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Deoria News: भागलपुर में सरयू ने किया खतरे का निशान पार, तटवर्तियों की उड़ी नींद
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- केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा
- भागलपुर में लगातार तीन दिनों से बढ़ रहा पानी, अगले 24 घंटे पानी बढ़ने के आसार
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही भारी बारिश से भागलपुर में सरयू नदी का तेवर तल्ख हो गया है। एक बार फिर सरयू के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरयू का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान को पार कर गया। तुर्तीपार रेगुलेटर पर दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 64.34 मीटर दर्ज किया गया, जबकि नदी का खतरा बिंदु 64.30 मीटर है। नदी में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार वृद्धि हो रही है।
नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कुछ दिनों में रौद्र रूप अख्तियार कर लेगी। नदी का पानी अब रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। नदी तटवर्ती गांवों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, जिससे इन गांवों में हलचल तेज हो गई है। अंदेशा जताई जा रही है कि अगर दो दिनों तक नदी इसी रफ्तार से बढ़ती रही तो दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाएगा।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार नदी 24 घंटे में 16 सेमी की बढ़ोतरी हुई है, और एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। बारिश और नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी में लगातार वृद्धि हो रही है। नदी का जलस्तर एक दिन पहले शनिवार दोपहर 64.18 मीटर दर्ज किया गया था। रविवार दोपहर नदी खतरा निशान 64.30 मीटर को पार करते हुए 64.34 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे के निशान से चार सेमी ऊपर है।
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केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि मैदानी इलाकों और पहाड़ों में हो रही बारिश की वजह से सरयू नदी का पानी बढ़ रहा है। अगले दो दिन तक जलस्तर में वृद्धि होगी। कर्मचारियों को मीटर गेज पर निगरानी रखने को कहा गया है। लखनऊ हेड आफिस को सुबह-शाम सूचना दी जा रही है।
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भागलपुर में सरयू का कटान रोकने के लिए युद्धस्तर पर लगा विभाग
फोटो समाचार.....
-बाढ़ विभाग के कर्मचारी सीमेंट के पाये और ईंट के टुकड़ों से कटान रोकने का कर रहे हैं प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। भागलपुर में सरयू नदी के उतार चढ़ाव के चलते तटवर्ती क्षेत्रों में कटान का खतरा बढ़ गया है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग युद्ध स्तर पर लगा हुआ है। जिन स्थानों पर कटान हो रहा है वहां सीमेंट के पाए व ईंट के टुकड़े और बोरे में बालू भर कर कटान के मुहाने पर गिराए जा रहे हैं, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण दिक्कत हो रही है।
दशकों से हो रहे कटाव को देख करोड़ों रुपये की लागत से भागलपुर-मईल मार्ग और गांवों को बचाने के लिए पांच स्पर बंधे का निर्माण और भागलपुर देवसिया गांव तक बाढ़ विभाग की ओर से तीन जगहों पर कटर लांचिंग पिचिंग कार्य हो चुका है। विभाग का कार्य कहां तक सफल हो पाता है, कटान रुक जाने पर ही चल पाएगा। स्थायी कटानरोधी कार्य मानसून बीत जाने के बाद ही हो पाएगा।
ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि भागलपुर से देवसिया गांव तक बंधे का मरम्मत कार्य कराया गया है। दो परियोजना जल्द ही पूर्ण हुईं है।कटान रोकने के लिए विभाग लगा हुआ है। देवसिया गांव के सामने सीमेंट का पाये यानी परकू पाइन में बोरी में मिट्टी, बालू, ईंट के टुकड़े भरकर कटान रोकने का प्रयास विभाग कर रहा है।
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- भागलपुर में लगातार तीन दिनों से बढ़ रहा पानी, अगले 24 घंटे पानी बढ़ने के आसार
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही भारी बारिश से भागलपुर में सरयू नदी का तेवर तल्ख हो गया है। एक बार फिर सरयू के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरयू का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान को पार कर गया। तुर्तीपार रेगुलेटर पर दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 64.34 मीटर दर्ज किया गया, जबकि नदी का खतरा बिंदु 64.30 मीटर है। नदी में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार वृद्धि हो रही है।
नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कुछ दिनों में रौद्र रूप अख्तियार कर लेगी। नदी का पानी अब रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। नदी तटवर्ती गांवों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, जिससे इन गांवों में हलचल तेज हो गई है। अंदेशा जताई जा रही है कि अगर दो दिनों तक नदी इसी रफ्तार से बढ़ती रही तो दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाएगा।
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केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार नदी 24 घंटे में 16 सेमी की बढ़ोतरी हुई है, और एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। बारिश और नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी में लगातार वृद्धि हो रही है। नदी का जलस्तर एक दिन पहले शनिवार दोपहर 64.18 मीटर दर्ज किया गया था। रविवार दोपहर नदी खतरा निशान 64.30 मीटर को पार करते हुए 64.34 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे के निशान से चार सेमी ऊपर है।
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केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि मैदानी इलाकों और पहाड़ों में हो रही बारिश की वजह से सरयू नदी का पानी बढ़ रहा है। अगले दो दिन तक जलस्तर में वृद्धि होगी। कर्मचारियों को मीटर गेज पर निगरानी रखने को कहा गया है। लखनऊ हेड आफिस को सुबह-शाम सूचना दी जा रही है।
भागलपुर में सरयू का कटान रोकने के लिए युद्धस्तर पर लगा विभाग
फोटो समाचार.....
-बाढ़ विभाग के कर्मचारी सीमेंट के पाये और ईंट के टुकड़ों से कटान रोकने का कर रहे हैं प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। भागलपुर में सरयू नदी के उतार चढ़ाव के चलते तटवर्ती क्षेत्रों में कटान का खतरा बढ़ गया है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग युद्ध स्तर पर लगा हुआ है। जिन स्थानों पर कटान हो रहा है वहां सीमेंट के पाए व ईंट के टुकड़े और बोरे में बालू भर कर कटान के मुहाने पर गिराए जा रहे हैं, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण दिक्कत हो रही है।
दशकों से हो रहे कटाव को देख करोड़ों रुपये की लागत से भागलपुर-मईल मार्ग और गांवों को बचाने के लिए पांच स्पर बंधे का निर्माण और भागलपुर देवसिया गांव तक बाढ़ विभाग की ओर से तीन जगहों पर कटर लांचिंग पिचिंग कार्य हो चुका है। विभाग का कार्य कहां तक सफल हो पाता है, कटान रुक जाने पर ही चल पाएगा। स्थायी कटानरोधी कार्य मानसून बीत जाने के बाद ही हो पाएगा।
ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि भागलपुर से देवसिया गांव तक बंधे का मरम्मत कार्य कराया गया है। दो परियोजना जल्द ही पूर्ण हुईं है।कटान रोकने के लिए विभाग लगा हुआ है। देवसिया गांव के सामने सीमेंट का पाये यानी परकू पाइन में बोरी में मिट्टी, बालू, ईंट के टुकड़े भरकर कटान रोकने का प्रयास विभाग कर रहा है।