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Deoria News: फर्जी वरासत मामले में दोषी राजस्व निरीक्षक निलंबित

Sun, 22 Mar 2026 02:05 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 02:05 AM IST
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Revenue inspector suspended for fraudulent inheritance case
सलेमपुर। तहसील क्षेत्र के पड़री गजराज गांव में फर्जी दस्तावेजों के जरिए वरासत दर्ज कराने के मामले में राजस्व निरीक्षक धर्मप्रकाश सिंह को भी निलंबित कर दिया गया। एडीओ पंचायत की शिकायत पर राजस्व निरीक्षक समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद डीएम ने यह कार्रवाई की है। इससे पहले तत्कालीन लेखपाल अजय कुमार यादव को भी जांच में दोषी पाए जाने पर एसडीएम द्वारा निलंबित किया जा चुका है।
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जानकारी के अनुसार, वरासत के लिए आवेदन ग्राम प्रधान इंदू देवी के पति रामप्रताप की ओर से किया गया था। प्रारंभिक जांच में ही इसमें गड़बड़ी पकड़ी गई थी। इस घोटाले की शिकायत इंटर कॉलेज के प्रबंधक शैलेंद्र कुमार सिंह ने 24 फरवरी को डीएम दिव्या मित्तल से की। डीएम के निर्देश पर एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम ने 26 और 27 फरवरी को मौके और अभिलेखों की जांच की। 9 मार्च की जांच रिपोर्ट में वरासत को विवादित बताते हुए लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और आवेदनकर्ता की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
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जांच में बैंक लेनदेन भी संदेह के घेरे में आए हैं। तहरीर के मुताबिक, माया देवी के खाते में रकम आने के बाद 11 जुलाई 2025 को 15 लाख रुपये प्रधानपति रामप्रताप और 8 लाख रुपये सफाईकर्मी रामराज प्रसाद के खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 17 जुलाई को रामराज के खाते से 7 लाख रुपये राहुल प्रताप सिंह के खाते में भेजे गए, जबकि 1 लाख रुपये नकद दिए जाने की भी बात सामने आई है। इसके बाद एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने तत्काल दोषी पाये गए लेखपाल अजय कुमार यादव को निलंबित कर दिया।
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उसके बाद सहायक विकास अधिकारी लार चंद्र प्रकाश मिश्र के शिकायत पर राजस्व निरीक्षक धर्मप्रकाश सिंह, तत्कालीन लेखपाल अजय कुमार यादव, प्रधान पति रामप्रताप, उसके पुत्र राहुल प्रताप सिंह, सफाईकर्मी रामराज प्रसाद और माया देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। आरोप है कि फर्जी कागजात तैयार कर एक महिला के नाम वरासत दर्ज कराई गई और इसके जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है और मामले में आगे और सख्त कदम उठाए जाने के संकेत दिए गए हैं।
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