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Deoria News: ई-पंजीकरण के विरोध में रजिस्ट्री दफ्तर में की तालाबंदी
Fri, 12 Jun 2026 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:17 AM IST
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देवरिया। तहसील बार एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को तहसीलों, निबंधक और उपनिबंधक कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार के नए ई-पंजीकरण मॉड्यूल के विरोध में रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताया।
सदर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुगुल किशोर तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का समूह सदर तहसील से मार्च करते हुए कोतवाली रोड पर रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा। यहां पर सभी अधिवक्ता धरने पर बैठ गए।
अधिवक्ताओं ने आरोप है कि ई-रजिस्ट्री की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन और अधिकृत संस्थाओं के सुपुर्द करने से वसीका नवीस, स्टैंप वेंडर और वकीलों का रोजगार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही इस प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की भूमिका न होने से बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के निष्पादन की आशंका बढ़ जाएगी।
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संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस व्यवस्था को तत्काल वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान मंत्री विजयसेन यादव, राकेश कुमार शाही, राजाराम, राम विलास यादव, अजय कुमार श्रीवास्तव, शशिभूषण पांडेय, कमल मणि त्रिपाठी, अम्बरीष मणि त्रिपाठी, मनोज, रामशरन यादव, विनोद सिंह, केके सिंह, भारत भूषण गुप्ता, अजय कुमार सिंह, वीपी यादव, शिवगोविन्द शर्मा, पंकज सिंह उपस्थित रहे।
रुद्रपुर संवाद के अनुसार तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। वकीलों ने प्रमुख सचिव स्टांप एवं पंजीयन, उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन रजिस्ट्रार को सौंपा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यानंद पांडेय ने कहा कि भूमि बैनामे के ई-पंजीकरण का कार्य कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित कर दिया गया है, जिससे अधिवक्ताओं की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।
कहा कि नई व्यवस्था में त्रुटियों और फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ जाएगी, जिसका खामियाजा किसानों और आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान विनोद पाठक, राजेश्वर मणि, ब्रजबिहारी पांडेय, आनंद सिंह, कृष्णमूर्ति मणि, सत्य प्रकाश गुप्ता, सुधांशु मौली ओझा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। बरहज संवाद के अनुसार तहसील बार संघ अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव और महामंत्री अमरेश यादव के अध्यक्षता में वकीलों ने बैठक किया। उनका कहना था कि महानिरीक्षक निबंधक एवं आयुक्त स्टांप की ओर से चार जून को जारी पत्रक से स्पष्ट है कि रजिस्ट्री व्यवस्था अधिग्रहीत संस्थानों से कराये जाने की साजिश हो रही है। दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर आदि का व्यवसाय समाप्त किया जा रहा है। इसका अधिवक्ताओं ने विरोध किया। मौके पर तहसीलदार अरूण कुमार, पूर्व तहसील बार संघ अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, श्रवण सिंह, उदयराज चौरसिया, चंद्रभान चौरसिया, अम्बिकेश सिंह, नंदकिशोर चौहान आदि माैजूद रहे।
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सदर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुगुल किशोर तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का समूह सदर तहसील से मार्च करते हुए कोतवाली रोड पर रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा। यहां पर सभी अधिवक्ता धरने पर बैठ गए।
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अधिवक्ताओं ने आरोप है कि ई-रजिस्ट्री की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन और अधिकृत संस्थाओं के सुपुर्द करने से वसीका नवीस, स्टैंप वेंडर और वकीलों का रोजगार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही इस प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की भूमिका न होने से बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के निष्पादन की आशंका बढ़ जाएगी।
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संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस व्यवस्था को तत्काल वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान मंत्री विजयसेन यादव, राकेश कुमार शाही, राजाराम, राम विलास यादव, अजय कुमार श्रीवास्तव, शशिभूषण पांडेय, कमल मणि त्रिपाठी, अम्बरीष मणि त्रिपाठी, मनोज, रामशरन यादव, विनोद सिंह, केके सिंह, भारत भूषण गुप्ता, अजय कुमार सिंह, वीपी यादव, शिवगोविन्द शर्मा, पंकज सिंह उपस्थित रहे।
रुद्रपुर संवाद के अनुसार तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। वकीलों ने प्रमुख सचिव स्टांप एवं पंजीयन, उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन रजिस्ट्रार को सौंपा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यानंद पांडेय ने कहा कि भूमि बैनामे के ई-पंजीकरण का कार्य कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित कर दिया गया है, जिससे अधिवक्ताओं की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।
कहा कि नई व्यवस्था में त्रुटियों और फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ जाएगी, जिसका खामियाजा किसानों और आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान विनोद पाठक, राजेश्वर मणि, ब्रजबिहारी पांडेय, आनंद सिंह, कृष्णमूर्ति मणि, सत्य प्रकाश गुप्ता, सुधांशु मौली ओझा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। बरहज संवाद के अनुसार तहसील बार संघ अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव और महामंत्री अमरेश यादव के अध्यक्षता में वकीलों ने बैठक किया। उनका कहना था कि महानिरीक्षक निबंधक एवं आयुक्त स्टांप की ओर से चार जून को जारी पत्रक से स्पष्ट है कि रजिस्ट्री व्यवस्था अधिग्रहीत संस्थानों से कराये जाने की साजिश हो रही है। दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर आदि का व्यवसाय समाप्त किया जा रहा है। इसका अधिवक्ताओं ने विरोध किया। मौके पर तहसीलदार अरूण कुमार, पूर्व तहसील बार संघ अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, श्रवण सिंह, उदयराज चौरसिया, चंद्रभान चौरसिया, अम्बिकेश सिंह, नंदकिशोर चौहान आदि माैजूद रहे।