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घटने लगा सरयू का जलस्तर, छह स्थानों पर हो रहा कटान
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बरहज थाना घाट स्थित बने मीटर गेज पर खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर बह रही सरयू फोटो संवाद
- फोटो : DEORIA
घटने लगा सरयू का जलस्तर, छह स्थानों पर हो रहा कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज/भागलपुर। सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में घटा है। बरहज में 15 और भागलपुर में 10 सेमी की कमी दर्ज की गई। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर में आई कमी से नदी कटान कर रही है। जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बरहज क्षेत्र में नदी खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर बह रही है। नदी में विलीन कुरह परसियां के पिच मार्ग से पूरब करीब 100 मीटर, पश्चिम संगम तट सहित छह जगहों पर नदी कटान कर रही है। परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन मजरों के अलावा भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नदी के खेतों के रास्ते नौकाटोला, बेलडॉड, कुवाईच टोला, मठियां के रास्ते रामजानकी मार्ग तक पहुंच गई है। नौका टोला के गनेश मणि के सागौन के बागीचे और कपरवार के मठियां स्थित आम के बागीचे तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियों के साथ मवेशियों के लिए चारा का संकट गहरा गया है। एई अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में कमी आई है। जो अच्छा संकेत है। जल्द ही जलस्तर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है। नौकाटोला के रवींद्र मिश्र, ईस मोहम्मद, भूषण यादव आदि का कहना है कि इस बार भारी बारिश और बाढ़ ने फसलों को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। दोबारा बाढ़ आने से रबी की खेती पर भी संकट मंडरा रहा है।
भागलपुर प्रतिनिधि के अनुसार, सप्ताह भर पानी की वृद्धि से मंगलवार को तुर्तीपार रेग्युलेटर पर नदी के जलस्तर में 10 सेमी की कमी दर्ज की गई। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि नदी का जलस्तर कम हो रहा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी की कमी दर्ज की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज/भागलपुर। सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में घटा है। बरहज में 15 और भागलपुर में 10 सेमी की कमी दर्ज की गई। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर में आई कमी से नदी कटान कर रही है। जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बरहज क्षेत्र में नदी खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर बह रही है। नदी में विलीन कुरह परसियां के पिच मार्ग से पूरब करीब 100 मीटर, पश्चिम संगम तट सहित छह जगहों पर नदी कटान कर रही है। परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन मजरों के अलावा भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नदी के खेतों के रास्ते नौकाटोला, बेलडॉड, कुवाईच टोला, मठियां के रास्ते रामजानकी मार्ग तक पहुंच गई है। नौका टोला के गनेश मणि के सागौन के बागीचे और कपरवार के मठियां स्थित आम के बागीचे तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियों के साथ मवेशियों के लिए चारा का संकट गहरा गया है। एई अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में कमी आई है। जो अच्छा संकेत है। जल्द ही जलस्तर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है। नौकाटोला के रवींद्र मिश्र, ईस मोहम्मद, भूषण यादव आदि का कहना है कि इस बार भारी बारिश और बाढ़ ने फसलों को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। दोबारा बाढ़ आने से रबी की खेती पर भी संकट मंडरा रहा है।
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भागलपुर प्रतिनिधि के अनुसार, सप्ताह भर पानी की वृद्धि से मंगलवार को तुर्तीपार रेग्युलेटर पर नदी के जलस्तर में 10 सेमी की कमी दर्ज की गई। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि नदी का जलस्तर कम हो रहा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी की कमी दर्ज की गई है।
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