 21 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान नोडल अधिकारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेंद्र प्रताप, अधिवक्ता, न्यायालय स्टाफ आदि मौजूद रहे।
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