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Deoria News: दंत मरीजों को आरसीटी के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर

Thu, 01 Feb 2024 03:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Thu, 01 Feb 2024 03:12 AM IST
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rct fecility iin medical college
मेडिकल कॉलेज में दस मरीजों को मिलेगा हर रोज आरसीटी का लाभ
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फोटो

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में दांत के मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ी हैं। आरसीटी के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके शुरू होने से काफी सहूलियत होगी। अब पांच सौ रुपये में ही उनका इलाज हो सकेगा, जबकि निजी अस्पतालों में इसके लिए तीन से चार हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इससे हर रोज करीब आठ से दस मरीजों को लाभ होगा।

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के दंत विभाग की ओपीडी में हर रोज करीब सौ मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। दांत में दर्द, इंफेक्शन, सड़न सहित अन्य बीमारी से पीड़ित पहुंचे हैं। पहले दांत निकालने, सफाई करने सहित कुछ अन्य उपचार ही होते थे, जिससे मरीजों को परेशानी होती थी। उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था।
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मेडिकल कॉलेज में संसाधन बढ़ रहे हैं। अब मरीजों को रूट केनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) की सुविधा मिलने लगी है। इस बीमारी के प्रतिदिन करीब 30 मरीज आते हैं। असिस्टेंट प्रो. अफसाना अंसारी, एसआर डॉ. गौरव जायसवाल, डॉ. रेनू सिंह, जेआर डॉ. सौरभ व डॉ. तेजस्वी रेश्मी मरीजों का इलाज करती हैं। डॉक्टरों की टीम प्रतिदिन आठ से दस मरीजों की आरसीटी कर दर्द से राहत देने का कार्य कर रही है।
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अब दांत की खराब नस को बदल कर नकली नस लगाई जा रही है। इससे नुकसान नहीं होता है। वहीं, मसाला जीआईसी, जो एंटी बैक्टीरियल होता है तथा कंपोजेंट भरा जाता है। इसे ब्लू लाइट से सेट किया जाता है। इससे कोई नुकसान नहीं होता है।
डॉ. रेनू सिंह ने बताया कि मुंह में बैक्टीरिया होती है। खाने की चीज लंबे समय तक फंसने और सफाई ठीक से न होने पर कार्बोहाइड्रेट की परत बैठती है। इसे बैक्टीरिया सड़ाती है। पहले इन आर्गेनिक पार्ट कैल्सियम को खराब करता है। फिर आर्गेनिक पार्ट खराब करता है। सड़न से नस तक पहुंच कर प्रभावित करता है। इससे दर्द व सूजन हो जाता है। समय पर इलाज, नकली नस लगाकर दांत बचाया जाता है।

ठंड का असर लाेगों की सेहत पर पड़ रहा है
इस मौसम में दांत के रोगी भी बढ़ गए हैं। मेडिकल कॉलेज के दंत विभाग में इन दिनों दांत के दर्द, आरसीटी, पायरिया, हाइपर सेंसटेविटी के अधिक मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा ठंड के मौसम में कोहरा के कारण रोड ट्रैफिक एक्सीटेंड के केस भी आ रहे हैं। इसमें दुर्घटना में लोगों के जबड़े में दिक्कत आ जाती है।

दांत का आरबीजी शुरू
मेडिकल कॉलेज में रेडियो विजियोग्राॅफी (आरबीजी) की सुविधा भी मरीजों को मिलनी शुरू हो गई है। इससे डायग्नोसिस और इलाज करने में आसानी हो गई है। इसके चालू होने से मरीजों को सहूलियत मिल रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच के लिए आरबीजी कराई जाती है। इससे दांत के मसूड़ा, नसों के बारे में जानकारी होती है। इससे डायग्नोसिस तथा इलाज कराने में आसानी होती है। पहले इसके लिए मरीजों को बाहर से कराना पड़ता था। जहां करीब 200 रुपये कीमत चुकानी पड़ती थी। दंत विभाग में जांच शुरू होने से मरीजों को मात्र 50 रुपये शुल्क चुकाना पड़ता है।

कोट
दंत विभाग में आरबीजी तथा आरसीटी की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे मरीजों को सहूलियत हो रही है। आने वाले दिनों में ओपीजी सहित अन्य जांच भी होने लगेगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, देवरिया
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